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7 देशों से घूमकर आया छात्र सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल पहुंचा, एंबुलेंस से खानपुर मेडिकल कालेज भेजा, रास्ते से वापस बुल
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अस्पताल का आईसोलेशन रूम जहां भर्ती किया गया इंजीनियरिंग का छात्र
- फोटो : Sonipat
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सात देशों में घूमने के बाद वापस लौटे इंजीनियरिंग के छात्र को सांस लेने में परेशानी हुई तो वह मंगलवार रात को अस्पताल में पहुंच गया। जहां उसे कोरोना का संदिग्ध मानते हुए जांच के लिए एंबुलेंस से खानपुर कला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की इसके बाद बड़ी लापरवाही सामने आई और एंबुलेंस को रास्ते से वापस बुलाकर छात्र को रात में बिना जांच के घर भेज दिया। उसकी निगरानी करने की जगह कह दिया गया कि वह बुधवार सुबह को खुद ही अस्पताल में जांच कराने के लिए आ जाए। वह बुधवार दोपहर को अस्पताल में पहुंचा तो उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और उसके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भेज दिया गया।
शहर के एक सेक्टर का रहने वाला युवक जर्मनी के मागदेबर्ग स्थित ओवीजी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग से एमएस कर रहा है। प्रथम वर्ष की परीक्षा के समाप्त होने के बाद उसने 21 फरवरी से कई देशों की यात्रा शुरू की और वह जर्मनी से डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड, बेल्जियम, अजरबैजान, फिनलैंड होते हुए 14 मार्च को अपने देश में पहुंचा। दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच के बाद उसे सोनीपत भेजा गया। अब यहां आने के बाद उसे दो दिन से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मंगलवार रात को वह परिजनों के साथ जांच कराने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचा तो वहां से उसे चिकित्सक ने रात 9.15 बजे जांच के लिए एंबुलेंस से खानपुर कलां के महिला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जब एंबुलेंस बड़वासनी गांव के पास पहुंची तो कंट्रोल रुम से चालक को फोन करके एंबुलेंस को वापस बुला लिया। छात्र को वापस अस्पताल में उतारकर जांच किए बिना चिकित्सक ने घर भेज दिया और बुधवार सुबह सैंपल देने के लिए अस्पताल में आने की बात कही। बुधवार को जब वह अस्पताल में पहुंचा तो उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया और उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि छात्र को बीमारी ने चपेट में लिया हुआ है या उसे अन्य कोई समस्या है। इस समय युवक चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
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विदेश से लौटे छात्र को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। मंगलवार रात को सांस लेने में दिक्कत हुई तो चिकित्सक ने रेफर कर दिया। रास्ते से वापस क्यों बुलाया गया, यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इस संबंध में जांच की जाएगी। फिलहाल छात्र के ब्लड सैंपल जांच के लिए खानुपर कलां स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में भेज दिए गए हैं। वहां रिपोर्ट के बाद ही वायरस को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। -डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन।
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सोनीपत। सात देशों में घूमने के बाद वापस लौटे इंजीनियरिंग के छात्र को सांस लेने में परेशानी हुई तो वह मंगलवार रात को अस्पताल में पहुंच गया। जहां उसे कोरोना का संदिग्ध मानते हुए जांच के लिए एंबुलेंस से खानपुर कला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की इसके बाद बड़ी लापरवाही सामने आई और एंबुलेंस को रास्ते से वापस बुलाकर छात्र को रात में बिना जांच के घर भेज दिया। उसकी निगरानी करने की जगह कह दिया गया कि वह बुधवार सुबह को खुद ही अस्पताल में जांच कराने के लिए आ जाए। वह बुधवार दोपहर को अस्पताल में पहुंचा तो उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और उसके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भेज दिया गया।
शहर के एक सेक्टर का रहने वाला युवक जर्मनी के मागदेबर्ग स्थित ओवीजी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग से एमएस कर रहा है। प्रथम वर्ष की परीक्षा के समाप्त होने के बाद उसने 21 फरवरी से कई देशों की यात्रा शुरू की और वह जर्मनी से डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड, बेल्जियम, अजरबैजान, फिनलैंड होते हुए 14 मार्च को अपने देश में पहुंचा। दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच के बाद उसे सोनीपत भेजा गया। अब यहां आने के बाद उसे दो दिन से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मंगलवार रात को वह परिजनों के साथ जांच कराने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचा तो वहां से उसे चिकित्सक ने रात 9.15 बजे जांच के लिए एंबुलेंस से खानपुर कलां के महिला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जब एंबुलेंस बड़वासनी गांव के पास पहुंची तो कंट्रोल रुम से चालक को फोन करके एंबुलेंस को वापस बुला लिया। छात्र को वापस अस्पताल में उतारकर जांच किए बिना चिकित्सक ने घर भेज दिया और बुधवार सुबह सैंपल देने के लिए अस्पताल में आने की बात कही। बुधवार को जब वह अस्पताल में पहुंचा तो उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया और उसका ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि छात्र को बीमारी ने चपेट में लिया हुआ है या उसे अन्य कोई समस्या है। इस समय युवक चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
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विदेश से लौटे छात्र को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। मंगलवार रात को सांस लेने में दिक्कत हुई तो चिकित्सक ने रेफर कर दिया। रास्ते से वापस क्यों बुलाया गया, यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इस संबंध में जांच की जाएगी। फिलहाल छात्र के ब्लड सैंपल जांच के लिए खानुपर कलां स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में भेज दिए गए हैं। वहां रिपोर्ट के बाद ही वायरस को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। -डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन।
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