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Sonipat News: सरकारी स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें, पुरानी पर निर्भर विद्यार्थी

Sat, 18 Apr 2026 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 02:42 AM IST
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Books did not reach government schools, students depend on old ones
सोनीपत। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी सत्र शुरू होने के 15 दिन बाद भी किताबों का इंतजार कर रहे हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम से अभी तक जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में किताबें नहीं पहुंची हैं।
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पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थी पुरानी व फटी किताबों पर निर्भर हैं। स्कूलों में किताबें कब तक पहुंचेंगी इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी नहीं पता है।
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स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। नियम के अनुसार यह किताबें मार्च के दूसरे सप्ताह तक स्कूलों में पहुंच जानी चाहिए थीं जिससे नए सत्र में बच्चों के पास पढ़ने के लिए पाठयक्रम मौजूद होता लेकिन सत्र शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं। किताबें नहीं पहुंच पा रही हैं।
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जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। किताब वितरण योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी खर्च वहन करती है।

कुछ किताबों की स्थिति बेहद खराब



वहीं फिलहाल स्कूलों में प्रमोट हुए विद्यार्थियों की पुरानी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है। इन किताबों में कई पेज गायब हैं जबकि कुछ किताबों की स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में अध्यापक नोट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं।



कक्षा के अनुसार बच्चों की संख्या

कक्षा बच्चे



पहली 6168

दूसरी 6207



तीसरी 6812

चौथी 8042



पांचवीं 9097

छठी 9156



सातवीं 9731

आठवीं 9873



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किताबों के अभाव में सीआरपी कार्यक्रम जारी
शिक्षा विभाग की ओर से किताबों के अभाव में कक्षा तत्परता कार्यक्रम (सीआरपी) चलाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में 23 मई तक कक्षा तत्परता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
इस दौरान बालवाटिका 3 से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की सीखने की नींव को मजबूत करना है ताकि वे आगे की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

सीआरपी के तहत कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। बच्चों को खेल, संवाद और अनुभव के माध्यम से पढ़ाया जाएगा जिससे उनकी भागीदारी बढ़े और सीखने के परिणाम बेहतर हो।
कक्षा दो से पांच तक हिन्दी, गणित और अंग्रेजी विषयों में दक्षताओं को तय किया जाएगा। हिन्दी में पढ़ना लिखना और अभिव्यक्ति कौशल, गणित में संख्या ज्ञान, जोड़ घटाव, गुणा भाग और आंकड़ों की समझ व अंग्रेजी में वाक्य निर्माण, व्याकरण और लेखन कौशल पर फोकस रहेगा।






एससीईआरटी गुरुग्राम से किताबें वितरण का पत्र मिल गया था। किताबें सरकारी स्कूलों तक कब तक पहुंचेगी यह अभी तक बताया नहीं जा सकता। किताबों के अभाव में बच्चों को सीआरपी कार्यक्रम के जरिए खेल, संवाद और अनुभव के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।
कृष्णा खत्री, डीपीसी, समग्र शिक्षा अभियान
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