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Sonipat News: एटलस फैक्टरी की जमीन पर काटी कॉलोनी, प्रॉपर्टी आईडी बनाने के मामले में जांच शुरू
Tue, 18 Jun 2024 10:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 18 Jun 2024 10:53 PM IST
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सोनीपत। शहर के अंदर कई सालों से बंद एटलस फैक्टरी की जमीन पर कॉलोनी काटने मामला तूल पकड़ रहा है। इसमें रिहायशी व कॉमर्शियल प्लॉट भी काटे जा रहे थे। इंडस्ट्री विभाग के महानिदेशक की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने के मामले में उपायुक्त ने इस पर रोक लगाई है। उपायुक्त ने नगर निगम की ओर से बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी (पीआईडी) को मामले में जवाब मांगा है।
एटलस फैक्टरी कई साल पहले बंद होने के बाद पुराने निर्माण को तोड़कर 10 एकड़ में जमीन पर कॉलोनी काटी जा रही थी। यह जमीन आज भी सरकारी रिकॉर्ड में फैक्टरी के लिए आवंटित है। जिसे आगे तो बेचा जा सकता है, लेकिन फैक्टरी की जमीन पर रिहायशी व वाणिज्यिक प्लॉट काटना असंभव है। नगर निगम के अधिकारियों को पता होते हुए भी काटे गए प्लॉटों पर करीब 65 प्राॅपर्टी आईडी बना दी। राजनीतिक दल के नेता की ओर से इस जमीन को खरीदा गया है। नगर निगम की ओरसे की गई गड़बड़ी की जांच के मामले में डीसी ने निगमायुक्त से जवाब मांगा है।
निगमायुक्त ने मामले को लेकर उप निगमायुक्त, क्षेत्रीय कर अधिकारी, प्राॅपर्टी टैक्स से जुड़े चेकर व मेकर से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। निगमायुक्त से मिलने आदेशानुसार सभी अधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे है। प्राॅपर्टी आईडी किस आधार पर बनाई गई और फैक्टरी की जमीन पर प्लॉट काटे जाने के लिए एनओसी किस तरह से दी गई है। ऐसे में अधिकारी जल्द ही निगमायुक्त को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
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वर्जन
फैक्टरी की जमीन पर काटी गई कॉलोनी में प्रॉपर्टी आईडी किस आधार पर बनाई गई। प्लॉटिंग करने के लिए एनओसी कैसे दी गई, इस मामले में जांच कराई जा रही है। जल्द ही यह रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
विश्राम मीणा, निगमायुक्त, नगर निगम
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एटलस फैक्टरी कई साल पहले बंद होने के बाद पुराने निर्माण को तोड़कर 10 एकड़ में जमीन पर कॉलोनी काटी जा रही थी। यह जमीन आज भी सरकारी रिकॉर्ड में फैक्टरी के लिए आवंटित है। जिसे आगे तो बेचा जा सकता है, लेकिन फैक्टरी की जमीन पर रिहायशी व वाणिज्यिक प्लॉट काटना असंभव है। नगर निगम के अधिकारियों को पता होते हुए भी काटे गए प्लॉटों पर करीब 65 प्राॅपर्टी आईडी बना दी। राजनीतिक दल के नेता की ओर से इस जमीन को खरीदा गया है। नगर निगम की ओरसे की गई गड़बड़ी की जांच के मामले में डीसी ने निगमायुक्त से जवाब मांगा है।
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निगमायुक्त ने मामले को लेकर उप निगमायुक्त, क्षेत्रीय कर अधिकारी, प्राॅपर्टी टैक्स से जुड़े चेकर व मेकर से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। निगमायुक्त से मिलने आदेशानुसार सभी अधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे है। प्राॅपर्टी आईडी किस आधार पर बनाई गई और फैक्टरी की जमीन पर प्लॉट काटे जाने के लिए एनओसी किस तरह से दी गई है। ऐसे में अधिकारी जल्द ही निगमायुक्त को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
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फैक्टरी की जमीन पर काटी गई कॉलोनी में प्रॉपर्टी आईडी किस आधार पर बनाई गई। प्लॉटिंग करने के लिए एनओसी कैसे दी गई, इस मामले में जांच कराई जा रही है। जल्द ही यह रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।
विश्राम मीणा, निगमायुक्त, नगर निगम