फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Case of irregularities...District Education Department handed over the records of government schools to CBI.

Sonipat News: गड़बड़ी का मामला...जिला शिक्षा विभाग ने सीबीआई को सौंपा राजकीय विद्यालयों का रिकॉर्ड

Wed, 24 Dec 2025 01:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Wed, 24 Dec 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
Case of irregularities...District Education Department handed over the records of government schools to CBI.
सोनीपत। फर्जी दाखिला, ग्रांट खर्च, मिडे-डी मील गबन जैसे आरोपों के संदेह में घिरे प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों का मामला खत्म नहीं हो रहा है। प्रदेशभर में वर्ष 2014 से 2016 तक के सत्र में कई राजकीय विद्यालयों में करीब 4 लाख विद्यार्थियों के फर्जी दाखिला, ग्रांट खर्च व मिडे-डी मील गबन का मामला उजागर हुआ था।
विज्ञापन

मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की मांग पर शिक्षा विभाग ने जिले के सभी राजकीय विद्यालयों का रिकॉर्ड सौंप दिया है। इस बीच करीब 20 दिन तक विभाग में हलचल के साथ बैठकों का दौर जारी रहा।
विज्ञापन

सीबीआई ने दिसंबर की शुरुआत में शिक्षा विभाग के मार्फत जिले के सभी राजकीय विद्यालयों का रिकॉर्ड मुहैया करवाने की मांग की थी जबकि विभाग जून में 14 विद्यालयों का लेखा-जोखा उसे सौंप चुका था। सीबीआई की सभी विद्यालयों के रिकॉर्ड संबंधी मांग के बाद विभाग सहित विद्यालयों में पुराने दाखिले, ग्रांट खर्च, मिडे-डी मील रिकॉर्ड को लेकर हलचल शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब 22 दिन तक रिकॉर्ड को लेकर विद्यालय प्रबंधकों का शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आना-जाना लगा रहा। कई बार गुपचुप बैठकें भी चलीं। 5 दिसंबर को ब्लॉक स्तर पर 5-5 विद्यालयों का रिकॉर्ड भी सीबीआई को सौंप गया था। अब विभाग का दावा है कि सीबीआई को सभी विद्यालयों का रिकॉर्ड मुहैया करवा दिया गया है।
यहां से शुरू हुआ था संदेह का सिलसिला
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2014 में दाखिला प्रक्रिया एमआईएस पोर्टल पर दर्ज किए जाने की शुरुआत की गई थी। इससे पहले दाखिला प्रक्रिया ऑफलाइन थी। जब पोर्टल पर दाखिला संबंधी रिकॉर्ड दर्ज किया गया तो बाद में रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया जबकि विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी विद्यालयों को विभिन्न ग्रांट जारी की जा रही थी। वर्ष 2016 में प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में 4 लाख फर्जी दाखिलों का मामला उजागर हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
वर्ष 2019 में सीबीआई को सौंपी गई थी जांच
वर्ष 2019 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। जून में सोनीपत के ब्लॉक अनुसार 02 व कुल 14 विद्यालयों को जांच में शामिल किया गया था। हालांकि, सीबीआई ने विद्यालयों का रिकॉर्ड लेने के बाद रिपोर्ट पेश नहीं की है। सीबीआई सभी विद्यालयों के दोनों शैक्षणिक सत्र के दौरान के दाखिला, नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, विद्यार्थियों के लिए आने वाली वर्दी, स्टेशनरी, मिडे-डी मील ग्रांट व स्कॉलरशिप पर खर्ची गई राशि के रिकॉर्ड की जांच में जुटी है ताकि उनका ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड से मिलान किया जा सके।


सीबीआई ने दिसंबर की शुरुआत में जिले के सभी राजकीय विद्यालयों का रिकॉर्ड मांगा था। जिला शिक्षा विभाग की ओर से सभी विद्यालयों का रिकॉर्ड जमा करवा दिया गया है। मुख्यालय स्तर पर आगामी जो निर्देश होंगे उनका अनुपालन किया जाएगा।-रचना बाना, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed