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बेगा गांव में डेंगू से आठवीं कक्षा के छात्र की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला गन्नौर
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:44 AM IST
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उपमंडल के गांव में बेगा में डेंगू के प्रकोप के चलते तीन लोग काल का ग्रास बन चुके हैं। बुधवार को गांव के 14 वर्षीय छात्र गौरव की मौत हो गई। वह आठवीं कक्षा में पढ़ता था। उसे तीन दिन पहले बुखार आया था, जिसके बाद परिजनों ने उसे दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
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अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार गौरव को डेंगू था। इलाज के महज तीन दिनों बाद ही गौरव ने दम तोड़ दिया। इससे पहले गांव के एक युवक और बुजुर्ग महिला की डेंगू से मौत हो चुकी है। गौरव के परिजनों का कहना है कि गांव में डेंगू बुखार का आतंक फैला है जिससे ग्रामीण डर के साए में जी रहे हैं।
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गौरव के पिता भी बुखार से ग्रस्त
गौरव के पिता सुभाष भी पिछले कुछ दिनों सेे तेज बुखार की शिकायत है। गौरव के अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान ही कुछ परिजन सुभाष के सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखते दिखे।
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पीएचसी में डाक्टरों के कमरे मिले बंद
बेगा गांव में लोग डेंगू की चपेट में हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस ओर कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग मरीजों के प्रति कितना संजीदा है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है जब पीएचसी में डॉक्टरों से इस बारे में मीडिया बात करने पहुंचा तो पीएचसी में केवल मरीजों के अलावा कोई भी डॉक्टर नहीं दिखाई दिया। यहां डॉक्टरों के कमरे बंद पड़े थे।
अस्पताल में तैनात केमिस्ट से बात की गई तो उसे डाक्टरों के बारे में कोई पता नहीं था। अस्पताल में पहुंचे मरीज इस्तगार ने बताया कि वह पिछले दो घंटे से इलाज कराने के लिए घूम रहा है, लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में बैठे केमिस्ट का कहना है कि डॉक्टर अभी थोड़ी देर में आ जाएंगे। डाक्टरों की इंतजार में दो घंटे निकल गए, लेकिन अभी तक कोई डाक्टर नहीं आया। ग्रामीण सुरेश भूटानी ने कहा कि गांव की पीएचसी में सुविधाओं की कमी के चलते निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है।