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किसानों की सेहत पर ठंड का असर, दहिया खाप के पूर्व प्रधान समेत 40 अस्पताल में भर्ती
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए डटे किसानों की सेहत ठंड के कारण बिगड़ने लगी है। तीन दिनों से ठंड अचानक बढ़ गई है। रात के समय कोहरा पड़ने के साथ ही पारा गिरकर 6 डिग्री से नीचे आ गया है। ऐसे में यहां किसानों की सेहत पर असर पड़ने लगा है।
पंजाब से आकर कुंडली बॉर्डर पर डटे किसानों के समर्थन में 10 दिन से धरनास्थल पर डटे दहिया खाप के पूर्व कार्यकारी प्रधान विजेंद्र उर्फ ढिल्लू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। ठंड के कारण खाप नेता को बुखार, उल्टी व खांसी ने घेर लिया है। साथ ही टिकरी बॉर्डर व सिंघु बार्डर पर लगातार दौरा कर रहे सर्वखाप प्रवक्ता सूबे सिंह समैण की तबीयत भी खराब है। इसके अलावा धरनारत किसानों में से करीब 40 किसानों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। इनमें से दर्जनभर तो पीजीआई रोहतक में ही उपचाराधीन हैं। इसके अलावा अब तक 400 से ज्यादा किसान बीमार हो चुके हैं, जिन्हें धरनास्थल पर ही दवाएं वितरित की जा रही हैं।
कुंडली धरनास्थल पर अब चेकअप बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। किसानों के जमावड़े पर अलग-अलग 25 जगह मेडिकल चेकअप बूथ लगाए गए हैं। बुजुर्गों के लिए फुट मसाज का प्रबंध भी किया गया है। कुंडली बार्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है और 25 हजार से ज्यादा किसान यहां मौजूद हैं। 17 दिनों से किसानों का आंदोलन यहां चल रहा है और लगातार किसान अलग-अलग तरीके से विरोध कर रहे हैं। अब ठंड उनके लिए परेशानी बन सकती है। दो दिन पहले सुबह के समय बूंदाबांदी भी हुई थी। इसके अलावा शुक्रवार व शनिवार रात और रविवार सुबह कोहरा बारिश की बूंदों की तरह बरसा है। रात का तापमान गिरकर अब 6 डिग्री पर जा पहुंचा है। बेशक किसानों के पास गर्म कपड़े लगातार पहुंचाए जा रहे हैं, लेकिन बुजुर्ग किसानों की इसके बावजूद परेशानी बढ़ रही है।
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वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम किसानों की सेहत पर नजर रखे हुए है। धरनास्थल पर चेकअप बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है तो वहीं लगातार बुखार व खांसी की दवाएं वितरित की जा रही है। सैकड़ों किसानों की जांच कराई जा रही है। कई किसानों की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। ठंड के बीच किसानों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी सोनीपत।
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पंजाब से आकर कुंडली बॉर्डर पर डटे किसानों के समर्थन में 10 दिन से धरनास्थल पर डटे दहिया खाप के पूर्व कार्यकारी प्रधान विजेंद्र उर्फ ढिल्लू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। ठंड के कारण खाप नेता को बुखार, उल्टी व खांसी ने घेर लिया है। साथ ही टिकरी बॉर्डर व सिंघु बार्डर पर लगातार दौरा कर रहे सर्वखाप प्रवक्ता सूबे सिंह समैण की तबीयत भी खराब है। इसके अलावा धरनारत किसानों में से करीब 40 किसानों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। इनमें से दर्जनभर तो पीजीआई रोहतक में ही उपचाराधीन हैं। इसके अलावा अब तक 400 से ज्यादा किसान बीमार हो चुके हैं, जिन्हें धरनास्थल पर ही दवाएं वितरित की जा रही हैं।
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कुंडली धरनास्थल पर अब चेकअप बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। किसानों के जमावड़े पर अलग-अलग 25 जगह मेडिकल चेकअप बूथ लगाए गए हैं। बुजुर्गों के लिए फुट मसाज का प्रबंध भी किया गया है। कुंडली बार्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है और 25 हजार से ज्यादा किसान यहां मौजूद हैं। 17 दिनों से किसानों का आंदोलन यहां चल रहा है और लगातार किसान अलग-अलग तरीके से विरोध कर रहे हैं। अब ठंड उनके लिए परेशानी बन सकती है। दो दिन पहले सुबह के समय बूंदाबांदी भी हुई थी। इसके अलावा शुक्रवार व शनिवार रात और रविवार सुबह कोहरा बारिश की बूंदों की तरह बरसा है। रात का तापमान गिरकर अब 6 डिग्री पर जा पहुंचा है। बेशक किसानों के पास गर्म कपड़े लगातार पहुंचाए जा रहे हैं, लेकिन बुजुर्ग किसानों की इसके बावजूद परेशानी बढ़ रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम किसानों की सेहत पर नजर रखे हुए है। धरनास्थल पर चेकअप बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है तो वहीं लगातार बुखार व खांसी की दवाएं वितरित की जा रही है। सैकड़ों किसानों की जांच कराई जा रही है। कई किसानों की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। ठंड के बीच किसानों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी सोनीपत।