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बंदरों को पिंजरों में कैद कर एक सप्ताह से नहीं दिया खाना, लोगों में रोष

Tue, 18 Jun 2019 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 01:00 AM IST
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बंदरों को पिंजरों में कैद कर एक सप्ताह से नहीं दिया खाना, लोगों में रोष
खरखौदा। शहर में लोगों को बंदरों के कारण किसी तरह की समस्या न हो, इसे देखते हुए बंदरों को पकड़कर ठेकेदारों द्वारा निर्माणाधीन रैन बसेरे में रखा जा रहा है। जहां पिंजरों में बंदरों को खाना नहीं दिया जा रहा है तो पिंजरे में बंद बंदर आपस में एक-दूसरे को घायल कर रहे है। जिसका पता चलने पर लोगों ने रोष जताया। सूचना पर मौके पर पहुंचे पार्षद संदीप ने बंदरों के लिए खाने की व्यवस्था की और इन बंदरों को शीघ्र जंगल में छुड़वाने के लिए कहा गया है।
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नपा ने चार माह पहले बदंरों को पकड़ने का दिया था ठेका
नगरपालिका की ओर से चार माह पहले शहर से बंदर पकड़ने का ठेका दिया गया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए ठेकेदार ने शहर से करीब आठ सौ बंदरों को पकड़ा था। उसके बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया था। इस पर लोगों ने नपा के अधिकारियों को सभी बंदरों को पकड़वाने की मांग की थी। जिसके बाद 11 जून से ठेकेदार ने आकर बंदर पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
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अब तक पकड़े कुल 35 बंदर, जंगल में नहीं छोड़ा
अब तक पकड़े गए करीब 35 बंदरों को जंगलों में नहीं पहुंचाया गया है। उन्हें पिंजरों में बंद कर बाईपास पर बन रहे रैन बसेरे में रखा गया है। वहां बंदरों के खाने पीने की व्यवस्था ठीक से नहीं की जा रही है। पिछली बार भी जब बंदर पकड़े गए थे तो उस दौरान भी शहर वासियों ने पिंजरों में बंद बंदरों को खाना नहीं देने पर सवाल उठाए थे। बंदरों को पिंजरे में भूखा बंद रखने का पता चलने पर पार्षद संदीप वहां पहुंचे और उनके खाने का इंतजाम करवाया।
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बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ने की कार्रवाई पर नजर रखने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है, लेकिन बंदरों की इस हालत पर वह कमेटी भी ध्यान नहीं दे रही है। जबकि पिंजरों में कई दिन से बंद भूखे-प्यासे बंदरों ने एक-दूसरे से लड़ते हुए बुरी तरह से घायल किया हुआ है। इस पर ठेकेदार ने चिकित्सा जांच व नपा अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद ही बंदरों को जंगल में छोड़ने की बात कही।

बंदरों को पकड़कर रखने के दौरान उनके खाने-पीने की व्यवस्था नहीं करना गलत है। इसकी हर तरीके से जवाबदेही संबंधित ठेकेदार की है। बंदरों को जंगल में छुड़वाने की व्यवस्था करवाई जाएगी, ऐसा नहीं करने पर ठेकेदार पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। -वनदीप जेतली, नपा उपाध्यक्ष।
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