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किसानों का दिल्ली कूच : 12 दिन बाद राहत, हाईवे पर सर्विस रोड खोलने का काम शुरू
Sat, 24 Feb 2024 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:39 PM IST
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सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर रखे कंटेनरों में भरी मिट्टी निकालता बुलडोजर। संवाद
सोनीपत/राई। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की तरफ से 13 फरवरी को दिल्ली कूच के आह्वान को लेकर शंभू बॉर्डर पर बनी टकराव की स्थिति के बाद बंद किए गए कुंडली-सिंघु बॉर्डर को आखिरकार 12 दिन बाद खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि अभी सिर्फ सर्विस रोड (संपर्क मार्ग) की दो लेन खोली जा रही है। इसके लिए बुलडोजर से सीमेंटेड दीवार को तोड़ा जा रहा है। कंटेनर खाली कर हटाए गए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों के साथ ही उद्योगपतियों व अन्य को बड़ी राहत मिलेगी।
अवरोधक हटाने का काम जारी है, लेकिन सीमेंटेड अवरोधक उखाड़ने में समय लग रहा है। किसान आंदोलन-2 के दौरान दिल्ली कूच का एलान कर पंजाब के किसान 13 फरवरी को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे। वहां से दिल्ली कूच के प्रयास में किसानों का सुरक्षा बलों के साथ टकराव हो गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। किसानों के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचने की आशंका व शंभू बॉर्डर के हालात देखकर पुलिस प्रशासन ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को अभेद बना डाला था। यहां पर सात लेयर की सुरक्षा खड़ी कर दी थी। फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से को अवरोधकों, सीमेंट के पत्थरों व कंटेनरों से भर दिया गया था।
साथ ही फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ सर्विस रोड को लोहे, पत्थर के अवरोधकों से बंद करते हुए बीच में सीमेंट की मोटी दीवार बना दी थी। इससे बॉर्डर को पार करना पैदल जाने वाले लोगों के लिए भी मुसीबत बन गया था। राहगीरों को अवरोधक व सीमेंटेड दीवार कूदकर जोखिम उठाते हुए आवागमन करना पड़ रहा था। किसानों ने फिलहाल दिल्ली कूच को 29 फरवरी तक टाल दिया है। बताया जा रहा है कि किसानों व सरकार के बीच वार्ता सफल रहने की उम्मीद बंधी है। इसके बाद पुलिस व प्रशासन ने थोड़ी राहत देने का मन बनाया है। दिल्ली पुलिस ने फ्लाईओवर के नीचे पत्थर के अवरोधकों के बीच भरी सीमेंट को तोडऩे का काम शनिवार को शाम चार बजे शुरू करवा दिया। दीवार को बुलडोजर की मदद से तोड़ा जा रहा है। साथ ही तीन कंटेनर से मिट्टी निकालकर उन्हें हटाया गया है। हालांकि दो कंटेनर अभी रखे हैं। रविवार को दोनों तरफ की सर्विस लेन को खोल देने की उम्मीद है।
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सीमेंटेड दीवार तोड़ने में आ रही दिक्कत
फ्लाईओवर के नीचे पानीपत-दिल्ली सर्विस लेन पर बनाई गई सीमेंटेड दीवार को तोडऩे का काम किया जा रहा है। अवरोधकों को हटाया जा रहा है। फिलहाल पैदल आवागमन में भी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं व बच्चों को होती है, जो ऊंचे अवरोधकों व सीमेंटेड दीवार से कूदने में चोटिल तक हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने अभी सर्विस लेन को ही खोलने का निर्णय लिया है, जबकि बाकी सभी लेन को खोलने का निर्णय 29 फरवरी के बाद बनने वाली स्थिति पर निर्भर करेगा।
संपर्क मार्गों से निकल रहे वाहन
