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Sonipat News: बेशकीमती जमीन के फर्जी कागजात बनवाने में षड्यंत्रकारी इनामी गिरफ्तार

Tue, 15 Apr 2025 11:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 15 Apr 2025 11:07 PM IST
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Conspirator arrested for making fake documents of valuable land
सोनीपत में एसीबी की टीम की गिरफ्त में आरोपी विजय (बीच में) । - फोटो : अन्नप्रासन कार्यक्रम के दौरान बच्चे को खीर खिलाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल के पास करीब 12 एकड़ बेशकीमती जमीन के फर्जी वसीयतनामे तैयार करने के मामले में 20 हजार के इनामी को एसीबी सोनीपत की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी झज्जर के बहादुरगढ़ का रहने वाला विजय है। एसीबी ने उसे अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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झज्जर निवासी प्रवेश ने 28 अक्तूबर, 2020 को वित्तायुक्त को शिकायत दी थी, जिसमें तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी, एसके ब्रांच कानूनगो और तहसील कार्यालय के अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की जांच एडीजीपी सीआईडी पंचकूला के निर्देश पर डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक से करवाई गई थी। जांच में सामने आया था कि विवादित जमीन गांव सुल्तानपुर, सोनीपत में स्थित है। यह बहालगढ़ रोड पर निजी अस्पताल के पास है। वर्ष 1966 में यह जमीन मदन मोहन ने खरीदी थी। मदन मोहन की मृत्यु के बाद वर्ष 2006 में यह जमीन उनकी पत्नी संतोष और बेटे नरेंद्र अग्रवाल के नाम विरासत में दर्ज हुई। अब भी दिल्ली के पीतमपुरा निवासी नरेंद्र अग्रवाल ही इस जमीन के मालिक हैं। मगर जमीन की कीमत और स्थान को देखते हुए भूमाफियाओं ने फर्जी वारिस खड़े कर दिए, जो खुद को मदन मोहन का उत्तराधिकारी बताकर झूठे वसीयतनामा के आधार पर राजस्व विभाग से कब्जा दिलवाने का प्रयास करते रहे। राज्य चौकसी ब्यूरो की सिफारिश के बाद 8 दिसंबर 2021 को मुकदमा दर्ज किया गया था।
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मामले की जांच में सामने आया कि वर्ष 2006 से अब तक पांच बार इस जमीन पर इंतकाल हो चुका। जिनमें से कई फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए। राजस्व अधिकारियों ने बिना किसी वैध प्रमाण के केवल कागजी खानापूर्ति के आधार पर नाम दर्ज किए और असली मालिक को सुने बिना फैसले कर दिए थे। मामले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 एकड़ की कीमती जमीन के असली मालिक को दरकिनार कर फर्जी वारिसों के नाम पर बार-बार इंतकाल दर्ज कर दिए थे। इस मामले में आरोपी विजय भूमिगत था। उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम रखा था।
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अब मामले में एसीबी सोनीपत में नियुक्त निरीक्षक वपेंद्र सिंह ने आरोपी विजय को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ कर मामले में उसकी पूरी भूमिका का पता लगाया जाएगा।
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