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Sonipat News: मनरेगा बहाली की मांग को लेकर सीपीआईएम की जिला कमेटी ने दिया धरना
Tue, 23 Dec 2025 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:34 AM IST
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फोटो 03: सोनीपत लघु सचिवालय में तहसीलदार को ज्ञापन साैंपते सीपीआईएम के पदाधिकारी व कार्यकर्ता।
सोनीपत। सीपीआईएम जिला कमेटी की ओर से सोमवार को लघु सचिवालय में मनरेगा को बहाल करने व अन्य स्थानीय मांगों को लेकर धरना दिया गया। उन्होंने तहसीलदार को अपना मांगपत्र भी सौंपा।
सीपीआईएम के जिला सचिव आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को खत्म करने के लिए लाए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जीरामजी बिल को न संसदीय स्टेंडिग कमेटी के पास भेजा और न ही इस पर बहस करवाई।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अपनाई गई तानाशाही प्रवृत्ति तथा बहुमत की धक्काशाही के जरिये इसे पारित किया गया है। नए कानून में रोजगार को अधिकार का संवैधानिक दर्जा खत्म कर दिया गया है।
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नए बिल से पिक सीजन में 60 दिन काम न देना, राज्यों पर वित्तीय भार व केंद्र सरकार के नियंत्रण और जिम्मेवारी से बचने के कारण ग्रामीण लोगों को रोजगार से वंचित करेगा।
दूसरा इसमें महात्मा गांधी के नाम को हटाना वैचारिक संकीर्णता को दिखाता है। इस दौरान ओमपति, ब्रह्म सिंह, सपना, संगीता, सावित्री भी मौजूद रहीं।
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सीपीआईएम के जिला सचिव आनंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को खत्म करने के लिए लाए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जीरामजी बिल को न संसदीय स्टेंडिग कमेटी के पास भेजा और न ही इस पर बहस करवाई।
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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अपनाई गई तानाशाही प्रवृत्ति तथा बहुमत की धक्काशाही के जरिये इसे पारित किया गया है। नए कानून में रोजगार को अधिकार का संवैधानिक दर्जा खत्म कर दिया गया है।
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नए बिल से पिक सीजन में 60 दिन काम न देना, राज्यों पर वित्तीय भार व केंद्र सरकार के नियंत्रण और जिम्मेवारी से बचने के कारण ग्रामीण लोगों को रोजगार से वंचित करेगा।
दूसरा इसमें महात्मा गांधी के नाम को हटाना वैचारिक संकीर्णता को दिखाता है। इस दौरान ओमपति, ब्रह्म सिंह, सपना, संगीता, सावित्री भी मौजूद रहीं।