कुंडली-सिंघु बॉर्डर सील होने के कारण फिलहाल सफियाबाद नरेला रोड, जांटी रोड व दहिसरा रोड के जरिये दिल्ली आवागमन हो रहा है। इन संपर्क मार्गों से बेहद लंबा फेर लगाने के बाद गंतव्य तक पहुंचा जा रहा है। कामकाजी लोगों को काफी परेशानी हो रही है तो वहीं, उद्योगों में कच्चा माल लाने व तैयार ले जाने में भी बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार रोजाना कुंडली व आसपास के उद्योगों को 20 से 25 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अब जबकि सर्विस लेन खोले जा रहे हैं और उद्योगपतियों ने भी राहत की सांस ली है। साथ ही विद्यार्थियों को भी राहत मिल सकेगी।
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अवरोधक हटाने का काम जारी है, लेकिन सीमेंटेड अवरोधक उखाड़ने में समय लग रहा है। किसान आंदोलन-2 के दौरान दिल्ली कूच का एलान कर पंजाब के किसान 13 फरवरी को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे। वहां से दिल्ली कूच के प्रयास में किसानों का सुरक्षा बलों के साथ टकराव हो गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। किसानों के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचने की आशंका व शंभू बॉर्डर के हालात देखकर पुलिस प्रशासन ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को अभेद बना डाला था। यहां पर सात लेयर की सुरक्षा खड़ी कर दी थी। फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से को अवरोधकों, सीमेंट के पत्थरों व कंटेनरों से भर दिया गया था।
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साथ ही फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ सर्विस रोड को लोहे, पत्थर के अवरोधकों से बंद करते हुए बीच में सीमेंट की मोटी दीवार बना दी थी। इससे बॉर्डर को पार करना पैदल जाने वाले लोगों के लिए भी मुसीबत बन गया था। राहगीरों को अवरोधक व सीमेंटेड दीवार कूदकर जोखिम उठाते हुए आवागमन करना पड़ रहा था। किसानों ने फिलहाल दिल्ली कूच को 29 फरवरी तक टाल दिया है। बताया जा रहा है कि किसानों व सरकार के बीच वार्ता सफल रहने की उम्मीद बंधी है। इसके बाद पुलिस व प्रशासन ने थोड़ी राहत देने का मन बनाया है। दिल्ली पुलिस ने फ्लाईओवर के नीचे पत्थर के अवरोधकों के बीच भरी सीमेंट को तोडऩे का काम शनिवार को शाम चार बजे शुरू करवा दिया। दीवार को बुलडोजर की मदद से तोड़ा जा रहा है। साथ ही तीन कंटेनर से मिट्टी निकालकर उन्हें हटाया गया है। हालांकि दो कंटेनर अभी रखे हैं। रविवार को दोनों तरफ की सर्विस लेन को खोल देने की उम्मीद है।
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सीमेंटेड दीवार तोड़ने में आ रही दिक्कत
फ्लाईओवर के नीचे पानीपत-दिल्ली सर्विस लेन पर बनाई गई सीमेंटेड दीवार को तोडऩे का काम किया जा रहा है। अवरोधकों को हटाया जा रहा है। फिलहाल पैदल आवागमन में भी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं व बच्चों को होती है, जो ऊंचे अवरोधकों व सीमेंटेड दीवार से कूदने में चोटिल तक हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने अभी सर्विस लेन को ही खोलने का निर्णय लिया है, जबकि बाकी सभी लेन को खोलने का निर्णय 29 फरवरी के बाद बनने वाली स्थिति पर निर्भर करेगा।
संपर्क मार्गों से निकल रहे वाहन
कुंडली-सिंघु बॉर्डर सील होने के कारण फिलहाल सफियाबाद नरेला रोड, जांटी रोड व दहिसरा रोड के जरिये दिल्ली आवागमन हो रहा है। इन संपर्क मार्गों से बेहद लंबा फेर लगाने के बाद गंतव्य तक पहुंचा जा रहा है। कामकाजी लोगों को काफी परेशानी हो रही है तो वहीं, उद्योगों में कच्चा माल लाने व तैयार ले जाने में भी बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार रोजाना कुंडली व आसपास के उद्योगों को 20 से 25 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अब जबकि सर्विस लेन खोले जा रहे हैं और उद्योगपतियों ने भी राहत की सांस ली है। साथ ही विद्यार्थियों को भी राहत मिल सकेगी।

सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर रखे कंटेनरों में भरी मिट्टी निकालता बुलडोजर। संवाद