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Sonipat News: बायो एनर्जी में शोध आधारित समाधानों पर जोर

Mon, 03 Feb 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 03 Feb 2025 12:21 AM IST
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Emphasis on research based solutions in bio energy
फोटो संख्या:51-- ज्ञान कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार, शिक्षक ए
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के माइक्रो बायोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित 17 वें ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन अकादमी नेटवर्क (ज्ञान) कार्यक्रम का समापन हो गया। 27 शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। ऊर्जा स्रोत के रूप में बायोफ्यूल की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बायो एनर्जी में शोध आधारित समाधानों पर जोर दिया। विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के डीन प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता भी आयोजन की सराहना करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भावी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को सशक्त बनाने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। कार्यशाला में प्रो. सुरेंद्र सिंह ने कोर्स समन्वयक की भूमिका निभाई।
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प्रो. विकास बेनीवाल, प्रो. गुंजन गोयल, डॉ. जितेंद्र कुमार सैनी, डॉ. पूजा यादव, डॉ. अविजीत प्रामाणिक और डॉ. विनोद यादव ने आयोजन समिति के सदस्यों के रूप में सक्रिय भागीदारी की। प्रो. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इसमें डॉ. गर्फ्रिड जुंगमाइयर ने बायोफ्यूल्स की वैश्विक स्थिति और बायोमास से एथेनॉल उत्पादन की प्रक्रिया पर चर्चा की।
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सीएसआईआर-आईआईपी के डॉ. जसविंद्र सिंह और आईसीजीईबी नई दिल्ली के डॉ. शिरीष श्रीवास्तव आदि ने भी विचार व्यक्त किए। डॉ. जितेंद्र कुमार सैनी ने लिग्नोसेलुलोसिक बायो रिफाइनरी में अवरोधकों को कम करने के विभिन्न पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। प्रो. विकास बेनीवाल ने सेल्यूलेज एंजाइमों के आकलन पर केंद्रित व्याख्यान दिया। कार्यशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान बायोफ्यूल के जीवन चक्र विश्लेषण में उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर और डेटाबेस की जानकारी से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त समूह कार्य एवं परीक्षा के माध्यम से प्रतिभागियों की सीखने की क्षमता और सामूहिक समस्या समाधान कौशल का मूल्यांकन किया गया।
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