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भाजपा ने सोनिया-राहुल तो कांग्रेस ने मोदी-मनोहर को कोसा
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पूर्व मंत्री कविता जैन, राजीव जैन, जिलाध्यक्ष तीर्थ राणा व अन्य नेता कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी क
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कृषि कानून विरोधी आंदोलन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा दिए गए बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की भनक लगते ही कांग्रेस कार्यकर्ता भी शनिवार सुबह सड़क पर उतर आए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने सड़क के दोनों छोर पर डेरा जमाते हुए एक-दूसरी पार्टी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। भाजपा ने सोनिया-राहुल तो कांग्रेस ने मोदी-मनोहर को जमकर कोसा। करीब 3 घंटे तक भाजपा व कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता आमने-सामने रहे। इस बीच कई बार टकराव की स्थिति पैदा हुई। जिसे तैनात पुलिस बल ने सूझबूझ से शांत किया।
कांग्रेसियों द्वारा सीएम की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने के दौरान माहौल गरमा गया। पुतले को एक दूसरे के खेमे में फेंकने के लिए दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए। परिणामस्वरूप पुतले के अवशेष दोनों खेमों में बिखर गए। दोपहर करीब एक बजे भाजपा ने अपना धरना समाप्त किया। उसके कुछ ही देर बाद कांग्रेसी भी वहां से निकल गए।
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र द्वारा किसान आंदोलन को लेकर दिए गए बयान के विरोध में भाजपा ने कांग्रेस के जिला मुख्यालयों का घेराव करने का फैसला लिया था। जिस पर कांग्रेस भी भाजपा के विरोध में सड़क पर उतर आई। शहर में कांग्रेस भवन के सामने भाजपा द्वारा प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट में सुबह ही कांग्रेसियों ने कब्जा जमा लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने समझा बुझाकर कांग्रेसियों को वहां से उठाया।
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भाजपा के टेंट पर कांग्रेसियों ने किया कब्जा
कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 10 बजे भारी संख्या में एकत्रित होकर सुभाष चौक के पास कांग्रेस भवन के सामने लगाए गए भाजपा के टेंट में पहुंचे और कब्जा जमा लिया। कांग्रेसियों ने यहां बैठ भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कांग्रेसियों को भाजपा का टेंट खाली करने व कांग्रेस भवन के बाहर लगाए गए अपने टेंट में जाकर बैठने को कहा, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बात अनसुनी कर दी। मौके पर पहुंचे डीएसपी हंसराज ने कांग्रेस के विधायक व मेयर से बातचीत की, जिसके बाद कांग्रेसी अपने पंडाल में चले गए। जिसके कुछ देर बाद ही भाजपा नेता राजीव जैन के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और धरनास्थल पर बैठकर नारेबाजी शुरू की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सीएम के पुतले की शवयात्रा निकालने पर बना तनाव
प्रदर्शन की शुरुआत में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती रही। कुछ देर बाद कांग्रेस ने धरने से सुभाष चौक तक और वापस कांग्रेस भवन तक जुलूस निकालना शुरू कर दिया। शुरुआत के दो चक्कर लगाने पर स्थिति सामान्य रही, लेकिन करीब 12 बजे कांग्रेस ने सीएम का पुतला तैयार किया और उसकी शवयात्रा निकालनी शुरू कर दी। यह शवयात्रा जब भाजपा के धरनास्थल के ठीक सामने पहुंची तो भाजपा जिला अध्यक्ष तीर्थ राणा व अन्य कार्यकर्ता भड़क गए। पुतले को उठाकर कांग्रेस के खेमे में फेंकने लगे।
भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए तैनात रहा भारी पुलिस बल
भाजपा व कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार सुबह ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। खास बात यह रही कि सड़क के दोनों ओर धरनास्थलों के आगे पुलिसकर्मी चेन बनाकर खड़े रहे। डीएसपी हंसराज ने मोर्चा संभाले रखा और पल-पल की जानकारी मुख्यालय को दी जाती रही। तनाव बढ़ता देख एक घंटे बाद ही पुलिस बल बढ़ा दिया गया था। यही नहीं अतिरिक्त फोर्स को तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए थे।
कांग्रेसियों ने महंगाई, बेरोजगारी पर हल्ला बोला तो सोनिया-राहुल पर गरजे भाजपाई
कांग्रेस के खेमे में कार्यकर्ताओं ने महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ हल्ला बोलते हुए मोदी, मनोहर व स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं भाजपा की ओर से जय श्रीराम के नारों के साथ ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। खास बात यह रही कि दोनों पार्टियों की ओर से एक दूसरे को शर्म करो-शर्म करो के नारे लगाए जाते रहे। यहां से गुजरने वाले लोग दोनों ही पार्टियों का मजाक उड़ाते रहे।
विधायक सुरेंद्र पंवार ने नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ता सबसे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार के नेतृत्व में सुभाष चौक के पास एकत्रित हुए। इनमें मेयर निखिल मदान, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, गोहाना विधायक जगबीर मलिक, सुरेंद्र छिक्कारा, बिजेंद्र आंतिल, कमल हसीजा, ललित पंवार, सत्यवीर निर्माण, कर्मबीर सरोहा, अनिल गुप्ता सीटू, मोनिका मलिक, नीतू, बिजेंद्र मलिक, रणधीर खोखर, शीला आंतिल, संतोष कादियान, रवि दहिया, संजय पूर्व पार्षद, सियाराम, हरेंद्र राठी, एडवोकेट कृष्ण मलिक, अशोक खत्री, दिनेश हुड्डा, प्रिंस, संतोष गुलिया, कमला मलिक, मनजीत पार्षद, सिद्धार्थ दहिया शामिल रहे।
