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कैंसर दिवस विशेष : अस्पताल में साढ़े तीन साल से कैंसर विशेषज्ञ नहीं, 70 फीसदी मिल रहे गला कैंसर के राेगी

Tue, 04 Feb 2025 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 04 Feb 2025 12:42 AM IST
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Cancer Day Special: There is no cancer specialist in the hospital for three and a half years, 70% of the patients are suffering from throat cancer
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में साढ़े तीन साल से कैंसर विशेषज्ञ तक नहीं है। इसकी वजह से कैंसर के मरीजों की कीमोथेरेपी नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। 1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी तक 564 मरीज मिल चुके है, इनमें 70 फीसदी मरीज गले के कैंसर से संबंधित हैं।
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जिला में मुंह और गले के कैंसर के मामले सबसे ज्यादा आते हैं। 90 फीसदी कैंसर का कारण वर्तमान में बदल रही जीवनशैली और वातावरण के प्रभाव से संबंधित होते हैं। इसका मुख्य कारण तंबाकू व धूम्रपान उत्पादों का सेवन है। जानकारी के अभाव में कैंसर रोगी समय पर जांच व इलाज नही ले पाते। आजकल सर्वाइकल कैंसर का खतरा महिलाओं में बढ़ता जा रहा है। यह कैंसर महिलाओं की बच्चेदानी से संबंधित होता है। कैंसर के प्रभाव से मुंह में अल्सर, गले में दर्द, आवाज में बदलाव और चबाने और निगलने में कठिनाई हो तो इस प्रकार के मुंह का कैंसर का इलाज किया जा सकता है।
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नागरिक अस्पताल में कैंसर जांच की सुविधा तो है, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण संदिग्ध मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक व मेडिकल कॉलेज खानपुर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल के गैर संचारी रोग (एनसीडी) क्लीनिक में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच डॉ. सीमा व डॉ. वृंदा करती हैं। जब पीड़ित मरीज कैंसर के तीसरे व चौथे चरण पर पहुंच जाता है तो उस समय उन्हें पैलिएटिव केयर (प्रशामक देखभाल) दी जाती है। पैलिएटिव केयर कैंसर, एड्स, हृदय, गुर्दा फेल या कोमा के मरीजों को दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रदान किया जाता है। रोगियों की देखरेख के साथ-साथ उन्हें कुछ दवाएं भी दी जाती हैं जिससे उन्हें आराम मिल सके।
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यह टेस्ट होते हैं अस्पताल में

जिला नागरिक अस्पताल में पैपस्मीयर टेस्ट महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की जांच के लिए किया जाता है। इसके लिए गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं से सैंपल निकाला जाता है। स्तन कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी टेस्ट भी किया जाता है। कैंसर से बचने के लिए महिलाओं को सतर्क रहने को जागरूक किया जा रहा है।




कैंसर होने के खतरे को कम करने के उपाय

- ज्यादा मात्रा में फल-सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- रोजाना सुबह-शाम व्यायाम जरूरी है।
- हैपेटाइटिस बी का टीका लगवाना चाहिए।
- शराब से दूर रहना चाहिए।
- तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए।



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अप्रैल 2024 से अब तक 564 मरीज मिल चुके हैं। जिला अस्पताल में तीन तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा है। कैंसर से बचाव के लिए लोगों को समय-समय पर जांच करानी चाहिए।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन
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