{"_id":"670b0044d7197f6be006a644","slug":"completion-of-shri-ramayana-gyan-yagya-completed-sonipat-news-c-197-1-snp1002-125980-2024-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: श्री रामायण ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: श्री रामायण ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न
Sun, 13 Oct 2024 04:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 13 Oct 2024 04:33 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। सेक्टर-15 स्थित श्रीराम शरणम् आश्रम में चल रहे श्री रामायण ज्ञान यज्ञ, जप यज्ञ व सेवा यज्ञ की शनिवार को पूर्णाहुति संपन्न करवाई गई। यह यज्ञ माता रानी के नवरात्र के उपलक्ष्य में तीन अक्तूबर से चल रहा था। पूर्णाहुति कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक अपने परिवार सहित पहुंचे। सभी ने पूर्ण आहुति में भाग लेकर संपूर्ण यज्ञ का पुण्य प्राप्त किया।
आश्रम के प्रमुख नवरत्न चोपड़ा ने साधकों को प्रभु श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास को गए। उन्होंने साधु संतों को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराया। सुग्रीव, हनुमान व वानर सेना की सहायता से रावण का अंत कर पाप पर पुण्य और अधर्म पर धर्म की विजय की स्थापना की। आश्रम के प्रवक्ता केएल पुनैनी के अनुसार साधक सुबह से ही आश्रम में पहुंच कर पूर्णाहुति में भाग ले रहे थे। इस दौरान जतिंद्र रेलन, रमन कालरा, कृष्ण लूथरा, रमेश कपूर, अश्वनी टुटेजा, प्रेम बत्रा, प्रदीप गुप्ता, पुनीत गुप्ता व अन्य साधक उपस्थित रहे। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
आश्रम के प्रमुख नवरत्न चोपड़ा ने साधकों को प्रभु श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए वनवास को गए। उन्होंने साधु संतों को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराया। सुग्रीव, हनुमान व वानर सेना की सहायता से रावण का अंत कर पाप पर पुण्य और अधर्म पर धर्म की विजय की स्थापना की। आश्रम के प्रवक्ता केएल पुनैनी के अनुसार साधक सुबह से ही आश्रम में पहुंच कर पूर्णाहुति में भाग ले रहे थे। इस दौरान जतिंद्र रेलन, रमन कालरा, कृष्ण लूथरा, रमेश कपूर, अश्वनी टुटेजा, प्रेम बत्रा, प्रदीप गुप्ता, पुनीत गुप्ता व अन्य साधक उपस्थित रहे। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन