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Sonipat News: केएमपी पर वाहन चालकों की लापरवाही छीन रही लोगों की जिंदगी
Sat, 14 Oct 2023 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 14 Oct 2023 01:21 AM IST
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केएमपी पर पिपली के पास हादसे के बाद पलटी पड़ी पिकअप गाड़ी। संवाद
खरखौदा। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर पिपली के पास कैंटर चालक की लापरवाही की वजह से पिकअप सवार पांच लोगों की मौत हो हो गई। केएमपी पर वाहन चालकों की लापरवाही और सुविधाओं का अभाव हादसे की वजह बनता है। इस पर अक्सर हादसे होते हैं। 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर दूर-दूर तक ठहरने और पानी तक की व्यवस्था नहीं है। वहीं अभी तक पूरे एक्सप्रेस-वे पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। अभी भी सोनीपत क्षेत्र में लाइट का अभाव है। चालक सड़क पर ही वाहन रोककर आराम करने लगते हैं। इससे अन्य वाहन चालक की लापरवाही व नींद की झपकी हादसे का कारण बन जाती है। हादसे में जान गंवाने वाले परमेश्वर पड़ी बेटी के हाथ पीले करने के बाद जहां कमाने आए थे, वहीं ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले चालक की भी हादसे ने जिंदगी लील ली।
135 किलोमीटर लंबे केएमपी पर वाहन चालकों को दी जाने वाली सुविधाएं नदारद हैं। ऐसे में अगर लंबे सफर के दौरान वाहन चालक को नींद आ जाए या फिर उसे लघुशंका के लिए रुकना पड़े तो उसे मजबूरी में सड़क के किनारे ही वाहन को खड़ा करना पड़ता है। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहन उसमें टकरा जाते हैं। केएमपी पर चढ़ते ही वाहन चालक अक्सर गति बढ़ा देते हैं। तेज गति पर नियंत्रण नहीं होने से लोग गति पर ध्यान नहीं देते हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर होने वाली मासिक बैठक में हर बार केएमपी केंद्र बिंदु में रहता है, लेकिन सिर्फ चर्चा कर इतिश्री हो जाती है।
चार माह पहले की थी बड़ी बेटी की शादी, सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
हादसे में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के गांव अकोरा निवासी परमेश्वर (40) के सात बच्चे हैं। जिसमें सबसे बड़ी बेटी बबली की शादी चार माह पहले ही थी। जिसके बाद अब कमाने के लिए आए थे मगर हादसे का शिकार हो गए। उनके बच्चों में बबली से छोटी काजल, शोभना व ज्योति तथ बेटे सिद्धपाल व परविंद हैं। सबसे छोटी एक और बेटी है। बेटी की शादी में परिवार ने काफी खर्च किया था। अब कमाने के लिए आए तो हादसे ने जिंदगी छीन ली।
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विजय के दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कैंटर चालक विजय अपनी ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। उनके पास चार-पांच गाड़ियां हैं। जिसमें वह स्वयं भी गाड़ी लेकर चले जाते थे। अब दोस्त रोहित के साथ पहले सहारनपुर गए थे। वहां से आते हुए मजदूरों को लेकर आ रहे थे। उनके दो बेटे 11 साल का आदी और नौ साल का यश हैं।
केएमपी पर पहले भी हुए हादसे
5 सितंबर को केएमपी टोल प्लाजा के निकट गढ़ी बाला के पास हादसे में पिकअप सवार 15 श्रद्धालु घायल हुए थे। हादसा टायर फटने की वजह से हुआ था।
2 अप्रैल को केएमपी पर गांव बढ़मलिक के पास पंक्चर हुई बस का टायर बदलते समय ट्रक की टक्कर से 15 श्रद्धालु घायल हो गए थे। वह यूपी के मेरठ से खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे।
15 फरवरी, 2022 को केएमपी टोल प्लाजा के पास हादसे में पंजाबी गायक दीप सिद्धू की मौत हो गई थी। उनकी मंगेतर रीना राय चोटिल हुई थीं।
