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Sonipat News: किसानों ने किया औचंदी बॉर्डर से नई दिल्ली तक पैदल मार्च का आह्वान
Tue, 12 Nov 2024 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 12 Nov 2024 02:10 AM IST
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खरखौदा (सोनीपत)। हरियाणा व दिल्ली के किसानों ने 13 नवंबर को औचंदी बार्डर से राजघाट, नई दिल्ली तक पैदल मार्च का आह्वान किया है। यह मार्च भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के तत्वावधान में एचटी लाइन के विरोध में पिछले एक साल से चल रहे आंदोलन के तहत किया जा रहा है। किसानों की मांग है कि एचटी लाइन से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिले, जिसमें पोल के क्षेत्र का बाजार मूल्य पर दो सौ और रास्ते का अधिकार (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र का 80 फीसदी मुआवजा मांगा जा रहा है।
धरनारत किसानों का कहना है कि आरओडब्ल्यू के चलते किसानों की एक-एक एकड़ जमीन प्रभावित हो रही है, जिसमें खेती के अलावा कोई अन्य कार्य संभव नहीं है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि एचटी लाइन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में जानमाल की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया जाए।
मोर्चे के उपाध्यक्ष जगबीर सिंह का कहना है कि किसान अपनी इस मांग को लेकर एक वर्ष से आंदोलन को औचंदी बाॅर्डर पर जारी रखे हुए हैं, लेकिन उचित सुनवाई नहीं हो रही। धरनारत किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगों पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ रहा है। 13 नवंबर को सुबह आठ बजे औचंदी बाॅर्डर से हजारों किसान पैदल मार्च करेंगे। कुछ किसान 12 नवंबर की शाम को ही औचंदी गांव पहुंच जाएंगे।
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धरनारत किसानों का कहना है कि आरओडब्ल्यू के चलते किसानों की एक-एक एकड़ जमीन प्रभावित हो रही है, जिसमें खेती के अलावा कोई अन्य कार्य संभव नहीं है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि एचटी लाइन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में जानमाल की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया जाए।
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मोर्चे के उपाध्यक्ष जगबीर सिंह का कहना है कि किसान अपनी इस मांग को लेकर एक वर्ष से आंदोलन को औचंदी बाॅर्डर पर जारी रखे हुए हैं, लेकिन उचित सुनवाई नहीं हो रही। धरनारत किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगों पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ रहा है। 13 नवंबर को सुबह आठ बजे औचंदी बाॅर्डर से हजारों किसान पैदल मार्च करेंगे। कुछ किसान 12 नवंबर की शाम को ही औचंदी गांव पहुंच जाएंगे।
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