फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Due to continuous dispute with the farmers movement, the way of dialogue between the government and the farmers is being closed.

किसान आंदोलन से लगातार विवाद जुड़ने के कारण बंद हो रहा सरकार व किसानों में बातचीत का रास्ता

Sat, 19 Jun 2021 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
Due to continuous dispute with the farmers movement, the way of dialogue between the government and the farmers is being closed.
अंकित चौहान
विज्ञापन

सोनीपत। किसान आंदोलन से शुरुआत के दो महीने तक जहां कोई विवाद नहीं जुड़ा था, वहीं अब साढ़े चार महीने में आंदोलन से लगातार विवाद जुड़ रहे हैं, जिससे सबसे बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि सरकार व किसानों में बातचीत का रास्ता पूरी तरह से बंद होता जा रहा है। क्योंकि किसान आंदोलन के साथ शुरुआत में लोग भावनात्मक रूप से जुड़े थे, लेकिन अब आंदोलन से विवादों का नाता हो गया है तो लोगों की भावनाएं कम हो गई हैं और उसको देखते हुए ही सरकार ने बातचीत करने से कदम पीछे खींच लिए हैं।
कृषि कानून रद्द कराने के लिए किसानों ने आंदोलन शुरू किया तो 26 जनवरी से पहले तक इस आंदोलन से कोई विवाद नहीं जुड़ा होने की मिसाल दी जाती थी। इसलिए ही किसान व आम लोग भी भावनात्मक रूप से आंदोलन से जुड़े हुए थे। इसलिए ही सरकार व किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत भी हुई, जिससे किसानों की मांगों पर कोई हल निकाला जा सके। लेकिन किसान आंदोलन से सबसे पहला विवाद 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान बवाल होने का जुड़ा। उसके बाद पंजाब, हरियाणा व यूपी के किसान नेताओं के बीच खींचतान खुलकर सामने आने लगी। किसान नेता एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर बयानबाजी तक करने लगे। इस तरह के विवाद आंदोलन से जुड़ने के कारण सरकार ने बातचीत के लिए पहल तक करनी बंद कर दी। जिसको देखते हुए किसानों ने सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक जाम किया तो भारत बंद भी कराया। इस तरह से सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास किया गया तो भाजपा के खिलाफ चुनावों में प्रचार करके भी दबाव डाला गया। इससे सरकार व किसानों के बीच बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद थी, लेकिन उसके तुरंत बाद ही बंगाल की युवती से टीकरी बॉर्डर पर दुष्कर्म होने के कारण किसान आंदोलन से नया विवाद जुड़ गया और उसमें संयुक्त किसान मोर्चा की सबसे ज्यादा किरकिरी हुई। क्योंकि किसान नेताओं को घटना के बारे में पहले से जानकारी थी और उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस विवाद के बाद संयुक्त किसान मोर्चा डैमेज कंट्रोल में जुटा था कि अब टीकरी बॉर्डर पर व्यक्ति को जिंदा जलाने के आरोप किसानों पर लगने लगे। इस तरह से यह बड़ा विवाद भी किसान आंदोलन के साथ जुड़ गया और इससे किसान आंदोलन दोबारा से बैकफुट पर आ गया है।
विज्ञापन

किसानों के मुख्य मंच से फिर आत्महत्या बताई, सरकार की कार्रवाई का डर भी सता रहा
कुंडली बॉर्डर पर धरनास्थल के मुख्य मंच से शुक्रवार को अपने संबोधन में सभी किसान नेता टीकरी बॉर्डर पर व्यक्ति को जिंदा जलाने के मामले में सफाई देने में लगे रहे। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश में भाजपा और उसके समर्थकों का प्रयास तेज होता जा रहा है। आंदोलन करने वालों को बदनाम करने के लिए हर अवसर का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। लेकिन यह रणनीति सफल नहीं होने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि मुकेश ने आत्महत्या की है और उसके बावजूद सरकार उसे भुनाने के लिए हत्या में तब्दील करने में लगी है। यह भी कहा कि धरनास्थलों पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर सरकार कार्रवाई की योजना बना रही है, जिसे किसी भी हालत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस तरह से किसानों में अब कार्रवाई का डर भी दिखाई दिया और किसी भी तरह पीछे नहीं हटने की बात कही गई।
वर्जन
आंदोलन को पहले भी कई बार बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार सच्चाई सभी के सामने आई। इस तरह सरकार कितना भी प्रयास करे, लेकिन किसान पीछे हटने वाला नहीं है और अपनी मांग पूरी होने के बाद ही किसान वापस घर जाएंगे। तब तक वह बॉर्डर पर डटे रहेंगे। किसानों की मांगों को सरकार पूरा करें तो यह मामला आसानी से निपट जाएगा।

- राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू
टीकरी बॉर्डर पर व्यक्ति के आत्महत्या की बात सामने आई है, लेकिन सरकार आंदोलन को बदनाम करने के लिए उसे हत्या में तब्दील करने में लगी है। हमारी सहानुभूति परिवार के साथ है और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिसमें सब कुछ साफ हो जाएगा। सरकार चाहती है कि आंदोलन को बदनाम करके खत्म कराया जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है।
- गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष भाकियू हरियाणा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed