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12वीं पास ने डेढ़ माह में चोरी की 19 बाइक, राजफास के डर से नहीं जोड़ा साथी, दोस्त को बाइक बेचते ही फंसा
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:35 AM IST
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12वीं पास ने डेढ़ माह में चोरी की 19 बाइक, राजफास के डर से नहीं जोड़ा साथी, दोस्त को बाइक बेचते ही फंसा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मुरथल की मिमारपुर चौकी पुलिस के हत्थे एक ऐसा बाइक चोर चढ़ा है, जिसने 12वीं पास करने के बाद मौज-मस्ती करने को बाइक चोरी शुरू कर दीं। उसने डेढ़ महीने में 19 बाइक चोरी कर लीं और अपने साथ किसी को इसलिए नहीं जोड़ा कि कहीं पुलिस उसके सहारे उसे न पकड़ ले। लेकिन वह अपने दोस्त को एक बाइक बेचते ही फंस गया, जबकि 18 बाइक अभी तक बेच भी नहीं सका था। पुलिस ने जिस मलिकपुर निवासी सचिन उर्फ मोनी व उसके दोस्त मुरथल के संदीप को गिरफ्तार किया है, उनकी निशानदेही पर चोरी की सभी बाइकों को बरामद कर लिया है।
डीएसपी मुख्यालय जितेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य सिपाही अनिल ने तीन दिन पहले यमुना बांध के पास मिमारपुर के निकट से सचिन व संदीप को पकड़ा था। वह गन्नौर से चोरी गई बाइक को बेचने के लिए यूपी जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान सचिन ने बाइक चोरी के कुल 19 मामलों से पर्दा उठाया। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसने करीब डेढ़ माह के दौरान चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसने एक बाइक को कुछ दिन पहले अपने परिचित संदीप को बेचा था। महज तीन हजार में बाइक मिलने के बाद संदीप ने उससे पूछा तो सचिन ने उसे अपना राजदार बना दिया। यहीं से उसके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। संदीप ने उसे बताया कि वह बाइकों को यूपी के मेरठ में बेच सकते हैं। पहले वह एक बाइक बेचने के लिए निकले थे और तभी धरे गए।
मौज मस्ती करना चाहता था 12वीं पास सचिन
आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। उसके कई दोस्त शाही जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। जिस पर उसने भी मौज मस्ती भरा जीवन जीने की ठान ली। इसके लिए उसने बाइक चोरी करने का षड्यंत्र बनाया। उसने करीब डेढ़ माह पहले सबसे पहले गन्नौर से बाइक चोरी कीं। उसके बाद तो वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देता चला गया।
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पांच पुरानी चाबियों से शुरू की वारदात
मिमारपुर चौकी प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कहा कि वह बाइकों की पांच पुरानी चाबियां लेकर आया था। जिसके बाद वह पुरानी बाइकों को अपना निशाना बनाने लगा। इसके लिए वह पुरानी बाइक तलाशता और एकांत में खड़ी बाइक में चाबी लगाकर देखता था। बाइक की चाबी लगते ही वह बाइक को लेकर फरार हो जाता था।
धतूरी के पास बंद पोल्ट्री फार्म को बनाया गोदाम
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह चोरी की बाइक को गांव धतूरी के पास एक बंद पोल्ट्री फार्म के अंदर खड़ी कर देता था। उसे ही उसने अपना गोदाम बना लिया था। उसने षड्यंत्र बनाया था कि वह एक ही दिन में कैंटर में सभी बाइकों को लादकर मेरठ में बेच देगा। हालांकि बाद में संदीप उसका राजदार बन गया। वह उसके साथ पहले एक बाइक बेचने जा रहा था और तभी धरा गया था।
यहां से चोरी की बाइक
-गन्नौर तहसील के पास से सीडी डिलक्स, बजाज प्लेटिना, सीडी डिलक्स, स्पलेंडर नमस्ते चौक, सीडी डिलक्स गन्नौर से, सामान्य अस्पताल सोनीपत से स्पलेंडर परो, हीरो स्पलेंडर, हीरो हांडा, हुडा पार्क बहालगढ़ रोड से हीरो हांडा स्पलेंडर, गंदा नाला सोनीपत से हीरो हांडा स्पलेंडर, सोनीपत से हीरो हांडा स्पलेंडर, गन्नौर से तीन हीरो हांडा स्पलेंडर, गन्नौर से बजाज प्लेटिना, गन्नौर से अहीरो डिलक्स, सामानच्य अस्पताल सोनीपत से हीरो हांडा, मुरथल पुल से हीरो हांडा स्पलेंडर, मुरथल से हीरो हांडा स्पलेंडर बाइक चोरी की हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मुरथल की मिमारपुर चौकी पुलिस के हत्थे एक ऐसा बाइक चोर चढ़ा है, जिसने 12वीं पास करने के बाद मौज-मस्ती करने को बाइक चोरी शुरू कर दीं। उसने डेढ़ महीने में 19 बाइक चोरी कर लीं और अपने साथ किसी को इसलिए नहीं जोड़ा कि कहीं पुलिस उसके सहारे उसे न पकड़ ले। लेकिन वह अपने दोस्त को एक बाइक बेचते ही फंस गया, जबकि 18 बाइक अभी तक बेच भी नहीं सका था। पुलिस ने जिस मलिकपुर निवासी सचिन उर्फ मोनी व उसके दोस्त मुरथल के संदीप को गिरफ्तार किया है, उनकी निशानदेही पर चोरी की सभी बाइकों को बरामद कर लिया है।
डीएसपी मुख्यालय जितेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य सिपाही अनिल ने तीन दिन पहले यमुना बांध के पास मिमारपुर के निकट से सचिन व संदीप को पकड़ा था। वह गन्नौर से चोरी गई बाइक को बेचने के लिए यूपी जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान सचिन ने बाइक चोरी के कुल 19 मामलों से पर्दा उठाया। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसने करीब डेढ़ माह के दौरान चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसने एक बाइक को कुछ दिन पहले अपने परिचित संदीप को बेचा था। महज तीन हजार में बाइक मिलने के बाद संदीप ने उससे पूछा तो सचिन ने उसे अपना राजदार बना दिया। यहीं से उसके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। संदीप ने उसे बताया कि वह बाइकों को यूपी के मेरठ में बेच सकते हैं। पहले वह एक बाइक बेचने के लिए निकले थे और तभी धरे गए।
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मौज मस्ती करना चाहता था 12वीं पास सचिन
आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। उसके कई दोस्त शाही जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। जिस पर उसने भी मौज मस्ती भरा जीवन जीने की ठान ली। इसके लिए उसने बाइक चोरी करने का षड्यंत्र बनाया। उसने करीब डेढ़ माह पहले सबसे पहले गन्नौर से बाइक चोरी कीं। उसके बाद तो वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देता चला गया।
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पांच पुरानी चाबियों से शुरू की वारदात
मिमारपुर चौकी प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कहा कि वह बाइकों की पांच पुरानी चाबियां लेकर आया था। जिसके बाद वह पुरानी बाइकों को अपना निशाना बनाने लगा। इसके लिए वह पुरानी बाइक तलाशता और एकांत में खड़ी बाइक में चाबी लगाकर देखता था। बाइक की चाबी लगते ही वह बाइक को लेकर फरार हो जाता था।
धतूरी के पास बंद पोल्ट्री फार्म को बनाया गोदाम
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह चोरी की बाइक को गांव धतूरी के पास एक बंद पोल्ट्री फार्म के अंदर खड़ी कर देता था। उसे ही उसने अपना गोदाम बना लिया था। उसने षड्यंत्र बनाया था कि वह एक ही दिन में कैंटर में सभी बाइकों को लादकर मेरठ में बेच देगा। हालांकि बाद में संदीप उसका राजदार बन गया। वह उसके साथ पहले एक बाइक बेचने जा रहा था और तभी धरा गया था।
यहां से चोरी की बाइक
-गन्नौर तहसील के पास से सीडी डिलक्स, बजाज प्लेटिना, सीडी डिलक्स, स्पलेंडर नमस्ते चौक, सीडी डिलक्स गन्नौर से, सामान्य अस्पताल सोनीपत से स्पलेंडर परो, हीरो स्पलेंडर, हीरो हांडा, हुडा पार्क बहालगढ़ रोड से हीरो हांडा स्पलेंडर, गंदा नाला सोनीपत से हीरो हांडा स्पलेंडर, सोनीपत से हीरो हांडा स्पलेंडर, गन्नौर से तीन हीरो हांडा स्पलेंडर, गन्नौर से बजाज प्लेटिना, गन्नौर से अहीरो डिलक्स, सामानच्य अस्पताल सोनीपत से हीरो हांडा, मुरथल पुल से हीरो हांडा स्पलेंडर, मुरथल से हीरो हांडा स्पलेंडर बाइक चोरी की हैं।