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युवक को तीन घंटे प्राइवेट अस्पतालों में लेकर भटकते रहे परिजन, दम तोड़ा

Sun, 25 Apr 2021 11:25 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 11:25 PM IST
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Families wandering with the young man in private hospitals for three hours, died
सोनीपत। इलाज नहीं मिलने के कारण रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी एक युवक की मौत हो गई। छाती में दर्द होने पर परिजन उसे रविवार तड़के करीब तीन बजे अस्पताल लेकर पहुंचे। इस दौरान किसी ने भी उसे कोरोना बताकर भर्ती नहीं किया। परिजन करीब तीन घंटे तक उसे लेकर कई अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे। इस दौरान उन्होंने उसकी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट भी दिखाई। इसके बाद परिजन करीब छह बजे उसे सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। आखिरकार सिस्टम से हारकर तड़प-तडपकर उसकी मौत हो गई।
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कोरोना काल में अस्पतालों में बुरा हाल हो चुका है और सामान्य मरीजों का उपचार नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी जान दांव पर लगी है। ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी कृष्ण गर्ग के बेटे शुभम गर्ग (24 वर्ष) को कुछ दिन पहले बुखार होने पर कोरोना जांच कराई तो वह संक्रमित मिला। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज खानपुर में भर्ती कराया गया। जहां 22 अप्रैल की शाम को दोबारा जांच में निगेटिव रिपोर्ट आने पर उसे घर भेज दिया गया। शनिवार रात शुभम की छाती में अचानक दर्द होने लगा तो परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर गए। जहां प्राथमिक उपचार दिया गया और उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा मिलने पर हृदय संबंधी बीमारी बताकर फिजिशियन को दिखाने की सलाह दी गई। उसके बाद परिजन उसको पांच प्राइवेट अस्पताल में लेकर भटकते रहे, जिनमें से चार ने तो उसे देखने तक से इनकार कर दिया, वहीं, बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में शुभम को कोरोना बताकर उपचार नहीं किया गया। रविवार तड़के करीब 3 बजे से सुबह 6 बजे तक वह दर्द से तड़पता रहा और किसी ने उसका उपचार नहीं किया।
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पिता बोला- अस्पतालों में बुरे हालात, हे सरकार, ऐसा किसी के साथ न हो
अपने बेटे को खोने वाले कृष्ण गर्ग ने कहा कि अगर किसी भी अस्पताल में उनके बेटे का उपचार किया जाता तो उनका बेटा बच जाता। लेकिन कोरोना नहीं होने के बावजूद उनके बेटे को उपचार नहीं दिया गया। वह कई अस्पतालों में भटकते रहे। उन्होंने कहा कि हर कोई उनको टालता रहा। हे सरकार, ऐसा किसी के साथ न हो।
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