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Sonipat News: बिजली आपूर्ति की व्यवस्था 15 दिन में ही बिगड़ी
Mon, 16 Oct 2023 12:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 16 Oct 2023 12:11 PM IST
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फोटो 25. कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लाइन की मरम्मत करते बिजली कर्मी। स्रोत: बिजली निगम
सोनीपत। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद से 19 केवीए से ज्यादा क्षमता के डीजल जनरेटर चलाने पर पूरी तरह से पाबंदी है। इसको लेकर उद्योगों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति के प्रबंध किए गए हैं, लेकिन ये प्रबंध 15 दिनों में ही दम तोड़ गए। उद्योगों में बिजली के लंबे कट लगने लगे हैं। इससे उत्पादन में गिरावट आई है। रविवार को शटडाउन कर बिजली के 8 फीडरों पर एक साथ मरम्मत की गई। ऐसे में पूरा दिन बिजली गायब रही। उद्योग नहीं चल पाए। उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। अलग-अलग क्षेत्र में सुबह 8 बजे से बिजली के कट लगने शुरू हो गए थे जो शाम 6 बजे तक जारी रहे।
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में 3000 से ज्यादा फैक्टरियां हैं। उद्योगपतियों की माने तो 8 सितंबर से लगातार 6-7 घंटे की बिजली कटौती हो रही है। ऐसे में उनको जनरेटर चलाकर माल तैयार करना पड़ रहा था। 1 अक्तूबर से ग्रैप लागू होने के बाद से 19 केवीए से ज्यादा क्षमता के जनरेटर नहीं चल रहे हैं। उद्योगपति काफी समय से 24 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे थे। बिजली कट लगने के कारण 15 दिन से उद्योग में उत्पादन पर असर पड़ा है। उद्योगपतियों की बढ़ती समस्या को देखते हुए बिजली निगम ने 8 फीडरों की मरम्मत कार्य करने के लिए रविवार को बिजली के कट लगाने पड़े। बिजली के दिनभर कट होने होने की जानकारी मिलते ही कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों का संचालन रविवार को बंद रखने का निर्णय एक दिन पहले ही उद्योगपतियों ने ले लिया था।
बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए मांग की जा रही थी। शनिवार को कुंडली में पहुंचे उपायुक्त से भी बिजली दुरुस्त कराने की मांग की थी। बिजली निगम के शेड्यूल के मुताबिक रविवार को दिनभर मरम्मत कार्य चला। जिसकी वजह से फैक्टरियों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। जिससे उत्पादन भी पर असर पड़ा और उद्योगपतियों को भी नुकसान झेलना पड़ा।
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सुभाष गुप्ता, डायरेक्टर, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न लाइनों की मरम्मत के लिए परमिट लिया गया। जिसकी वजह से फैक्टरियों में बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। लाइनों की मरम्मत के बाद औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति शुरू करने का प्रयास रहेगा। जिससे उद्योगपतियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
सतीश गोयत, उपमंडल अभियंता, बिजली निगम
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कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में 3000 से ज्यादा फैक्टरियां हैं। उद्योगपतियों की माने तो 8 सितंबर से लगातार 6-7 घंटे की बिजली कटौती हो रही है। ऐसे में उनको जनरेटर चलाकर माल तैयार करना पड़ रहा था। 1 अक्तूबर से ग्रैप लागू होने के बाद से 19 केवीए से ज्यादा क्षमता के जनरेटर नहीं चल रहे हैं। उद्योगपति काफी समय से 24 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे थे। बिजली कट लगने के कारण 15 दिन से उद्योग में उत्पादन पर असर पड़ा है। उद्योगपतियों की बढ़ती समस्या को देखते हुए बिजली निगम ने 8 फीडरों की मरम्मत कार्य करने के लिए रविवार को बिजली के कट लगाने पड़े। बिजली के दिनभर कट होने होने की जानकारी मिलते ही कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों का संचालन रविवार को बंद रखने का निर्णय एक दिन पहले ही उद्योगपतियों ने ले लिया था।
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बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए मांग की जा रही थी। शनिवार को कुंडली में पहुंचे उपायुक्त से भी बिजली दुरुस्त कराने की मांग की थी। बिजली निगम के शेड्यूल के मुताबिक रविवार को दिनभर मरम्मत कार्य चला। जिसकी वजह से फैक्टरियों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। जिससे उत्पादन भी पर असर पड़ा और उद्योगपतियों को भी नुकसान झेलना पड़ा।
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सुभाष गुप्ता, डायरेक्टर, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न लाइनों की मरम्मत के लिए परमिट लिया गया। जिसकी वजह से फैक्टरियों में बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। लाइनों की मरम्मत के बाद औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति शुरू करने का प्रयास रहेगा। जिससे उद्योगपतियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
सतीश गोयत, उपमंडल अभियंता, बिजली निगम

फोटो 25. कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली लाइन की मरम्मत करते बिजली कर्मी। स्रोत: बिजली निगम