फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   DC started investigation after 23 people were killed in the report, funeral of 72 people of the district in a week

एक सप्ताह में जिले के 72 लोगों का हुआ अंतिम संस्कार, रिपोर्ट में 23 मौत लोगों की दिखाने पर डीसी ने जांच शुरू कराई

Mon, 03 May 2021 12:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 03 May 2021 12:01 AM IST
विज्ञापन
DC started investigation after 23 people were killed in the report, funeral of 72 people of the district in a week
जहां स्वास्थ्य विभाग पर अभी तक कोरोना संक्रमितों की जांच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही व मरीजों को सही उपचार नहीं देने का आरोप लगता था। वहीं अब कोरोना से मौत को लेकर भी आंकड़ेबाजी का खेल शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए सेक्टर 15 के शिवमुक्ति धाम में स्वास्थ्य विभाग खुद ही पत्र भेजता है और कोविड नियमों से अंतिम संस्कार भी किया जाता है। लेकिन उसके बावजूद उनको रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाता है। हालत यह है कि एक सप्ताह में जिले के 72 लोगों का अंतिम संस्कार स्वास्थ्य विभाग अपना पत्र भेजकर करा चुका है और अपनी रिपोर्ट में केवल 23 मौत दिखाई है। जिससे स्वास्थ्य विभाग पर खेल करने का आरोप लगा तो डीसी ने जांच के लिए कमेटी बनाई है।
विज्ञापन

कोरोना की दूसरी लहर के बाद संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो पहले के मुकाबले यह जानलेवा साबित हो रहा है। लेकिन जिस तरह के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किए जा रहे हैं, वह ग्राउंड रिपोर्ट से मेल नहीं खा रहे। इसमें समझ से परे यह है कि संस्कार के लिए भेजे जाने वाले शवों को सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से ही प्रमाणित करके भेजा जाता है कि इनका कोरोना प्रोटोकॉल से ही संस्कार किया जाए। लेकिन इन शवों की गिनती कोरोना से मौत में दर्ज नहीं की जा रही है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। यह भी उस समय हो रहा है, जब स्वास्थ्य विभाग पर पहले ही कोरोना की जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को सूचना तक नहीं देने का आरोप लग रहा है। इसके साथ ही कोरोना मरीजों का उपचार भी सही से नहीं करने का आरोप लग रहा है। इस बीच ही अब मरने वालों के आंकड़ों में खेल करने का आरोप लग रहा है।
विज्ञापन

एक सप्ताह में जिले के 72 का अंतिम संस्कार, रिपोर्ट में केवल 23 मौत
शिव मुक्ति धाम में 25 अप्रैल को 17 शवों का कोरोना प्रोटोकाल के तहत संस्कार कराया गया। इनमें से छह मृतक सोनीपत के रहने वाले थे, जबकि विभाग के हिसाब से इस दिन दो लोगों की मौत हुई। 26 अप्रैल को सोनीपत में 13 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया। इनमें से आठ लोग सोनीपत से संबंधित थे, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में केवल तीन मौत रिपोर्ट की गई। 27 अप्रैल को सबसे अधिक 29 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया। इनमें से 16 शव सोनीपत के रहने वालों के थे। जबकि विभाग ने केवल 5 मौत की पुष्टि की। इस तरह 28 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन 29 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया। इनमें 17 मृतक सोनीपत जिले से संबंधित थे। लेकिन विभाग की रिपोर्ट में महज तीन मौत हुई। 29 अप्रैल को 27 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया और 16 सोनीपत के निवासी थे। विभाग ने इस दिन चार मौत बताई। 30 अप्रैल को 21 शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों से किया गया। इनमें 15 सोनीपत के निवासी थे और रिपोर्ट में तीन मौत ही दर्ज हुई। 1 मई को 18 शवों का संस्कार किया गया और एक शव गांव में सौंपा गया। इनमें से 11 मृतक सोनीपत से थे। लेकिन रिपोर्ट में महज तीन मौत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जजपा ने किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष की कोरोना से मौत मानी, विभाग में दर्ज नहीं हुई
स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि जजपा के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार रिढाऊ की एक निजी अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी। जजपा के नेताओं व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तक ने कोरोना से मौत बताते हुए शोक जताया था। लेकिन सोनीपत स्वास्थ्य विभाग ने रविवार तक भी इसे कोरोना से मौत नहीं माना है। ऐसे दर्जनों उदाहरण है, जिनकी कोरोना से मौत होने के बावजूद रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।

डीसी ने जांच के लिए बनाई कमेटी
इस बारे में डीसी सोनीपत श्यामलाल पूनिया का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इसे लेकर उन्होंने कमेटी बनाई है और पांच दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। आखिर सीएमओ की ही रिपोर्ट पर कोविड प्रोटोकाल में संस्कार हो रहा था तो इन्हें मौत के आंकडे में क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है। इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed