{"_id":"67856ee691244c1d0f023a1d","slug":"farmer-organizations-took-out-a-procession-burnt-copies-of-the-new-agricultural-market-policy-sonipat-news-c-197-1-snp1003-130748-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: किसान संगठनों ने निकाला जुलूस, नई कृषि बाजार नीति की प्रतियां जलाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: किसान संगठनों ने निकाला जुलूस, नई कृषि बाजार नीति की प्रतियां जलाई
Tue, 14 Jan 2025 01:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 14 Jan 2025 01:35 PM IST
विज्ञापन
फोटो 03: सोनीपत के पंचायत भवन में जुलूस के रूप में निकलते किसान संगठनों के पदाधिकारी। संवाद
सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर छोटूराम चौक पर नई कृषि बाजार नीति की प्रतियां जलाई। इससे पहले पदाधिकारियों ने पंचायत भवन से लेकर छोटूराम चौक तक जुलूस निकाला। उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संयुक्त किसान माेर्चा के जिला कमेटी सदस्य ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े पूंजीपति वर्ग को बाजार देने के लिए नई बाजार कृषि नीति ला रही है। पहले 13 माह तक चले किसान आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गई थी। उस आंदोलन के दबाव में सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर हुई थी। एमएसपी को कानूनी गारंटी देने का आश्वासन देने वाली सरकार आज मुकर रही है। एमएसपी की मांग को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 48 दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई बातचीत नहीं की है। ऐसी स्थिति में देश के किसान व मजदूरों के सामने आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है। अब कृषि व्यापार को भी पूंजीपति वर्ग के नियंत्रण में करने के लिए सरकार नई कृषि नीति ला रही है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 जनवरी को देश के हर जिले में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, किसान सभा, भाकियू (टिकैत), किसान मजदूर पंचायत, भारतीय किसान पंचायत के प्रतिनिधि शामिल रहे। इनमें कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी, राजसिंह दलाल, भगत सिंह, कामरेड हरिप्रकाश, राजकुमार राणा, अधिवक्ता कपिल देव, जसविंद्र, रणबीर मलिक, जयभगवान, वेदसिंह, शीलकराम मलिक, बिजेंद्र दहिया, देवेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संयुक्त किसान माेर्चा के जिला कमेटी सदस्य ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े पूंजीपति वर्ग को बाजार देने के लिए नई बाजार कृषि नीति ला रही है। पहले 13 माह तक चले किसान आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो गई थी। उस आंदोलन के दबाव में सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर हुई थी। एमएसपी को कानूनी गारंटी देने का आश्वासन देने वाली सरकार आज मुकर रही है। एमएसपी की मांग को लेकर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 48 दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई बातचीत नहीं की है। ऐसी स्थिति में देश के किसान व मजदूरों के सामने आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है। अब कृषि व्यापार को भी पूंजीपति वर्ग के नियंत्रण में करने के लिए सरकार नई कृषि नीति ला रही है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 जनवरी को देश के हर जिले में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, किसान सभा, भाकियू (टिकैत), किसान मजदूर पंचायत, भारतीय किसान पंचायत के प्रतिनिधि शामिल रहे। इनमें कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी, राजसिंह दलाल, भगत सिंह, कामरेड हरिप्रकाश, राजकुमार राणा, अधिवक्ता कपिल देव, जसविंद्र, रणबीर मलिक, जयभगवान, वेदसिंह, शीलकराम मलिक, बिजेंद्र दहिया, देवेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन