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सोनीपत: फर्जी कागजात के आधार पर करवाई ट्रांसफर डीड का खुलासा
Thu, 09 Feb 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 09 Feb 2023 12:43 AM IST
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सोनीपत। नगर निगम से फर्जी कागजात तैयार करवाकर एक मकान की ट्रांसफर डीड करवा ली गई। मामले की शिकायत के बाद उपायुक्त ने इसकी जांच के आदेश दिए। जिला राजस्व अधिकारी की जांच में गृहकर के फर्जी कागजात तैयार कर ट्रांसफर डीड करवाने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उपायुक्त के आदेश पर थाना शहर पुलिस ने फर्जी कागजात तैयार कराने व उनके आधार पर संपत्ति का हस्तांतरण कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में नगर निगम से भी रिकार्ड तलब किया गया है।
नगर निगम के रिकार्ड में जमालपुरा निवासी रामकिशन के मकान का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता रहा। जो मकान साल 2001 में 222 वर्ग गज का था, वह 2019 में 450 वर्ग गज का हो गया। इसका खुलासा होने पर अधिकारी भी सकते में आ गए। उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिला राजस्व अधिकारी की जांच में फर्जी कागजात के आधार पर ट्रांसफर डीड की पुष्टि हुई। जिसके बाद ट्रांसफर डीड को रद्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार साल 2001 में मकान का आकार 222 वर्ग गज था। उसके बाद रामकिशन ने वहां पर न कोई संपत्ति खरीदी, न ही मकान का दोबारा से निर्माण किया। उसके बावजूद मकान का क्षेत्रफल 2014-15 में 350 वर्ग गज हो गया। नगर निगम के रिकार्ड में उसी मकान का आकार फरवरी 2019 को 450 वर्ग गज हो गया। दिल्ली के पहाडग़ंज क्षेत्र के रहने वाले रामकिशन के उत्तराधिकारी जुगलकिशोर ने नगर निगम के गृहकर के दस्तावेज के आधार पर इस मकान की ट्रांसफर डीड तैयार करा ली। उसके बाद जुगलकिशोर ने आसपास के मकानों में अपना क्षेत्र घिरा होने का आरोप लगाकर शिकायत कर दी। आसपास के मकान वालों ने इसकी जांच की तो फर्जीवाड़ा सामने आया।
उपायुक्त ने इस मामले में ट्रांसफर डीड को निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फर्जी कागजात तैयार कराने व कागजात तैयार करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू करदी है।
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नगर निगम के रिकार्ड में जमालपुरा निवासी रामकिशन के मकान का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता रहा। जो मकान साल 2001 में 222 वर्ग गज का था, वह 2019 में 450 वर्ग गज का हो गया। इसका खुलासा होने पर अधिकारी भी सकते में आ गए। उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिला राजस्व अधिकारी की जांच में फर्जी कागजात के आधार पर ट्रांसफर डीड की पुष्टि हुई। जिसके बाद ट्रांसफर डीड को रद्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार साल 2001 में मकान का आकार 222 वर्ग गज था। उसके बाद रामकिशन ने वहां पर न कोई संपत्ति खरीदी, न ही मकान का दोबारा से निर्माण किया। उसके बावजूद मकान का क्षेत्रफल 2014-15 में 350 वर्ग गज हो गया। नगर निगम के रिकार्ड में उसी मकान का आकार फरवरी 2019 को 450 वर्ग गज हो गया। दिल्ली के पहाडग़ंज क्षेत्र के रहने वाले रामकिशन के उत्तराधिकारी जुगलकिशोर ने नगर निगम के गृहकर के दस्तावेज के आधार पर इस मकान की ट्रांसफर डीड तैयार करा ली। उसके बाद जुगलकिशोर ने आसपास के मकानों में अपना क्षेत्र घिरा होने का आरोप लगाकर शिकायत कर दी। आसपास के मकान वालों ने इसकी जांच की तो फर्जीवाड़ा सामने आया।
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उपायुक्त ने इस मामले में ट्रांसफर डीड को निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं फर्जी कागजात तैयार कराने व कागजात तैयार करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू करदी है।
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