फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Chhath festival will start from 5 with Nahay-Khay

Sonipat News: नहाय-खाय के साथ 5 से शुरू होगा छठ महापर्व

Mon, 04 Nov 2024 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 04 Nov 2024 12:21 AM IST
विज्ञापन
Chhath festival will start from 5 with Nahay-Khay
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोनीपत। सूर्योपासना का महापर्व छठ 5 नवंबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पर्व संपन्न होगा। जिले में रह रहे पूर्वांचल के लोगों को चार दिवसीय इस महापर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है। छठ को लेकर जिलेभर में कई जगह घाट सजाए जा रहे हैं।
महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर सूर्य देव व छठ माता की उपासना करेंगी। छठ महापर्व पर चार दिन शहर में उत्सव-सा माहौल रहेगा। महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि व लंबी आयु की कामना के लिए छठ माता का व्रत रख सूर्य देव की उपासना करेंगी। महापर्व को लेकर श्रद्धालु तैयारी में जुट गए हैं। नदी व तालाबों के किनारे घाट की साफ-सफाई का कार्य होने लगा है। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य व चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। श्रद्धालु पवित्रतापूर्वक स्नान के बाद सात्विक भोजन करते हैं। इसे शारीरिक शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद श्रद्धालु कुलदेवता व छठ माता का पूजन करते हैं।
विज्ञापन

छठ पूजन की जिला में यहां होती है व्यवस्था
जिला भर में छठ पूजन के लिए कई जगह घाट तैयार कर व्यवस्था की जाती है। आसपास के श्रद्धालु अपने-अपने घाट पर पहुंचकर व्रत धारण कर सूर्य देव की उपासना करते हैं। पूजा के लिए खासकर यमुना के गढ़ मिरकपुर घाट, बेगा घाट, मिमारपुर घाट, एटलस मंदिर, दुर्गा कॉलोनी, बीसवां मील, गांव ककरोई के पास नहर पर, बड़वासनी नहर पुल के पास, कबीरपुर, बाबा कॉलोनी व कालूपुर चुंगी पर घाट तैयार किए जाते हैं। यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचकर विधिविधान से छठ माता का पूजन करते हैं। शहर से यमुना की दूरी अधिक होने के कारण विभिन्न कॉलोनियों में भी कुंड तैयार कर महिलाएं पूजन कर व्रत का पारण करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

छठ पूजा पर किस दिन क्या महत्व
5 नवंबर को नहाय खाय
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (5 नवंबर) को छठ माता की उपासना की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होगी। पहले दिन महिलाएं स्नानादि के बाद घर की साफ-सफाई करती हैं। घरों में सात्विक भोजन चने की दाल, लौकी की सब्जी व भात (चावल) प्रसाद के रूप में तैयार किया जाता है। भोजन में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है।
6 नवंबर को खरना

पंचमी तिथि 6 नवंबर को दूसरे दिन खरना की विधि होगी। इस दिन उपवास रखने वाली महिलाएं गुड़ का खीर का प्रसाद बनाती हैं। इसे रात में ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया जाता है। खीर को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
7 नवंबर को छठ पूजा व प्रथम अर्घ्य
छठ पूजा के तीसरे दिन षष्ठी तिथि 7 नवंबर को छठ पर्व की मुख्य पूजा होगी। व्रत धारण करने वाले श्रद्धालु परिवार सहित नदी, घाट या तालाब के पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं। साथ ही छठ माता का पूजन किया जाता है। 7 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5:32 बजे होगा।

8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य
सप्तमी तिथि 8 नवंबर को छठ महापर्व का अंतिम दिन रहेगा। चौथे दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु पानी में खड़े होकर अलसुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगे। छठ पूजन के साथ महापर्व संपन्न होगा। 8 नवंबर को सूर्योदय सुबह 6:40 बजे होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed