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Sonipat News: आईएमटी के दूषित पानी का शोधन कर दोबारा होगा प्रयोग, ढाई साल में होगा तैयार

Sun, 23 Jun 2024 10:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 23 Jun 2024 10:42 PM IST
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Contaminated water of IMT will be treated and reused, will be ready in two and a half years
सोनीपत। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) खरखौदा में स्थापित हो रहे उद्योगों से निकलने वाला दूषित पानी भी बर्बाद नहीं होगा। उसे शोधित कर फिर से प्रयोग में लाया जाएगा। ढाई साल में सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा। 32.5 न्यूनतम तरल निर्वहन (एमएलडी) क्षमता से बनने वाले सीईटीपी और 10 साल तक उसकी देखरेख व मरम्मत कार्य के लिए 280 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया है।
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हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) की तरफ से टेंडर आवंटित होने के बाद एजेंसी को इसका निर्माण पूरा करना होगा। खरखौदा आईएमटी परिसर में उद्योगों को स्थापित किया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बड़ी समस्या बन सकता है। इसका निदान करने के लिए एचएसआईआईडीसी की तरफ से सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा।
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दूषित पानी को साफ करने की योजना के पहले चरण में प्रथम फेज के लिए यूनिट तैयार की जाएगी। आवश्यकता अनुसार इसका विस्तार किया जा सकेगा। इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को इस यूनिट में लाकर प्राथमिक स्तर पर साफ करने के बाद दूसरी और तीसरी फेज पर भी साफ किया जाएगा, ताकि इसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सके।
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साढ़े 32 एमएलडी की होगी क्षमता
सीईटीपी की क्षमता साढ़े 32 एमएलडी की होगी। एक पाइपलाइन पूरे आईएमटी परिसर में बिछाई जाएगी, जिससे इकाइयों को कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह इस शोधित पानी को इस्तेमाल में ला सकें। शोधित पानी निर्माण से लेकर अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही शोधित पानी से ही आईएमटी की ग्रीन बेल्ट में सिंचाई की जा सकेगी। बारिश के दौरान पानी ज्यादा होने पर गांव थाना कलां के पास ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इससे आईएमटी से निकलने वाले पानी की समस्या का निपटारा भी हो जाएगा।



आईएमटी एक नजर में

- वर्ष 2013 में आईएमटी के लिए 3217 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

-आईएमटी में गुरुग्राम माइनर से रोजाना 27 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाएगी।

-आईएमटी के 100 किमी क्षेत्र में सीवर और पेयजल लाइन बिछाई जाएगी।

-आईएमटी में सीईटीपी के निर्माण को टेंडर लगाया गया है।
वर्जन
आईएमटी में स्थापित होने वाले उद्योगों की सुविधा के लिए सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा। 32.5 एमएलडी क्षमता के सीईटीपी के लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद सीईटीपी ढाई साल में बनकर तैयार होगा। निर्माण कार्य में 95 करोड़ खर्च होंगे और दस साल तक देखरेख के लिए उसी एजेंसी को जिम्मेदारी होगी। ऐसे में कुल 280 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है।-आलोक सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी
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