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पूर्व विधायक के भाई को बम से उड़ाने की साजिश का भंडाफोड़
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
Updated Wed, 02 Sep 2015 12:55 AM IST
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पुरानी रंजिश के चलते दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद और जाडोदा (दिल्ली) निवासी विकास उर्फ विक्की अपने साथियों की मदद से कुख्यात अभियुक्त कृष्ण दिचाऊ की हत्या करना चाहता है। कृष्ण नजफगढ़ से इनेलो के पूर्व विधायक रहे भरत सिंह का भाई है। जिनकी कुछ दिनों पहले हत्या की जा चुकी है।
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कृष्ण को बम से उड़ाने के लिए विक्की ने अपने साथी दीपक बक्करवाला को जिम्मेदारी दी थी, जिसे सोमवार रात दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया था। पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह तीन महीने पहले अपनी बहन के गांव भावड़ आया और जीजा राज सिंह के भाई प्रेम सिंह के खाली मकान में देसी बम रखकर चला गया।
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यह खुलासा होने के बाद सोमवार रात को ही दिल्ली पुलिस की एक टीम भावड़ पहुंची और दीपक की निशानदेही पर मकान को चिन्हित किया। मंगलवार सुबह 10 बजे हरियाणा पुलिस की मधुबन से आई बम निरोधक टीम ने दोनों बम निष्क्रिय किए। हालांकि देसी बमों के असली होने पर सोनीपत पुलिस को शक है। जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि लैब की रिपोर्ट के बाद ही पक्के तौर पर पता चल सकेगा।
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दिल्ली पुलिस के एसआई कुलदीप ने बताया कि दो जून 2012 में विकास उर्फ विक्की निवासी जाडोदा (दिल्ली) और उसके साथियों ने नजफगढ़ के इनेलो विधायक भरत सिंह पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें भरत सिंह बच गया था। तब से विक्की और उसके साथियों की पूर्व इनेलो विधायक भरत सिंह और उसके भाई कृष्ण दिचाऊ से रंजिश चल रही थी। कुछ समय पहले भरत सिंह की हत्या की जा चुकी है, जबकि अब विक्की कृष्ण की हत्या करना चाहता है।
घटना के बाद से दिल्ली पुलिस ने आरोपी विक्की पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने कुछ समय पहले दिल्ली से विक्की को गिरफ्तार किया। बाद में पेरोल पर छूटने के बाद से वह फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने दोबारा 27 अगस्त को दिल्ली से पकड़ा। पूछताछ में आरोपी विक्की ने पुलिस को बताया कि बकरवाला (दिल्ली) निवासी दीपक को उसने दो बम दे रखे हैं, ताकि कृष्ण दिचाऊ की हत्या की जा सके।
जीजा के भाई के यहां छिपा रखे थे बम
पुलिस ने बताया कि आरोपी दीपक तीन महीने पहले गांव भावड़ में बहन के घर आकर रहने लगा था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि जिस घर में उसने बम छिपा रखे थे। वह सूना मकान उसके जीजा राज के भाई प्रेम सिंह का है। प्रेम सिंह रिटायर्ड फौजी है। जो गांव की बजाय जींद रहते हैं। जबकि उसका जीजा एक साल से सोनीपत जेल में बंद है। जीजा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज है।
जीजा का तीसरा भाई जोरा सिंह गांव में ही रहता है। बहन और उसके दोनों भांजों को नहीं मालूम था कि वह यहां इतने समय से क्यों रह रहा है। हैरानी की बात यह है कि उक्त मकान हर समय खुला रहता था। पुलिस ने ग्रामीणों से ताला लेकर सोमवार रात ही कमरे का गेट बंद किया था। इधर, घर में रखे बम की सूचना पर मधुबन से बम निरोधक टीम बुलाई गई। जिसने ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बम डिफ्यूज किए और दिल्ली पुलिस को सौंप दिए।
तिहाड़ जेल में मुलाकात के वक्त रची थी साजिश
दिल्ली पुलिस ने बताया कि विक्की और दीपक की मुलाकात तिहाड़ जेल में सजा काटते समय हुई। तब उन्होंने कृष्ण दिचाऊ को जान से मारने की साजिश बनाई। वारदात को कब और कैसे अंजाम देना है। यह सब दोनों को जेल से बाहर आकर तय करना था, लेकिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि विक्की के खिलाफ अवैध हथियारों की तस्करी संबंधी और दीपक के खिलाफ चोरी के आधा दर्जन मामले अलग-अलग थानों में दर्ज है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से साजिश में शामिल अन्य साथियों के बारे पूछताछ कर रही है।
बम के असली होने पर अभी शक, लैब में टेस्ट के बाद खुलेगा राज
गांव में दिल्ली पुलिस के आने का पता चलते ही ग्रामीणों में चर्चा का विषय था कि सूने मकान में बम है या कुछ और हथियार मिले। कोई बोल रखा था कि ग्रेनेड है किसी ने कहां हथियार भी मिले हैं। मंगलवार सुबह दिल्ली और गोहाना पुलिस की निगरानी में सबसे पहले कमरे का ताला खुलवाया गया।
बम डिफ्यूज करने आए टीम लीडर ने अंदर जाकर मौका देखा। एक थैली में दो तंबाकू के डिब्बे मिले, जिसके चारों और सुतली लिपटी हुई थी। एहतियात के तौर पर पहले पुलिस ने ग्रामीणों को मकान से दूर किया। फिर बम डिफ्यूज करने के लिए एसआई सुरजीत ने प्रयास किए। दूसरे प्रयास में उन्हें बम डिफ्यूज करने में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि डिब्बे में राख जैसी सामग्री भरी हुई थी। बम जैसी वस्तु को डिफ्यूज करके दिल्ली पुलिस को सौंप दिया। लैब में जांच करने के बाद ही पुष्टि हो पाएगी।
बम देखने के लिए जुटे ग्रामीण
सूने मकान से बरामद बम जैसी वस्तु को देखने के लिए गांव के दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए। पुलिस और बम डिफ्यूज करने आई टीम ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को मकान से दूर किया, ताकि कोई सुरक्षा बनी रहे। भीड़ के बीच में एक व्यक्ति सबसे आगे आकर बोला पहले मुझे बम दिखाओ।
पुलिस ने उसे धमकाकर वहां से दूर किया। बम डिफ्यूज करने के बाद टीम इंचार्ज सुरजीत सिंह ने पुलिस के अलावा ग्रामीणों को भी डिफ्यूज किया बम दिखाया और बोले अब कोई खतरे की बात नहीं है। ग्रामीण आपस में बातचीत करते मिले कि सोचा था कि कोई बड़ा बम मिला तो गांव का नाम खराब होगा। यह तो बम जैसी वस्तु बता रहे हैं।
गोहाना डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि सूने मकान में बम होने की सूचना दिल्ली पुलिस से मिली थी। कमरे की तलाशी के समय वहां से दो तंबाकू की डिब्बियां मिली हैं। जिसके ऊपर सुतली लिपटी थी। अंदर राख जैसी सामग्री थी। बम डिफ्यूज करने के बाद दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। इसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। लैब में टेस्टिंग के बाद ही वस्तुस्थिति का पता चल सकेगा।