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हरियाणा: पेपर सॉल्वर गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से उठा पर्दा, रूस में बैठे हैकर लैब को करते थे हैक, एक लैब के लेते थे 20 लाख रुपये
Sun, 27 Feb 2022 10:20 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 27 Feb 2022 10:20 PM IST
सार
ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले राज सिंह की पांच साल पहले गोवा में रूस की नतानिया से पहचान हुई थी। जहां से वह हैकर गैंग से जुड़कर रूस में अन्य साथी बनाए। रूस में बैठे हैकर लैब को हैक करते थे।
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एसटीएफ टीम के साथ आरोपी राज सिंह उर्फ राज तेवतिया उर्फ काली।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पेपर सॉल्वर गैंग मुख्य हैकर राज सिंह उर्फ राज तेवतिया उर्फ काली से जुड़ने के बाद पूरी लैब ही हैक करने लगा। इससे पहले गैंग के सदस्य एक-एक कंप्यूटर को हैक करते थे। साथ ही पेपर सॉल्वर गैंग के तार रूस में बैठे हैकर से भी जुड़ गए। मुख्य हैकर पांच साल पहले रूस की महिला से मिलने के बाद हैकरों से जुड़ा था। इनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से पर्दा उठा है।
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पेपर सॉल्वर गैंग के मुख्य हैकर पलवल के गांव अतरचटा के राज सिंह को हरियाणा की एसटीएफ सोनीपत की टीम ने प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर लिया है। एसटीएफ ने खुलासा किया है कि राज सिंह के संबंध रूस में बैठे हैकर्स के साथ हैं। पुलिस पूछताछ में पता लगा है कि वह पहले ट्रैवल एजेंसी चलता था। वह वर्ष 2017 में गोवा गया था।
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वहां घूमने आई नतानिया नाम की रूसी महिला से उसका संपर्क हुआ था। वहां से वह दोस्त बन गए। नतानिया ने ही उसे हैकर्स के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद वह हैकर्स के संपर्क में आया। उसके बाद वह रोबिन से जुड़ा था। वह रोबिन के साथ मिलकर पेपर सॉल्वर गैंग से जुड़ गया। आरोप है कि इससे पहले तक रोबिन का गैंग एक-एक कंप्यूटर हैक करता था।
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राज सिंह के संपर्क में आकर वह रूस के हैकर्स की मदद से पूरी लैब को ही हैक करने लगे। ऐसे में रूस से हैकर्स पूरी लैब को एक साथ ऑपरेट करने लगे। जिससे पेपर सॉल्वर गैंग की सभी कंप्यूटर हैक करने की परेशानी दूर हो गई।
एक लैब हैक करने के लेता था 40 लाख रुपये
एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि आरोपी राज सिंह पेपर सॉल्वर गैंग से जुड़कर एक साथ पूरी लैब हैक करने लगा। वह रूस में बैठे हैकर्स की मदद से पूरा सर्वर हैक कर सभी कंप्यूटर को एक साथ ऑपरेट कराता था। इसकी एवज में एक लैब को हैक करने के लिए 40 लाख रुपये लेता था। इसमें से 20 लाख रुपये रूस में बैठे साथियों को भेजता था और 20 लाख रुपये खुद रखता था। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की पूरी जानकारी जुटाएगी। इनकी संपत्ति को सीज कराया जाएगा।
मुखर्जी नगर में तैयारी के दौरान गैंग से मिला सचिन
एसटीएफ प्रभारी का कहना है कि सचिन दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। वहीं से वह पेपर सॉल्वर गैंग के संपर्क में आया। अब तक पता लगा है कि उसने गैंग की 12 लैब में सांझा डाल रखा था। उसने कितना पैसा लगाया इस बारे में रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। यह कितने लोगों को नौकरी लगवाने में शामिल रहा है, इसकी पूरी जानकारी रिमांड में पूछताछ के बाद पता लग सकेगी।
21 लैब में स्क्रीन हैक कर सॉल्व कराते थे पेपर
केंद्र सरकार व अन्य राज्यों द्वारा आयोजित सरकारी नौकरी की ऑनलाइन परीक्षा में आरोपी किराये पर लैब लेकर स्क्रीन हैक कर धांधली कराते थे। ट्रस्ट बनाकर कॉलेज व स्कूलों की कंप्यूटर लैब किराये पर ली जाती थी। रैकेट की देशभर में 21 लैब का पता चला है, जहां से पूरा धंधा चलाया जाता था। इनकी सोनीपत व पानीपत में कई लैब हैं। गिरफ्तार आरोपी 14 पेपर सॉल्व करने के मामलों में संलिप्तता कुबूल चुके हैं। गैंग एसएससी, एमटीएस, एचएसएल, सीजीएल, आरपीएफ, वन विभाग, यूजीसी नेट, जेईई, आरबीआई, एसबीआई, एम्स पीजी, दिल्ली फॉरेस्ट गार्ड, बैंक प्रमोशन आईडीबीआई समेत अन्य विभागों के पेपर सॉल्व कराता था। मोहाली में इनकी मुख्य लैब थी। जिसकी किराया वह सात लाख रुपये प्रतिमाह देते थे। अन्य लैब 50 हजार रुपये या इससे अधिक में किराए पर ली गई थी।
24 आरोपी किए गिरफ्तार, 19 का चालान पेश
एसटीएफ मामले में अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं 19 का कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। एसटीएफ ने कई की प्रॉपर्टी सीज कराई है और अन्य की सीज कराने को प्रक्रिया चला रखी है।
रूस में आरोपियों को गिरफ्तार करने जा सकती है एसटीएफ
एसटीएफ के पास रूस में बैठे आरोपियों की जानकारी भी हाथ लगी है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय में आवेदन किया जाएगा। जिसके बाद आरोपियों को पकड़ने टीम रूस भी जा सकती है। इसके लिए टीम पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटा रही है।