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जिले के 300 गांव हुए संक्रमण मुक्त, लापरवाही बरती तो बढ़ सकती है परेशानी
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सोनीपत। जहां एक महीने पहले तक कोरोना ने खूब कहर बरपाया हुआ था और जिले में केवल 2 गांव ही कोरोना संक्रमण मुक्त थे। वहीं अब कोरोना संक्रमण मुक्त गांव 2 से बढ़कर 300 तक पहुंच गए है और जिला भी कोरोना मुक्त होने की तरफ बढ़ता जा रहा है। जिले में इस समय एक्टिव केस केवल 16 रह गए है। लेकिन जिस तरह से कोरोना संक्रमण कम हुआ है, उससे लोगों ने लापरवाही भी बरतनी शुरू कर दी है। ऐसे में भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे है।
कोरोना के केस मार्च में बढ़ने शुरू हुए थे तो अप्रैल में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ काफी ऊपर पहुंच गया था। जिसके बाद मई के शुरूआत में जिले में प्रतिदिन 1200 तक कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। मई में कोरोना के एक्टिव मरीज भी साढ़े सात हजार से ऊपर पहुंच गए थे। इस तरह कोरोना की दूसरी लहर पीक पर होने से शहर की सभी कॉलोनियों में कोरोना के केस थे तो यहां केवल दो गांव मौजमनगर व भादी ही ऐसे बचे थे, जिनमें कोरोना का कोई केस नहीं था। जिले के अन्य गांवों में हालात काफी खराब थे। एक ही गांव में कोरोना के एक्टिव केस 50 तक पहुंच गए थे। लेकिन अब कोरोना का कहर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ तो केस भी केवल छह तक मिल रहे है। इस तरह जिले में अब केवल 16 एक्टिव केस बचे हैं। सबसे बड़ी राहत वाली बात यह है कि जिले के 300 से ज्यादा गांव कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए है। इससे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को काफी राहत मिली है।
लोगों को एहतियात बरतना जरूरी, लापरवाही से बढ़ सकती है परेशानी : डीसी
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण काफी कम हो गया है, उसके बाद भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। क्योंकि पिछली बार लापरवाही बरतने के कारण कोरोना के केस दोबारा से बढ़ गए थे। इसलिए सभी को लगातार कोरोना नियमों का पालन करते रहना चाहिए और घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाना चाहिए तो सामाजिक दूरी का पालन भी जरूर करना चाहिए। अगर लोगों ने एहतियात नहीं बरती तो इस लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
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कोरोना के केस मार्च में बढ़ने शुरू हुए थे तो अप्रैल में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ काफी ऊपर पहुंच गया था। जिसके बाद मई के शुरूआत में जिले में प्रतिदिन 1200 तक कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। मई में कोरोना के एक्टिव मरीज भी साढ़े सात हजार से ऊपर पहुंच गए थे। इस तरह कोरोना की दूसरी लहर पीक पर होने से शहर की सभी कॉलोनियों में कोरोना के केस थे तो यहां केवल दो गांव मौजमनगर व भादी ही ऐसे बचे थे, जिनमें कोरोना का कोई केस नहीं था। जिले के अन्य गांवों में हालात काफी खराब थे। एक ही गांव में कोरोना के एक्टिव केस 50 तक पहुंच गए थे। लेकिन अब कोरोना का कहर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ तो केस भी केवल छह तक मिल रहे है। इस तरह जिले में अब केवल 16 एक्टिव केस बचे हैं। सबसे बड़ी राहत वाली बात यह है कि जिले के 300 से ज्यादा गांव कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए है। इससे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को काफी राहत मिली है।
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लोगों को एहतियात बरतना जरूरी, लापरवाही से बढ़ सकती है परेशानी : डीसी
डीसी ललित सिवाच ने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण काफी कम हो गया है, उसके बाद भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। क्योंकि पिछली बार लापरवाही बरतने के कारण कोरोना के केस दोबारा से बढ़ गए थे। इसलिए सभी को लगातार कोरोना नियमों का पालन करते रहना चाहिए और घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाना चाहिए तो सामाजिक दूरी का पालन भी जरूर करना चाहिए। अगर लोगों ने एहतियात नहीं बरती तो इस लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है।
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