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किसानों का पंजाब में महापंचायत नहीं करने का फैसला, बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान

Wed, 17 Feb 2021 01:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 01:02 AM IST
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Farmers decide not to hold mahapanchayat in Punjab, call to reach border
कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर सर छोटूराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते किसान संगठनों के नेता। ? - फोटो : Sonipat
पंजाब के किसानों के 32 संगठनों ने मंगलवार को बैठक कर फैसला लिया कि पंजाब में फिलहाल कोई महापंचायत नहीं होगी और वहां महापंचायतों को तत्काल बंद करने के लिए कहा गया है। उनका मानना है कि पंजाब में अभी इस तरह की पंचायतों की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही किसान नेताओं ने कहा कि युवा संगठनों के अलावा जितने भी किसान नेता महापंचायत व गांवों में पंचायत कर रहे हैं, वह पंजाब व दिल्ली के बॉर्डर पर पक्के मोर्चों को मजबूत करने के लिए वहां पहुंचें। किसान परिवारों से आह्वान किया गया कि जिनके परिजन लापता हैं या जेल में बंद हैं, वह किसान मोर्चा को बताएं। जिससे उनके मुकदमे लड़ने के लिए वकीलों से बातचीत कर आगे पैरवी शुरू हो सके।
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कुंडली बॉर्डर के धरनास्थल पर पंजाब के किसानों के 32 संगठनों की बैठक हुई। जहां आंदोलन आगे कैसे चलाया जाए इसकी रणनीति को लेकर चर्चा की गई। इसमें रेल रोकने को लेकर भी चर्चा की गई। किसान नेता बूटा सिंह, राजिंदर सिंह, दीप सिंह वाला, बलदेव सिंह निहालगढ़ व भोग सिंह मानसा आदि ने कहा कि फिलहाल पंजाब में पंचायत और महापंचायतों पर तत्काल रोक लगा दी गई है। उन्होंने पंजाब के किसानों व युवा संगठनों को समर्थन कर रहे दूसरे अन्य संगठनों से अपील करते हुए कहा कि पंजाब में आंदोलन अपने चरम पर है, ऐसे में यहां महापंचायत करने का कोई मतलब नहीं बनता है। किसान अपना समय बर्बाद करने की जगह पक्के मोर्चों पर पहुंचें। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लंबा चलेगा, क्योंकि सरकार का रुख सही नहीं है। उन्होंने युवाओं व संगठनों का आह्वान किया कि वह टीकरी, सिंघु बॉर्डर या गाजीपुर पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूत करें। उन्होंने 18 के रेल रोको अभियान को लेकर कहा कि केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए यह अभियान पूरे देश में होगा। यह भ्रम इस बार सरकार को निकल जाएगा कि यह पंजाब या हरियाणा का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चा के निर्णय के अनुसार ही आंदोलन को चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रचार हो रहा है कि पहले के मुकाबले मोर्चे बंदी कमजोर हो रही है। किसान संगठनों ने दावा किया कि पहले से यहां किसानों की संख्या बढ़ी है।
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कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर किसानों ने मनाई छोटूराम की जयंती
कुंडली धरनास्थल पर किसानों ने सर छोटूराम की जयंती मनाई। जहां उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और किसानों के हित में किए गए सर छोटूराम के कार्यों के बारे में बताया गया। भाकियू अंबावता के महासचिव शमशेर दहिया, आंतिल खाप के प्रधान हवा सिंह आंतिल ने कहा कि सर छोटूराम ने किसानों के उत्थान के लिए जितने कार्य किए हैं, उतने कार्य कोई नहीं कर सकता है।
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