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किसान आंदोलन को समर्थन देने 51 पूर्व विधायक पहुंचे कुंडली बॉर्डर
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कुंडली धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए जारी धरनास्थल पर सोमवार को प्रदेश के 51 पूर्व विधायक समर्थन करने के लिए पहुंचे। पूर्व विधायक एसोसिएशन हरियाणा के नेतृत्व में पहुंचे पूर्व विधायकों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और सरकार किसानों को एमएसपी पर गारंटी दे। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है और वह इनका समर्थन करते हैं। उन्होंने एसोसिएशन की तरफ से किसान नेताओं को समर्थन पत्र भी सौंपा है।
पूर्व विधायक एसोसिएशन, हरियाणा के अध्यक्ष बहादुरगढ़ से पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की अगुवाई में सोमवार को पूर्व विधायक व एसोसिएशन के महासचिव रामबीर सिंह, प्रवक्ता रणसिंह मान, रामपाल माजरा, राजरानी पूनम, अशोक अरोड़ा, नरेंद्र सांगवान, रणबीर मंदौला, कर्नल रघुबीर छिल्लर, दिल्लूराम बाजीगर, सुलतान सिंह जंडौला, रेखा राणा, भागीराम, श्याम सिंह राणा, रमेश गुप्ता, भाग सिंह छातर, बलबीर सिंह ग्रेवाल, लहरी सिंह, डॉ. वीरेंद्र पाल, सूबे सिंह पूनिया, सोमबीर सिंह, गुरदयाल सिंह सैनी समेत 51 पूर्व विधायक यहां पहुंचे थे। उन्होंने पहले राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में एकत्रित होकर सभा की और इसके बाद में धरनास्थल पर पहुंच कर किसानों को समर्थन पत्र सौंपा।
एसोसिएशन के प्रवक्ता रण सिंह मान ने कहा कि किसानों की सहमति होनी चाहिए। उन पर कानून थोपना गलत है। सरकार को चाहिए था कि कानून बनाने से पहले किसान संगठनों से भी राय लेती और फिर कानून बनाती। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों का मानना है कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर लाभ देती। किसान लगातार आंदोलनरत हैं। ऐसे में उनके संगठन ने किसानों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। सरकार को चाहिए कि जल्द किसानों की मांगों को पूरा किया जाए।
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पूर्व विधायक एसोसिएशन, हरियाणा के अध्यक्ष बहादुरगढ़ से पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की अगुवाई में सोमवार को पूर्व विधायक व एसोसिएशन के महासचिव रामबीर सिंह, प्रवक्ता रणसिंह मान, रामपाल माजरा, राजरानी पूनम, अशोक अरोड़ा, नरेंद्र सांगवान, रणबीर मंदौला, कर्नल रघुबीर छिल्लर, दिल्लूराम बाजीगर, सुलतान सिंह जंडौला, रेखा राणा, भागीराम, श्याम सिंह राणा, रमेश गुप्ता, भाग सिंह छातर, बलबीर सिंह ग्रेवाल, लहरी सिंह, डॉ. वीरेंद्र पाल, सूबे सिंह पूनिया, सोमबीर सिंह, गुरदयाल सिंह सैनी समेत 51 पूर्व विधायक यहां पहुंचे थे। उन्होंने पहले राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में एकत्रित होकर सभा की और इसके बाद में धरनास्थल पर पहुंच कर किसानों को समर्थन पत्र सौंपा।
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एसोसिएशन के प्रवक्ता रण सिंह मान ने कहा कि किसानों की सहमति होनी चाहिए। उन पर कानून थोपना गलत है। सरकार को चाहिए था कि कानून बनाने से पहले किसान संगठनों से भी राय लेती और फिर कानून बनाती। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों का मानना है कि केंद्र सरकार को चाहिए था कि वह किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर लाभ देती। किसान लगातार आंदोलनरत हैं। ऐसे में उनके संगठन ने किसानों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। सरकार को चाहिए कि जल्द किसानों की मांगों को पूरा किया जाए।
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