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गैस रिसाव से घर में लगी आग, ढाई घंटे बाद पहुंची दमकल गाड़ी
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Sat, 13 May 2017 11:52 PM IST
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आग में जला सामान व जमीन पर गीरी छत।
- फोटो : amarujala beuro
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बिधलान गांव में लड़की द्वारा चाय बनाते समय गैस रिसाव होने से घर में आग लग गई। घर का सारा सामान जल गया। वहीं, आग से बेटी को बचाने के फेर में पिता झुलस गया, जिसे परिजनों ने इलाज के लिए पीजीआई, रोहतक भर्ती करवाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र की बेटी मीना सुबह गैस पर चाय बना रही थी कि गैस का रिसाव हो गया। गैस के रिसाव होने से एक दम से आग भभक गई और आसपास पड़े कपड़ों में जा लगी। सुरेंद्र ने जब देखा कि उसकी बेटी अंदर है तो उसे बचाने के लिए वह भी घर में घुस गया और आग की चपेट में आ गया। घर में आग लगने से आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और पिता पुत्री को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने आग की सूचना सोनीपत दमकल विभाग को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद दमकल की गाड़ी ढाई घंटे देरी से पहुंची। जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। वहीं सुरेंद्र को इलाज के लिए पीजीआई, रोहतक भर्ती करवाया है। आग से घर की छत जलकर जमीन पर गिर गई। वहीं, सारा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों दमकल विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
वर्जन
बिधलान गांव के घर में आग लगने की सूचना आई थी। सूचना मिलते ही दमकल गाड़ी भेज दी गई थी। शहर में जाम व गांव दूर होने के कारण गाड़ी को पहुंचने में समय लगा। दमकल गाड़ी एक घंटे से पहले ही गांव में पहुंच चुकी थी। ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
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-राजेंद्र दहिया, फायर अधिकारी सोनीपत।
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ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र की बेटी मीना सुबह गैस पर चाय बना रही थी कि गैस का रिसाव हो गया। गैस के रिसाव होने से एक दम से आग भभक गई और आसपास पड़े कपड़ों में जा लगी। सुरेंद्र ने जब देखा कि उसकी बेटी अंदर है तो उसे बचाने के लिए वह भी घर में घुस गया और आग की चपेट में आ गया। घर में आग लगने से आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और पिता पुत्री को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने आग की सूचना सोनीपत दमकल विभाग को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बाद दमकल की गाड़ी ढाई घंटे देरी से पहुंची। जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था। वहीं सुरेंद्र को इलाज के लिए पीजीआई, रोहतक भर्ती करवाया है। आग से घर की छत जलकर जमीन पर गिर गई। वहीं, सारा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों दमकल विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
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वर्जन
बिधलान गांव के घर में आग लगने की सूचना आई थी। सूचना मिलते ही दमकल गाड़ी भेज दी गई थी। शहर में जाम व गांव दूर होने के कारण गाड़ी को पहुंचने में समय लगा। दमकल गाड़ी एक घंटे से पहले ही गांव में पहुंच चुकी थी। ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
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-राजेंद्र दहिया, फायर अधिकारी सोनीपत।