27 नवंबर, 2021 को दिल्ली एयरपोर्ट जा रही बस को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। केएमपी पर जठेड़ी के पास हुए हादसे में चालक की मौत हो गई थी और 12 सवारी घायल हुई थी।
7 जून, 2021 को केएमपी पर बीसवां मील के पास सड़क पर सो रहे दो मजदूरों को पानी के टैंकर ने कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी।
2 नवंबर, 2020 को राजस्थान से आ रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी अन्य वाहन से टकराई थी। जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में 10 अन्य घायल हुए थे।
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135 किलोमीटर लंबे केएमपी पर वाहन चालकों को दी जाने वाली सुविधाएं नदारद हैं। ऐसे में अगर लंबे सफर के दौरान वाहन चालक को नींद आ जाए या फिर उसे लघुशंका के लिए रुकना पड़े तो उसे मजबूरी में सड़क के किनारे ही वाहन को खड़ा करना पड़ता है। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहन उसमें टकरा जाते हैं। केएमपी पर चढ़ते ही वाहन चालक अक्सर गति बढ़ा देते हैं। तेज गति पर नियंत्रण नहीं होने से लोग गति पर ध्यान नहीं देते हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर होने वाली मासिक बैठक में हर बार केएमपी केंद्र बिंदु में रहता है, लेकिन सिर्फ चर्चा कर इतिश्री हो जाती है।
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चार माह पहले की थी बड़ी बेटी की शादी, सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
हादसे में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के गांव अकोरा निवासी परमेश्वर (40) के सात बच्चे हैं। जिसमें सबसे बड़ी बेटी बबली की शादी चार माह पहले ही थी। जिसके बाद अब कमाने के लिए आए थे मगर हादसे का शिकार हो गए। उनके बच्चों में बबली से छोटी काजल, शोभना व ज्योति तथ बेटे सिद्धपाल व परविंद हैं। सबसे छोटी एक और बेटी है। बेटी की शादी में परिवार ने काफी खर्च किया था। अब कमाने के लिए आए तो हादसे ने जिंदगी छीन ली।
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विजय के दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कैंटर चालक विजय अपनी ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। उनके पास चार-पांच गाड़ियां हैं। जिसमें वह स्वयं भी गाड़ी लेकर चले जाते थे। अब दोस्त रोहित के साथ पहले सहारनपुर गए थे। वहां से आते हुए मजदूरों को लेकर आ रहे थे। उनके दो बेटे 11 साल का आदी और नौ साल का यश हैं।
केएमपी पर पहले भी हुए हादसे
5 सितंबर को केएमपी टोल प्लाजा के निकट गढ़ी बाला के पास हादसे में पिकअप सवार 15 श्रद्धालु घायल हुए थे। हादसा टायर फटने की वजह से हुआ था।
2 अप्रैल को केएमपी पर गांव बढ़मलिक के पास पंक्चर हुई बस का टायर बदलते समय ट्रक की टक्कर से 15 श्रद्धालु घायल हो गए थे। वह यूपी के मेरठ से खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे।
15 फरवरी, 2022 को केएमपी टोल प्लाजा के पास हादसे में पंजाबी गायक दीप सिद्धू की मौत हो गई थी। उनकी मंगेतर रीना राय चोटिल हुई थीं।
27 नवंबर, 2021 को दिल्ली एयरपोर्ट जा रही बस को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। केएमपी पर जठेड़ी के पास हुए हादसे में चालक की मौत हो गई थी और 12 सवारी घायल हुई थी।
7 जून, 2021 को केएमपी पर बीसवां मील के पास सड़क पर सो रहे दो मजदूरों को पानी के टैंकर ने कुचल दिया था। दोनों की मौत हो गई थी।
2 नवंबर, 2020 को राजस्थान से आ रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी अन्य वाहन से टकराई थी। जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में 10 अन्य घायल हुए थे।