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शराब कारोबारी का नहीं हुआ था अपहरण, पूछताछ के लिए ले गई थी बवाना पुलिस
Updated Tue, 19 Jun 2018 01:16 AM IST
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शराब कारोबारी को पूछताछ के लिए लेकर गई थी बवाना पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
राई। जीटी रोड पर बहालगढ़ के पास से शराब कारोबारी का अपहरण नहीं किया गया था बल्कि उसे दिल्ली के बवाना थाना की पुलिस किसी मामले में पूछताछ के लिए लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कारोबारी के घर पहुंचने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। विदित रहे कि लिवासपुर स्थित इंद्रा कालोनी निवासी देवेंद्र प्रधान रविवार को अपने साथी मंजीत के साथ उसकी आई-20 कार में मुरथल की तरफ से लौट रहा था। बहालगढ़ चौक से पहले कार सवार पांच युवक उसे जबरन उठाकर कार में ले गए थे। इस दौरान एक फायर भी किए जाने का आरोप लगा था। इस दौरान उनके साथ मौजूद साथी मंजीत कार से उतरकर भाग निकला था। परिजनों ने बहालगढ़ चौकी में देवेंद्र के अपहरण की शिकायत दी थी। राई थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता लगा कि देवेंद्र को बवाना थाना पुलिस किसी मामले में लेकर गई है। जिस पर परिजनों को रात को ही अवगत करा दिया गया था। बाद में देवेंद्र अपने घर आ गया। मामले को लेकर एएसीपी बवाना ने बताया कि एक मामले में लिवासपुर के देवेंद्र की संलिप्तता का शक था। जिसके चलते ही उसे पूछताछ के लिए लाया गया था। उसकी संलिप्तता नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
राई। जीटी रोड पर बहालगढ़ के पास से शराब कारोबारी का अपहरण नहीं किया गया था बल्कि उसे दिल्ली के बवाना थाना की पुलिस किसी मामले में पूछताछ के लिए लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कारोबारी के घर पहुंचने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। विदित रहे कि लिवासपुर स्थित इंद्रा कालोनी निवासी देवेंद्र प्रधान रविवार को अपने साथी मंजीत के साथ उसकी आई-20 कार में मुरथल की तरफ से लौट रहा था। बहालगढ़ चौक से पहले कार सवार पांच युवक उसे जबरन उठाकर कार में ले गए थे। इस दौरान एक फायर भी किए जाने का आरोप लगा था। इस दौरान उनके साथ मौजूद साथी मंजीत कार से उतरकर भाग निकला था। परिजनों ने बहालगढ़ चौकी में देवेंद्र के अपहरण की शिकायत दी थी। राई थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता लगा कि देवेंद्र को बवाना थाना पुलिस किसी मामले में लेकर गई है। जिस पर परिजनों को रात को ही अवगत करा दिया गया था। बाद में देवेंद्र अपने घर आ गया। मामले को लेकर एएसीपी बवाना ने बताया कि एक मामले में लिवासपुर के देवेंद्र की संलिप्तता का शक था। जिसके चलते ही उसे पूछताछ के लिए लाया गया था। उसकी संलिप्तता नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया।