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जिले के लिए राहत: पार्षद की पुत्रवधू, सब्जी विक्रता, मां-बेटा समेत सात की दूसरी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव मिली
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खुबडू गांव से आईसोलेट करने के लिए लेकर जाते स्वास्थ्य विभाग कर्मी
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। जिले में कई दिनों से लगातार कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद मंगलवार को कुछ राहत मिली है। पार्षद की पुत्रवधू नर्सिंग ऑफिसर, सब्जी विक्रेता, मां-बेटा समेत सात की कोरोना की दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इनकी तीसरी जांच होनी बाकी है और वह जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आती है तो उनको खानपुर मेडिकल कालेज से छुट्टी दी जाएगी। जबकि अन्य के जल्द ही रिकवर करने की उम्मीद जताई जा रही है।
रसोई गांव का रहने वाला दिल्ली पुलिस का सिपाही कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद आसपास के कई लोगों को आइसोलेट किया गया था। जिनमें से एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला था, जिसको खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। उसकी अब दूसरी जांच की गई तो वह निगेटिव मिली है। करनाल का रहने वाला गेहूं काटने की कंबाइन चलाने के लिए सोनीपत आया था। जिसे कंबाइन मालिक ने पहले जांच कराने के लिए अस्पताल में भेजा। उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर आईसोलेट किया गया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला था। अब उसकी भी दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस तरह ही जीवन नगर के सब्जी बेचने वाले की तबीयत खराब हुई तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला था। सब्जी बेचने वाले के कोरोना पॉजीटिव आने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा परेशानी में डाल दिया, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी की जांच कराई। जहां कोई अन्य कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला। इस सब्जी बेचने वाले की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है।
सरस्वती विहार की रहने वाली जिला पार्षद की पुत्रवधू काफी समय से दिल्ली के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर है। उसके गले में परेशानी होने पर अस्पताल में आइसोलेट कराया गया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिली थी। उसे खानपुर मेडिकल कालेज भर्ती कराया गया था, जहां उसकी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं ओल्ड रोहतक रोड पर तीर्थ मार्केट में रहने वाले मां-बेटा व पड़ोस में रहने वाला उनके परिवार का युवक कुछ दिन पहले ही बाहर से आने का पता चला तो स्वास्थ्य विभाग ने उनको आइसोलेट कर लिया था। जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर खानपुर के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। अब इन तीनों की रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली और अब इनकी तीसरी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के डॉ. संजीत ने बताया कि सात की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है और उनकी तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आने पर छुट्टी मिल सकेगी।
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खुबडू के 7 महिला और पुरुष आइसोलेट किए, 14 की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली
गन्नौर। गांव खुबडू के दिल्ली पुलिस के सिपाही व परिजनों के अलावा एक अन्य युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वहां पूरी निगरानी की हुई है। वहां हर घर में जाकर जांच की जा रही है तो कोरोना संक्रमितों के पड़ोसी व उनके संपर्क में आने वालों को आइसोलेट करके जांच कराई जा रही है।
बताया जा रहा है कि गांव से अभी तक लगभग 38 को आइसोलेट किया जा चुका है, जिनकी जांच कराई जा रही है। उनमें से लगभग 14 की रिपोर्ट आ चुकी है और वह निगेटिव मिली है। एसएमओ डॉ. टीना आनंद के नेतृत्व में हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश धनखड़, डा. संदीप मलिक, बिजेन्द्र खासा, अशोक कटारिया, सुदेश एएनएम, सतीश, शिव कुमार, जोगेन्द्र, विकास आदि लगातार जांच को जुटे हुए है। हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश ने बताया कि आइसोलेट किए गए सभी की कोरोना जांच कराई जा रही है। जिसके लिए लगातार लोगों को आइसोलेट किया जा रहा है, क्योंकि वहां किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते है। वहीं गांव को पूरी तरह सील किया हुआ है और 11 जगह से आवागमन बंद है। जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव के लोग भी सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने का इंतजार कर रहे है, जिससे उनको कुछ राहत मिल सके और वह गेहूं की फसल की कटाई कर सके।
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रसोई गांव का रहने वाला दिल्ली पुलिस का सिपाही कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद आसपास के कई लोगों को आइसोलेट किया गया था। जिनमें से एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला था, जिसको खानपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। उसकी अब दूसरी जांच की गई तो वह निगेटिव मिली है। करनाल का रहने वाला गेहूं काटने की कंबाइन चलाने के लिए सोनीपत आया था। जिसे कंबाइन मालिक ने पहले जांच कराने के लिए अस्पताल में भेजा। उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर आईसोलेट किया गया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला था। अब उसकी भी दूसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इस तरह ही जीवन नगर के सब्जी बेचने वाले की तबीयत खराब हुई तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिला था। सब्जी बेचने वाले के कोरोना पॉजीटिव आने पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा परेशानी में डाल दिया, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी की जांच कराई। जहां कोई अन्य कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला। इस सब्जी बेचने वाले की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है।
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सरस्वती विहार की रहने वाली जिला पार्षद की पुत्रवधू काफी समय से दिल्ली के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर है। उसके गले में परेशानी होने पर अस्पताल में आइसोलेट कराया गया और उसकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिली थी। उसे खानपुर मेडिकल कालेज भर्ती कराया गया था, जहां उसकी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं ओल्ड रोहतक रोड पर तीर्थ मार्केट में रहने वाले मां-बेटा व पड़ोस में रहने वाला उनके परिवार का युवक कुछ दिन पहले ही बाहर से आने का पता चला तो स्वास्थ्य विभाग ने उनको आइसोलेट कर लिया था। जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर खानपुर के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। अब इन तीनों की रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है। इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली और अब इनकी तीसरी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के डॉ. संजीत ने बताया कि सात की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है और उनकी तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आने पर छुट्टी मिल सकेगी।
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खुबडू के 7 महिला और पुरुष आइसोलेट किए, 14 की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली
गन्नौर। गांव खुबडू के दिल्ली पुलिस के सिपाही व परिजनों के अलावा एक अन्य युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वहां पूरी निगरानी की हुई है। वहां हर घर में जाकर जांच की जा रही है तो कोरोना संक्रमितों के पड़ोसी व उनके संपर्क में आने वालों को आइसोलेट करके जांच कराई जा रही है।
बताया जा रहा है कि गांव से अभी तक लगभग 38 को आइसोलेट किया जा चुका है, जिनकी जांच कराई जा रही है। उनमें से लगभग 14 की रिपोर्ट आ चुकी है और वह निगेटिव मिली है। एसएमओ डॉ. टीना आनंद के नेतृत्व में हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश धनखड़, डा. संदीप मलिक, बिजेन्द्र खासा, अशोक कटारिया, सुदेश एएनएम, सतीश, शिव कुमार, जोगेन्द्र, विकास आदि लगातार जांच को जुटे हुए है। हेल्थ इंस्पेक्टर रमेश ने बताया कि आइसोलेट किए गए सभी की कोरोना जांच कराई जा रही है। जिसके लिए लगातार लोगों को आइसोलेट किया जा रहा है, क्योंकि वहां किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते है। वहीं गांव को पूरी तरह सील किया हुआ है और 11 जगह से आवागमन बंद है। जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव के लोग भी सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने का इंतजार कर रहे है, जिससे उनको कुछ राहत मिल सके और वह गेहूं की फसल की कटाई कर सके।