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Sonipat News: जिले के 420 स्कूलों में चला शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम, जांची व्यवस्थाएं
Thu, 19 Dec 2024 10:10 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 19 Dec 2024 10:10 PM IST
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सोनीपत। राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की बुनियाद मजबूत करने के उद्देश्य से वीरवार को जिले के 420 प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम चलाया गया। इसके अंतर्गत गठित की गई टीमों ने निर्धारित स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर व अन्य व्यवस्थाएं जांची। अधिकतर स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर मिली, जबकि कुछ में खामियां मिली हैं। अधिकारियों ने मिली खामियों को दूर करने के लिए बैठक कर उचित सुझाव दिए। अधिकारियों ने जांच के बाद दिए गए लिंक पर अपनी रिपोर्ट अपलोड कर मुख्यालय भेजी हैं।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर सुधारने के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) व प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) कार्यक्रम चलाए हुए हैं। निपुण कार्यक्रम में पहली से पांचवीं कक्षा को शामिल किया गया है। विभाग के कार्यक्रमों का विद्यार्थियों को कितना लाभ मिला है, यह जांचने के लिए प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत सभी खंडों के बीईओ, सीआरसी हैड, एबीआरसी, बीआरपी व प्राचार्य को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एक स्कूल में एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर भेजा गया। अधिकारी प्रार्थना सभा में ही स्कूल में पहुंच गए थे और स्कूल की छुट्टी होने तक स्कूलों में ही रहकर व्यवस्थाओं की जांच की।
विद्यार्थियों से पूछे सवाल
शिक्षा अधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से विषय संबंधित प्रश्न पूछे। शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके और विद्यार्थियों की कॉपियों की जांच की गई। विद्यालय की सफाई व्यवस्था, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं, शौचालयों व पेयजल की व्यवस्था, स्कूल को मिली ग्रांट के खर्च का ब्योरा, शिक्षकों की उपस्थिति, हाजिरी रजिस्टर व अन्य व्यवस्थाएं जांची गई। अधिकतर स्कूलों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर मिली।
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बैठक कर बताएं खामियां सुधार के तरीके
स्कूलों में व्यवस्थाओं की जांच के बाद दोपहर को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) सदस्यों के साथ बैठक की गई। इसमें मुख्याध्यापक भी मौजूद रहे। बैठक में स्कूल की कमियां बताई गई साथ ही सुधार के लिए सुझाव भी दिए गए। एसएमसी सदस्यों से भी व्यवस्था बेहतर करने के उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। सभी अधिकारियों ने पर्यवेक्षण की रिपोर्ट दिए गए लिंक पर मुख्यालय को भेज दी है।
-
जिले की 420 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हर स्कूल में एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्होंने पूरा दिन स्कूल में रहकर व्यवस्थाओं की जांच की और दिए गए लिंक पर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। कार्यक्रम बेहतर तरीके से संपन्न हुआ है। अधिकतर स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर मिली हैं।
- रचना बाना, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर सुधारने के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) व प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) कार्यक्रम चलाए हुए हैं। निपुण कार्यक्रम में पहली से पांचवीं कक्षा को शामिल किया गया है। विभाग के कार्यक्रमों का विद्यार्थियों को कितना लाभ मिला है, यह जांचने के लिए प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत सभी खंडों के बीईओ, सीआरसी हैड, एबीआरसी, बीआरपी व प्राचार्य को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एक स्कूल में एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर भेजा गया। अधिकारी प्रार्थना सभा में ही स्कूल में पहुंच गए थे और स्कूल की छुट्टी होने तक स्कूलों में ही रहकर व्यवस्थाओं की जांच की।
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विद्यार्थियों से पूछे सवाल
शिक्षा अधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से विषय संबंधित प्रश्न पूछे। शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके और विद्यार्थियों की कॉपियों की जांच की गई। विद्यालय की सफाई व्यवस्था, विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं, शौचालयों व पेयजल की व्यवस्था, स्कूल को मिली ग्रांट के खर्च का ब्योरा, शिक्षकों की उपस्थिति, हाजिरी रजिस्टर व अन्य व्यवस्थाएं जांची गई। अधिकतर स्कूलों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर मिली।
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बैठक कर बताएं खामियां सुधार के तरीके
स्कूलों में व्यवस्थाओं की जांच के बाद दोपहर को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) सदस्यों के साथ बैठक की गई। इसमें मुख्याध्यापक भी मौजूद रहे। बैठक में स्कूल की कमियां बताई गई साथ ही सुधार के लिए सुझाव भी दिए गए। एसएमसी सदस्यों से भी व्यवस्था बेहतर करने के उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। सभी अधिकारियों ने पर्यवेक्षण की रिपोर्ट दिए गए लिंक पर मुख्यालय को भेज दी है।
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जिले की 420 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हर स्कूल में एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्होंने पूरा दिन स्कूल में रहकर व्यवस्थाओं की जांच की और दिए गए लिंक पर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। कार्यक्रम बेहतर तरीके से संपन्न हुआ है। अधिकतर स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर मिली हैं।
- रचना बाना, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत