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Sonipat News: छह माह से खत्म थे फैक्टर, शिकायत करने पर मंगवाए
Wed, 18 Jun 2025 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 18 Jun 2025 01:14 AM IST
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फोटो 02: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में फैक्टर लगवाते हीमोफीलिया के मरीज। संवाद
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में हीमोफीलिया के मरीजों को लगाया जाने वाला फैक्टर छह माह से खत्म था। शिकायत करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फैक्टर मंगवाकर लगाने शुरू कर दिया है। अब मरीजों को इसके लिए पीजीआई रोहतक या दिल्ली के अस्पतालों में नहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों की परेशानी को देखते हुए सात लाख रुपये से हीमोफीलिया के फैक्टर-8 खरीदा गया है।
जिले में हीमोफीलिया के 52 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 90 फीसदी यानी करीब 47 मरीज फैक्टर-8 के हैं। उन्हें समय-समय पर अस्पताल पहुंचकर हीमोफीलिया की दवा लेने के साथ ही इंजेक्शन लगवाना पड़ता है।
मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक उन्हें डोज दी जाती है। सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन मरीजों को मुफ्त लगाए जाते हैं। अगर बाजार से यह इंजेक्शन खरीदे जाएं तो बहुत महंगे पड़ते हैं। बाजार में इंजेक्शन की एक डोज लगभग 12 हजार रुपये की है। जिला अस्पताल में नवंबर 2024 से फैक्टर-8 की कमी थी। ऐसे में यहां के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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हीमाेफीलिया वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मरीजों ने एकत्रित होकर सिविल सर्जन को शिकायत दी थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सात लाख रुपये से हीमोफीलिया के फैक्टर-8 और 9 को खरीदा है। सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना ने कहा कि अब हीमोफीलिया के मरीजों को फैक्टर लगवाने के लिए दूसरे जिले या प्रदेश में नहीं जाना पड़ेगा।
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जिले में हीमोफीलिया के 52 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 90 फीसदी यानी करीब 47 मरीज फैक्टर-8 के हैं। उन्हें समय-समय पर अस्पताल पहुंचकर हीमोफीलिया की दवा लेने के साथ ही इंजेक्शन लगवाना पड़ता है।
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मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक उन्हें डोज दी जाती है। सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन मरीजों को मुफ्त लगाए जाते हैं। अगर बाजार से यह इंजेक्शन खरीदे जाएं तो बहुत महंगे पड़ते हैं। बाजार में इंजेक्शन की एक डोज लगभग 12 हजार रुपये की है। जिला अस्पताल में नवंबर 2024 से फैक्टर-8 की कमी थी। ऐसे में यहां के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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हीमाेफीलिया वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले मरीजों ने एकत्रित होकर सिविल सर्जन को शिकायत दी थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सात लाख रुपये से हीमोफीलिया के फैक्टर-8 और 9 को खरीदा है। सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना ने कहा कि अब हीमोफीलिया के मरीजों को फैक्टर लगवाने के लिए दूसरे जिले या प्रदेश में नहीं जाना पड़ेगा।