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शराब कारोबारी का गोदाम गिराकर अन्य को दिया संदेश, बन रही सूची
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खरखौदा बाईपास पर शराब माफिया के गोदाम की चहारदीवारी तोड़ता बुलडोजर। संवाद
- फोटो : Sonipat
गांव सिसाना के शराब माफिया भूपेंद्र पर पुलिस की बुलडोजर कार्रवाई से अन्य शराब माफिया में हड़कंप मचा है। पुलिस ने वक्फ बोर्ड और नगर निगम के सहयोग से माफिया की लाखों रुपये की संपत्ति को धराशाई कर दिया। शराब तस्करी की काली कमाई से सरकारी जमीन पर भवन खड़े कर लिए थे। पुलिस अधिकारी अभी माफिया के आवास व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही पुलिस टीम अन्य आरोपियों की सूची भी तैयार कर रही है। अभी तक पुलिस ने आठ माफियाओं की कुंडली तैयार कर ली गई है।
शराब माफिया भूपेंद्र सिसाना जहां राजनीति में पैठ रखने लगा था वहीं पुलिस के अधिकारियों का संरक्षण उसको प्राप्त था। यही कारण है कि लॉकडाउन के दौरान भूपेंद्र ने सरकारी गोदाम और थानों के मालखाने की शराब तक को बेच डाला। खादी के गठजोड़ से भूपेंद्र ने पंजाब के राजपुरा की डिस्टलरी से शराब और असली पैकिंग व बोतल प्राप्त कर सका था। यही कारण रहा कि भूपेंद्र ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी। उसने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाया और उस पर निर्माण करा लिया। वक्फ बोर्ड की जमीन का 99 साल का पट्टा हासिल किया और उस पर शराब का गोदाम बना लिया।
भूपेंद्र को बड़ी पहुंच वाला माफिया माना जाता है। ऐसे में सरकार ने एक साथ कई संदेश दिए हैं। प्रदेश के करीब साठ माफिया पुलिस-प्रशासन के निशाने पर हैं। इनमें से 14 सोनीपत के हैं। उनमें से आठ पर कार्रवाई की तैयारी की जा चुकी है। भूपेंद्र से पहले बड़वासनी गैंग के सदस्यों की संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है। जल्द ही और बड़ी कार्रवाई की तैयारी पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
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अपराधियों की धरपकड़ कर उनको जेल भेजा जा रहा है। इसके साथ ही अपराधियों की आर्थिक स्थिति पर प्रहार किया जा रहा है। उनके अवैध धंधों और उनसे अर्जित की गई संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अपराधियों की कमर तोडऩे का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों को सूचीबद्ध करके लगातार कार्रवाई की जा रही है।
-हिमांशु गर्ग, एसपी सोनीपत
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शराब माफिया भूपेंद्र सिसाना जहां राजनीति में पैठ रखने लगा था वहीं पुलिस के अधिकारियों का संरक्षण उसको प्राप्त था। यही कारण है कि लॉकडाउन के दौरान भूपेंद्र ने सरकारी गोदाम और थानों के मालखाने की शराब तक को बेच डाला। खादी के गठजोड़ से भूपेंद्र ने पंजाब के राजपुरा की डिस्टलरी से शराब और असली पैकिंग व बोतल प्राप्त कर सका था। यही कारण रहा कि भूपेंद्र ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी। उसने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाया और उस पर निर्माण करा लिया। वक्फ बोर्ड की जमीन का 99 साल का पट्टा हासिल किया और उस पर शराब का गोदाम बना लिया।
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भूपेंद्र को बड़ी पहुंच वाला माफिया माना जाता है। ऐसे में सरकार ने एक साथ कई संदेश दिए हैं। प्रदेश के करीब साठ माफिया पुलिस-प्रशासन के निशाने पर हैं। इनमें से 14 सोनीपत के हैं। उनमें से आठ पर कार्रवाई की तैयारी की जा चुकी है। भूपेंद्र से पहले बड़वासनी गैंग के सदस्यों की संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है। जल्द ही और बड़ी कार्रवाई की तैयारी पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
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अपराधियों की धरपकड़ कर उनको जेल भेजा जा रहा है। इसके साथ ही अपराधियों की आर्थिक स्थिति पर प्रहार किया जा रहा है। उनके अवैध धंधों और उनसे अर्जित की गई संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अपराधियों की कमर तोडऩे का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों को सूचीबद्ध करके लगातार कार्रवाई की जा रही है।
-हिमांशु गर्ग, एसपी सोनीपत