फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   DCRUST received Rs 9 crore in three years but did not purchase books, demanded an account

Sonipat News: डीसीआरयूएसटी को तीन साल में मिले 9 करोड़ पर नहीं खरीदीं किताबें, हिसाब मांगा

Tue, 03 Mar 2026 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 03 Mar 2026 02:12 AM IST
विज्ञापन
DCRUST received Rs 9 crore in three years but did not purchase books, demanded an account
मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का मुख्यालय। -फाइल फोटो
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) से प्रदेश के तकनीकी शिक्षा निदेशक ने रिपोर्ट मांगी है। मामला विश्वविद्यालय को बीते तीन साल में मिले 9 करोड़ से ज्यादा के लाइब्रेरी फंड का है। फंड को वक्त रहते सही जगह इस्तेमाल नहीं किया गया है। अब निदेशालय ने विश्वविद्यालय से प्रासंगिक अभिलेखों और दस्तावेजों से समर्थित एक व्यापक रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन

गत तीन वित्त वर्षों में दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को पुस्तकालय के लिए कुल 9.02 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इनमें 2023-24 में 2.45 करोड़, 2024-25 में 3.36 करोड़ और 2025-26 में 3.20 करोड़ रुपये जारी हुए हैं।
विज्ञापन

इस अवधि में ई-लाइब्रेरी सब्सक्रिप्शन और सॉफ्टवेयर खरीद पर 19.95 लाख रुपये का व्यय सीमित था। साथ ही समाचार पत्रों और पत्रिकाओं पर लगभग 4 लाख रुपये खर्च किए गए थे। दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने इस चूक के लिए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता वाली पुस्तकालय समिति पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

संघ ने इसे गंभीर विषय बताया है। हरियाणा के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को चिट्ठी लिखकर बताया गया है कि छात्रों ने पुस्तकालय शुल्क के रूप में 2.30 करोड़ रुपये का भुगतान किया है लेकिन उन्हें इसके अनुरूप लाभ नहीं मिला है।
संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि करीब 9 करोड़ के फंड को विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी कुछ ही महीने पहले आईसीआईसीआई बैंक के सेविंग अकाउंट की मार्फत एफडी में डलवाया है जबकि नियमानुसार अप्रयुक्त फंड को कोटेशन के माध्यम से किसी सरकारी बैंक में एफडी कराना होता है।
एसोसिएशन ने मामले की गहन जांच की मांग की है। अधिकारियों से आग्रह किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को यूजीसी मानदंडों और एनईपी के अनुसार पुस्तकों और पुस्तकालय संसाधनों की तत्काल पारदर्शी और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दें।

इसके बाद लाइब्रेरी फंड के अनुपयोग का संज्ञान लेते हुए हरियाणा के तकनीकी शिक्षा निदेशक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed