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बागवानी विभाग में 38.97 लाख का घोटाला करने का आरोपी तत्कालीन डीएचओ गिरफ्तार 18-27-06
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गबन व धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार तत्कालीन डीएचओ पुलिस टीम के साथ।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। बागवानी विभाग में एकीकृत बागवानी विकास मिशन स्कीम के तहत मल्चिंग पेपर लगाने को लेकर 38.97 लाख रुपये का घोटाला करने के मामले में आरोपी तत्कालीन डीएचओ (जिला बागवानी अधिकारी) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी कुरुक्षेत्र के गांव थाना का रहना अंशुल आनंद है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। अमर उजाला ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था, जिसमें डीसी ने जांच शुरू कराई थी। बाद में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन डीएचओ अंशुल आनंद को सस्पेंड कर दिया था। उनके स्थान पर रोहतक से डीएचओ डॉ. हवा सिंह को लगाया गया था। उन्होंने अंशुल आनंद व जींद की कंपनी मै. पॉजीहब एग्रो इंटरनेशनल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जिले के कई किसानों ने आधुनिक खेती करने के लिए एमआईडीएच स्कीम के तहत खेत में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए मार्च 2020 में आवेदन किया था। बागवानी विभाग के पास 1366 हेक्टेयर जमीन में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए किसानों के आवेदन आए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया और मल्चिंग पेपर नहीं लगाया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद किसानों ने बागवानी विभाग के कार्यालय में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए सरकार से मिलने वाली 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि के बारे में जानकारी मांगी तो उनको बताया गया कि उनकी अनुदान राशि जारी हो चुकी है। जिसकी छानबीन करने पर पता चला था कि अनुदान राशि एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करा दी गई है और इसके लिए किसानों के फर्जी शपथ पत्र लगाए गए हैं। कई किसानों ने शिकायत करते हुए कहा था कि कोई शपथ पत्र उनकी ओर से नहीं दिया गया है। सीएम विंडो से लेकर एसपी व डीसी के पास भी शिकायत की गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था और इस पूरे घपले का खुलासा किया था। जिसमें डीसी श्यामलाल पूनिया ने सीईओ जिला परिषद से जांच शुरू कराई थी। इसमें सीईओ जिला परिषद ने डीसी को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं कृषि मंत्री जेपी दलाल के संज्ञान में मामला आया तो जिला बागवानी अधिकारी अंशुल आनंद को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके अलावा अंशुल आनंद व जींद की कंपनी मै. पॉजीहब एग्रो इंटरनेशनल के खिलाफ डीएचओ डा. हवा सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। अब मामले में कार्रवाई करते हुए एसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने आरोपी अंशुल आनंद को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्जन
गबन व धोखाधड़ी के मुकदमे में कार्रवाई करते हुए आरोपी तत्कालीन डीएचओ को गिरफ्तार कर लिया है। उसे चार दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े सभी सबूत जुटाए जाएंगे।
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जिले के कई किसानों ने आधुनिक खेती करने के लिए एमआईडीएच स्कीम के तहत खेत में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए मार्च 2020 में आवेदन किया था। बागवानी विभाग के पास 1366 हेक्टेयर जमीन में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए किसानों के आवेदन आए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया और मल्चिंग पेपर नहीं लगाया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद किसानों ने बागवानी विभाग के कार्यालय में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए सरकार से मिलने वाली 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि के बारे में जानकारी मांगी तो उनको बताया गया कि उनकी अनुदान राशि जारी हो चुकी है। जिसकी छानबीन करने पर पता चला था कि अनुदान राशि एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करा दी गई है और इसके लिए किसानों के फर्जी शपथ पत्र लगाए गए हैं। कई किसानों ने शिकायत करते हुए कहा था कि कोई शपथ पत्र उनकी ओर से नहीं दिया गया है। सीएम विंडो से लेकर एसपी व डीसी के पास भी शिकायत की गई थी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था और इस पूरे घपले का खुलासा किया था। जिसमें डीसी श्यामलाल पूनिया ने सीईओ जिला परिषद से जांच शुरू कराई थी। इसमें सीईओ जिला परिषद ने डीसी को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं कृषि मंत्री जेपी दलाल के संज्ञान में मामला आया तो जिला बागवानी अधिकारी अंशुल आनंद को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके अलावा अंशुल आनंद व जींद की कंपनी मै. पॉजीहब एग्रो इंटरनेशनल के खिलाफ डीएचओ डा. हवा सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। अब मामले में कार्रवाई करते हुए एसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने आरोपी अंशुल आनंद को गिरफ्तार कर लिया है।
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गबन व धोखाधड़ी के मुकदमे में कार्रवाई करते हुए आरोपी तत्कालीन डीएचओ को गिरफ्तार कर लिया है। उसे चार दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े सभी सबूत जुटाए जाएंगे।
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सुनील कुमार, थाना प्रभारी, सदर सो नीपत।