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Sonipat News: करोड़ों की लागत के बावजूद नेशनल हाईवे-44 पर फिर बिगड़े हालात
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फोटो :34: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग पर बहालगढ़ के पास पानी भरने से टूटी सड़क से ग
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सोनीपत। करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग की हालत एक बार फिर खराब होने लगी है। बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास और औद्योगिक क्षेत्र लिवासपुर की ओर जाने वाले मार्ग के सामने दूषित पानी भरने से सड़क पर बिछाई गई टाइलें धंस गई हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब सवा साल पहले स्थायी समाधान के दावे के साथ इस हिस्से का सीमेंटेड रोड बनाकर उस पर इंटरलॉकिंग टाइलें और ब्लॉक बिछाए थे। लेकिन अब दोबारा सड़क खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
लिवासपुर औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर लगातार पानी जमा होने से सड़क की परत कमजोर पड़ती जा रही है। यह मार्ग दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
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ब्लॉक बिछाने के बाद भी नहीं मिली राहत
क्षेत्रवासियों राजेश, मोहन, संजीव और पुनीत ने बताया कि सुधारीकरण के दौरान इस संपर्क मार्ग को पूरी तरह उखाड़कर कंक्रीट और सीमेंट का मजबूत आधार तैयार किया गया था। इसके बाद उस पर सीमेंटेड ब्लॉक और पत्थर बिछाए गए थे, लेकिन बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास फिर से टाइलें धंसने लगी हैं। इससे वाहन चालकों में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं
नेशनल हाईवे-44 प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इस हाईवे से टोल टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये की आय होती है, इसके बावजूद संपर्क मार्ग की खराब हालत आम लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। वाहन चालकों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब सवा साल पहले स्थायी समाधान के दावे के साथ इस हिस्से का सीमेंटेड रोड बनाकर उस पर इंटरलॉकिंग टाइलें और ब्लॉक बिछाए थे। लेकिन अब दोबारा सड़क खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
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लिवासपुर औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर लगातार पानी जमा होने से सड़क की परत कमजोर पड़ती जा रही है। यह मार्ग दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
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ब्लॉक बिछाने के बाद भी नहीं मिली राहत
क्षेत्रवासियों राजेश, मोहन, संजीव और पुनीत ने बताया कि सुधारीकरण के दौरान इस संपर्क मार्ग को पूरी तरह उखाड़कर कंक्रीट और सीमेंट का मजबूत आधार तैयार किया गया था। इसके बाद उस पर सीमेंटेड ब्लॉक और पत्थर बिछाए गए थे, लेकिन बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास फिर से टाइलें धंसने लगी हैं। इससे वाहन चालकों में दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं
नेशनल हाईवे-44 प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इस हाईवे से टोल टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये की आय होती है, इसके बावजूद संपर्क मार्ग की खराब हालत आम लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। वाहन चालकों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

फोटो :34: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 के संपर्क मार्ग पर बहालगढ़ के पास पानी भरने से टूटी सड़क से ग