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बाउंसर के हत्यारे को आजीवन कारावास, 10 हजार जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:20 AM IST
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गन्नौर खंड के गांव पुरखास राठी में दो साल पहले गुड़गांव में बाउंसर का काम करने वाले 26 वर्षीय सुरजीत की हत्या के आरोपी युवक रवींद्र को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर रवींद्र को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
पुरखास राठी निवासी दयानंद ने 26 सितंबर 2014 को थाना गन्नौर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका बेटा सुरजीत गुड़गांव में बाउंसर का कार्य करता था। 25 सितंबर को घर आया हुआ था। साथ ही शाम को गांव में घूमने की कहकर चला गया। रात को करीब सवा 12 बजे उसे पता चला कि सुरजीत गांव के अड्डे के पास लहूलुहान हालत में पड़ा है, जिससे दयानंद ने मौके पर पहुंचकर सुरजीत को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दयानंद ने पुलिस को बताया कि गांव के ही रविंद्र ने उसके बेटे की चाकू मारकर हत्या की है। सुरजीत के साथ रविंद्र की करीब एक वर्ष पहले कहासुनी हुई थी, जिसकी रंजिश में रविंद्र ने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने दयानंद की शिकायत पर मामला दर्ज आरोपी रविंद्र व अन्य कई युवकों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चाकू भी बरामद किया था। इसी मामले में सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने आरोपी रविंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।
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पुरखास राठी निवासी दयानंद ने 26 सितंबर 2014 को थाना गन्नौर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका बेटा सुरजीत गुड़गांव में बाउंसर का कार्य करता था। 25 सितंबर को घर आया हुआ था। साथ ही शाम को गांव में घूमने की कहकर चला गया। रात को करीब सवा 12 बजे उसे पता चला कि सुरजीत गांव के अड्डे के पास लहूलुहान हालत में पड़ा है, जिससे दयानंद ने मौके पर पहुंचकर सुरजीत को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दयानंद ने पुलिस को बताया कि गांव के ही रविंद्र ने उसके बेटे की चाकू मारकर हत्या की है। सुरजीत के साथ रविंद्र की करीब एक वर्ष पहले कहासुनी हुई थी, जिसकी रंजिश में रविंद्र ने उसकी हत्या कर दी।
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पुलिस ने दयानंद की शिकायत पर मामला दर्ज आरोपी रविंद्र व अन्य कई युवकों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चाकू भी बरामद किया था। इसी मामले में सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने आरोपी रविंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।
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