फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   dengue cases

संदिग्ध मरीजों को डेंगू मानने से इंकार कर रहा स्वास्थ्य विभाग

Sat, 29 Aug 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत Updated Sat, 29 Aug 2015 12:52 AM IST
विज्ञापन

अब तक जिले में 11 डेंगू के केसों की पुष्टि हो चुकी है। संदिग्ध मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। डेंगू के भय से अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

विज्ञापन


लैब के बाहर खून की जांच के लिए मरीजों की लंबी कतार भी देखने को मिल रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो वह प्रभावित मरीजों को डेंगू मानने से साफ इंकार कर रही है। उसका कहना है कि विभाग की टीम सजग है।
विज्ञापन


सभी आशा वर्कर और एमपीएचडब्ल्यू की टीम द्वारा घर-घर जाकर बुखार पीड़ित मरीजों के ब्लड स्लाइड बनाने का काम तेजी से हो रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में कूलर और टंकियों की सफाई भी की जा रही है। हालांकि इसके बावजूद डेंगू का प्रकोप थमने की बजाय बढ़ने से विभाग की इन कोशिशों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएचसी और पीएचसी पर भी बढ़ी मरीजों की संख्या
सीएचसी और पीएचसी पर इन दिनों बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से कुछ लोगों में मलेरिया की भी पुष्टि हो रही है जबकि कुछ डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। गोहाना, राई, गन्नौर सहित शहरी क्षेत्रों में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

वहीं इससे निजी अस्पताल भी अछूता नहीं है। डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर लोग निजी अस्पताल की ओर दौड़ रहे हैं। कई निजी अस्पतालों में भी मरीज डेंगू का एक भी लक्षण दिखाई देने पर अपना उपचार करा रहे हैं।

लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क
यदि इस मौसम में किसी भी मरीज को सामान्य बुखार की शिकायत होती है या फिर डेंगू का कोई भी लक्षण नजर आता है तो वह सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से संपर्क करें।

खुद से डॉक्टर बनने की कोशिश न करें और मनमर्जी की दवा न खाएं। वह सरकारी अस्पताल जाकर डॉक्टर के सलाह पर खून की जांच कराएं। खर्च से बचने के लिए निजी अस्पतालों की बजाय सरकारी अस्पतालों में जाकर मरीज अपना इलाज कराएं।

मलेरिया विभाग आज करेगा डेंगू की पुष्टि
मलेरिया विभाग ने डेंगू की पुष्टि के लिए अलाइजा किट में कुल 32 संदिग्ध केसों की जांच करने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल डेंगू की पुष्टि के लिए कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है। इन संदिग्ध केसों से ही डेंगू के केसों की पुष्टि हो सकेगी।

गांव बेगा में हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
बेगा गांव में डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बेगा और आसपास के गांवों में लोगों के घर-घर गई और डेंगू के प्रति जागरूक किया। गन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एसएमओ डॉ. टीना आनंद ने बताया कि विभाग की टीम ने अब तक 603 घरों का दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने 122 कूलरों में भरे पानी को साफ कराया। इस दौरान 63 कूलरों में मच्छरों के लारवा पाए गए। इसके अलावा 227 टंकियों का निरीक्षण किया जिसमें से 55 टंकियों, 41 हौदियों व 29 मटकों से पानी साफ कराया गया। इस दौरान टीम को 20 हौदियों व 5 मटकों में मच्छरों के लारवा मिले।

105 लोगों के रक्त के नमूने भी लिए गए और उन्हें जांच करवाने के लिए लैब में भिजवा दिया गया। टीम ने बेगा के साथ लगते गांव गढ़ी बिलंदा और पीर गढ़ी में फागिंग की और ग्रामीणों को जागरूक किया।  

डेंगू की अभी तक नहीं हुई पुष्टि
गांव बेगा में डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों के मौत की पुष्टि अब तक स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की है। जब इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खानपुर पीजीआई में इलाज के दौरान जिस मरीज की मौत हुई है अभी तक उसकी कोई रिपोर्ट नहीं आई। पीजीआई से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


डेंगू से बचने के उपाय
घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
जहां पानी जमा हो उसमें केरोसिन तेल डालें।
रोज घर में कीटनाशक का छिड़काव करें।
कूलर को नियमित सफाई करें।
-मच्छरदानी लगाकर सोएं।

जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। घर-घर जाकर कूलरों की सफाई की जा रही है। स्कूलों से लेकर अन्य जगहों पर जागरूक लोगों को डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूक किए जा रहे हैं। विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। विभाग कोई लीपापोती नहीं कर रहा है। जब तक पुख्ता रिर्पोट नहीं आती, तब तक कैसे डेंगू माना जा सकता है। -बलबीर सिंह, जिला स्वास्थ्य निरीक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed