भारी न पड़ जाए नाराजगी : कोरोना वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे किसान, चार दिन में केवल 291 का टीकाकरण
हरियाणा में कुंडली बॉर्डर पर धरना देकर बैठे किसान पहले कोरोना जांच नहीं करा रहे थे, वहीं अब वह कोरोना वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने किसानों को वैक्सीन लगाने के लिए धरनास्थल पर कैंप भी लगाया, लेकिन चार दिन में केवल 291 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है और उनमें आसपास के रहने वाले लोग भी शामिल हैं।
शहर में लगाए गए कैंप में केवल एक ही दिन में इतने लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि किसानों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है और वहां जल्द ही ज्यादा से ज्यादा किसानों को वैक्सीन लगा दी जाएगी।
कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे 44 के कुंडली बॉर्डर पर जब किसानों ने धरना शुरू किया था, उस समय कोरोना तेजी से बढ़ रहा था। उसके बावजूद धरनास्थल पर बैठने वाले किसान जांच नहीं करा रहे थे, जबकि प्रतिदिन करीब एक हजार किसानों को जुकाम व खांसी के साथ ही बुखार हो रहा था। अब कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हुई है तो उसके लिए भी किसान आगे नहीं आ रहे हैं।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, जगजीत सिंह दल्लेवाल समेत अन्य कई पहले ही कोरोना वैक्सीन न लगवाने की बात कह चुके थे। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने धरनास्थल के पास कैंप लगाया, जिससे किसानों को कोरोना वैक्सीन लगवाई जा सके। वहां कैंप चार दिन पहले लगाया गया था और इन चार दिनों में केवल 291 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है।
इसमें भी सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें आसपास के रहने वाले लोग भी शामिल हैं। जबकि शहर में लगाए जाने वाले कैंप में एक ही दिन में 250 से 300 लोग कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं। इस तरह प्रशासन को किसानों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करना होगा।
देश में कोई कोरोना नहीं है तो हम लोगों को वैक्सीन लगवाने की कोई जरूरत ही नहीं है। मैं पहले भी बता चुका हूं कि मैं वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा। अगर सरकार को किसानों की इतनी ही चिंता है तो वह कृषि कानून रद्द करके हमदर्दी दिखाए। इस तरह से वैक्सीन के नाम पर हमदर्दी की किसानों को जरूरत नहीं है। - गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष भाकियू
किसानों को वैक्सीन लगाने के लिए धरनास्थल के पास कैंप लगाया हुआ है। जहां वैक्सीन लगवाने के लिए किसान पहुंच रहे हैं। किसानों को समझाया जा रहा है कि यह उनके लिए फायदेमंद है और उनको कोरोना वैक्सीन लगवानी चाहिए। - डॉ. नीरज यादव, नोडल अधिकारी कोरोना वैक्सीन टीकाकरण