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किसानों का दिल्ली कूच : चढूनी व टिकैत गुट नहीं शामिल
Wed, 07 Feb 2024 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 07 Feb 2024 11:22 PM IST
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सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के 18 किसान संगठनों की तरफ से 13 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा की है। हालांकि इस बार किसान नेता राकेश टिकैत व गुरनाम सिंह चढूनी गुट ने आंदोलन में शामिल नहीं होने की बात कही है। दोनों गुट संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल है, जबकि आंदोलन करने वाले बाकी संगठन बाद में बने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के सदस्य हैं। सोनीपत से अभिमन्यु कुहाड़ के नेतृत्व में किसान नौजवान यूनियन इस आंदोलन का हिस्सा रहेगी।
युवाओं के हित में नहीं दिल्ली कूच : मलिक खाप
मलिक (गठवाला) खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष दादा बलजीत मलिक ने कहा है कि किसान संगठनों का दिल्ली कूच का आह्वान हरियाणा के युवाओं के हित में नहीं है। यहां के युवा पथभ्रष्ट न हों और किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने किसान संगठनों को कहा कि वह अपना आंदोलन पंजाब या दिल्ली में करें, लेकिन यहां न आएं। यहां के लोग किसान संगठनों का कोई सहयोग नहीं करेंगे।
चढूनी गुट बोला - यह आंदोलन हमारा नहीं, एसकेएम कर चुका
भारतीय किसान यूनियन के चढूनी गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, युवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पहल ने कहा कि यह आंदोलन हमारा नहीं है। उनके संगठन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। न ही उन्हें किसी तरह के निर्देश मिले हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा इसे लेकर पहले ही मना कर चुका है। एसकेएम 16 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्रीय हड़ताल और ग्रामीण बंद का समर्थन करने की घोषणा कर चुका है।
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मुरथल ब्लॉक के सरपंचों की ली बैठक
किसानों के दिल्ली कूच मामले में मुरथल ब्लॉक के सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय में पुलिस प्रशासन से बैठक की है। जिसमें शांति बनाने में मदद को लेकर चर्चा की गई। इसमें किसान नेताओं से मिलकर मामले का शांतिपूर्ण ढंग से समाधान निकालने के प्रयास करने को कहा है।
किसान संगठनों से यहां से दिल्ली जाने की घोषणा की
किसान संगठनों ने हरियाणा में प्रवेश के लिए पंजाब की तीन सीमाओं को चुना है। इनमें अंबाला के शंभू बॉर्डर, खनौरी जींद बॉर्डर और डबवाली बॉर्डर शामिल हैं। पंजाब के किसान इन तीन सीमाओं से हरियाणा में प्रवेश करते हुए दिल्ली जाएंगे।
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युवाओं के हित में नहीं दिल्ली कूच : मलिक खाप
मलिक (गठवाला) खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष दादा बलजीत मलिक ने कहा है कि किसान संगठनों का दिल्ली कूच का आह्वान हरियाणा के युवाओं के हित में नहीं है। यहां के युवा पथभ्रष्ट न हों और किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने किसान संगठनों को कहा कि वह अपना आंदोलन पंजाब या दिल्ली में करें, लेकिन यहां न आएं। यहां के लोग किसान संगठनों का कोई सहयोग नहीं करेंगे।
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चढूनी गुट बोला - यह आंदोलन हमारा नहीं, एसकेएम कर चुका
भारतीय किसान यूनियन के चढूनी गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, युवा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पहल ने कहा कि यह आंदोलन हमारा नहीं है। उनके संगठन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है। न ही उन्हें किसी तरह के निर्देश मिले हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा इसे लेकर पहले ही मना कर चुका है। एसकेएम 16 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्रीय हड़ताल और ग्रामीण बंद का समर्थन करने की घोषणा कर चुका है।
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मुरथल ब्लॉक के सरपंचों की ली बैठक
किसानों के दिल्ली कूच मामले में मुरथल ब्लॉक के सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय में पुलिस प्रशासन से बैठक की है। जिसमें शांति बनाने में मदद को लेकर चर्चा की गई। इसमें किसान नेताओं से मिलकर मामले का शांतिपूर्ण ढंग से समाधान निकालने के प्रयास करने को कहा है।
किसान संगठनों से यहां से दिल्ली जाने की घोषणा की
किसान संगठनों ने हरियाणा में प्रवेश के लिए पंजाब की तीन सीमाओं को चुना है। इनमें अंबाला के शंभू बॉर्डर, खनौरी जींद बॉर्डर और डबवाली बॉर्डर शामिल हैं। पंजाब के किसान इन तीन सीमाओं से हरियाणा में प्रवेश करते हुए दिल्ली जाएंगे।