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चुनावी चौपाल : हुक्के की गुड़गुड़ाहट पर सियासी रणभूमि के पल-पल बदलते हालातों पर हो रही चर्चा
Sat, 14 Sep 2024 06:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 14 Sep 2024 06:52 AM IST
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फोटो 33- सोनीपत के गन्नौर के गांव गढ़ी केसरी में हुक्के पर चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
गन्नौर। प्रदेश में 5 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रत्याशी मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए पसीना बहा रहे हैं। वहीं मतदाता भी विभिन्न दलों के नेताओं को दिल की कसौटी में परखने में जुटे हैं। देहात के साथ शहर में भी चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है। शहर में चाय की दुकान, चौपाल में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ सिर्फ चुनाव की ही चर्चा रहती है कि कौन किस पर भारी पड़ेगा। हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ चुनावी चटकारे लेते हुए सियासी रणभूमि के पल-पल बदलते हालात पर मतदाता खूब चर्चा कर रहे हैं।
गांव गढ़ी केसरी शहर के बीचों बीच है और चुनाव में प्रत्याशियों का सबसे ज्यादा ध्यान इसी गांव पर रहता है। गढ़ी केसरी में हुक्के पर लोग सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। गढ़ी केसरी निवासी संदीप त्यागी, मुकेश त्यागी, कपिल त्यागी, विकास त्यागी, बलबीर कौशिक, नरेश शर्मा, ब्रह्मदत्त त्यागी, राजबीर त्यागी व कुमेश त्यागी ने बताया कि कुछ प्रत्याशी चुनाव में जीत को लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लुभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी स्थानीय मुद्दे व विकास की बात न कर जातिगत मुद्दे की बात कर रहे हैं, लेकिन इस बार मतदाता भी हर कदम सोच समझकर कर रख रहे हैं।
मतदाताओं का कहना है कि समर्थन और वोट उसी प्रत्याशी को मिलेगा, जो जनता को चुनावी वादों में बहकाने की बजाय रोजगार देने, महंगाई दूर करने व बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा जैसे मुद्दों के लिए काम करने का भरोसा देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है, कोई भी प्रत्याशी महंगाई, शिक्षा व बेराेजगारी पर कोई बात नहीं कर रहा। सिर्फ बड़ी बातें कर मतदाताओं को लुभाने का काम कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के राजकीय स्कूल में पूरा स्टाफ तक नहीं हैं और न ही विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं हैं। इसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। आम आदमी को निजी स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है, जबकि राजकीय स्कूल में सुविधाएं नहीं है। प्रत्याशियों को चाहिए कि वह स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दें।
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गांव गढ़ी केसरी शहर के बीचों बीच है और चुनाव में प्रत्याशियों का सबसे ज्यादा ध्यान इसी गांव पर रहता है। गढ़ी केसरी में हुक्के पर लोग सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। गढ़ी केसरी निवासी संदीप त्यागी, मुकेश त्यागी, कपिल त्यागी, विकास त्यागी, बलबीर कौशिक, नरेश शर्मा, ब्रह्मदत्त त्यागी, राजबीर त्यागी व कुमेश त्यागी ने बताया कि कुछ प्रत्याशी चुनाव में जीत को लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लुभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी स्थानीय मुद्दे व विकास की बात न कर जातिगत मुद्दे की बात कर रहे हैं, लेकिन इस बार मतदाता भी हर कदम सोच समझकर कर रख रहे हैं।
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मतदाताओं का कहना है कि समर्थन और वोट उसी प्रत्याशी को मिलेगा, जो जनता को चुनावी वादों में बहकाने की बजाय रोजगार देने, महंगाई दूर करने व बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा जैसे मुद्दों के लिए काम करने का भरोसा देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है, कोई भी प्रत्याशी महंगाई, शिक्षा व बेराेजगारी पर कोई बात नहीं कर रहा। सिर्फ बड़ी बातें कर मतदाताओं को लुभाने का काम कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के राजकीय स्कूल में पूरा स्टाफ तक नहीं हैं और न ही विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं हैं। इसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। आम आदमी को निजी स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है, जबकि राजकीय स्कूल में सुविधाएं नहीं है। प्रत्याशियों को चाहिए कि वह स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दें।