राजीव जैन ने किया भाजपा खेमे का नेतृत्व
भाजपा खेमे का नेतृत्व राजीव जैन ने किया। उनके साथ धरनास्थल पर पूर्व मंत्री कविता जैन, जिला अध्यक्ष तीर्थ राणा, डॉ. ओमप्रकाश आत्रेय, सुरेंद्र मदान, सुनीता लोहचब, तरूण देवीदास, रविंद्र दिलावर, राकेश चोपड़ा, नवीन मंगला, अतुल जैन, नीरज आत्रेय, योगेशपाल अरोड़ा, आजाद नेहरा, कविता चौधरी, अंजू दहिया, युद्धविंद्र सिंह, प्रीतम खोखर, फूल खर्ब मौजूद रहे।
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कांग्रेसियों द्वारा सीएम की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालने के दौरान माहौल गरमा गया। पुतले को एक दूसरे के खेमे में फेंकने के लिए दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए। परिणामस्वरूप पुतले के अवशेष दोनों खेमों में बिखर गए। दोपहर करीब एक बजे भाजपा ने अपना धरना समाप्त किया। उसके कुछ ही देर बाद कांग्रेसी भी वहां से निकल गए।
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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र द्वारा किसान आंदोलन को लेकर दिए गए बयान के विरोध में भाजपा ने कांग्रेस के जिला मुख्यालयों का घेराव करने का फैसला लिया था। जिस पर कांग्रेस भी भाजपा के विरोध में सड़क पर उतर आई। शहर में कांग्रेस भवन के सामने भाजपा द्वारा प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट में सुबह ही कांग्रेसियों ने कब्जा जमा लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने समझा बुझाकर कांग्रेसियों को वहां से उठाया।
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भाजपा के टेंट पर कांग्रेसियों ने किया कब्जा
कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 10 बजे भारी संख्या में एकत्रित होकर सुभाष चौक के पास कांग्रेस भवन के सामने लगाए गए भाजपा के टेंट में पहुंचे और कब्जा जमा लिया। कांग्रेसियों ने यहां बैठ भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कांग्रेसियों को भाजपा का टेंट खाली करने व कांग्रेस भवन के बाहर लगाए गए अपने टेंट में जाकर बैठने को कहा, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बात अनसुनी कर दी। मौके पर पहुंचे डीएसपी हंसराज ने कांग्रेस के विधायक व मेयर से बातचीत की, जिसके बाद कांग्रेसी अपने पंडाल में चले गए। जिसके कुछ देर बाद ही भाजपा नेता राजीव जैन के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और धरनास्थल पर बैठकर नारेबाजी शुरू की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सीएम के पुतले की शवयात्रा निकालने पर बना तनाव
प्रदर्शन की शुरुआत में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती रही। कुछ देर बाद कांग्रेस ने धरने से सुभाष चौक तक और वापस कांग्रेस भवन तक जुलूस निकालना शुरू कर दिया। शुरुआत के दो चक्कर लगाने पर स्थिति सामान्य रही, लेकिन करीब 12 बजे कांग्रेस ने सीएम का पुतला तैयार किया और उसकी शवयात्रा निकालनी शुरू कर दी। यह शवयात्रा जब भाजपा के धरनास्थल के ठीक सामने पहुंची तो भाजपा जिला अध्यक्ष तीर्थ राणा व अन्य कार्यकर्ता भड़क गए। पुतले को उठाकर कांग्रेस के खेमे में फेंकने लगे।
भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए तैनात रहा भारी पुलिस बल
भाजपा व कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार सुबह ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। खास बात यह रही कि सड़क के दोनों ओर धरनास्थलों के आगे पुलिसकर्मी चेन बनाकर खड़े रहे। डीएसपी हंसराज ने मोर्चा संभाले रखा और पल-पल की जानकारी मुख्यालय को दी जाती रही। तनाव बढ़ता देख एक घंटे बाद ही पुलिस बल बढ़ा दिया गया था। यही नहीं अतिरिक्त फोर्स को तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए थे।
कांग्रेसियों ने महंगाई, बेरोजगारी पर हल्ला बोला तो सोनिया-राहुल पर गरजे भाजपाई
कांग्रेस के खेमे में कार्यकर्ताओं ने महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ हल्ला बोलते हुए मोदी, मनोहर व स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं भाजपा की ओर से जय श्रीराम के नारों के साथ ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। खास बात यह रही कि दोनों पार्टियों की ओर से एक दूसरे को शर्म करो-शर्म करो के नारे लगाए जाते रहे। यहां से गुजरने वाले लोग दोनों ही पार्टियों का मजाक उड़ाते रहे।
विधायक सुरेंद्र पंवार ने नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस कार्यकर्ता सबसे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार के नेतृत्व में सुभाष चौक के पास एकत्रित हुए। इनमें मेयर निखिल मदान, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, गोहाना विधायक जगबीर मलिक, सुरेंद्र छिक्कारा, बिजेंद्र आंतिल, कमल हसीजा, ललित पंवार, सत्यवीर निर्माण, कर्मबीर सरोहा, अनिल गुप्ता सीटू, मोनिका मलिक, नीतू, बिजेंद्र मलिक, रणधीर खोखर, शीला आंतिल, संतोष कादियान, रवि दहिया, संजय पूर्व पार्षद, सियाराम, हरेंद्र राठी, एडवोकेट कृष्ण मलिक, अशोक खत्री, दिनेश हुड्डा, प्रिंस, संतोष गुलिया, कमला मलिक, मनजीत पार्षद, सिद्धार्थ दहिया शामिल रहे।
राजीव जैन ने किया भाजपा खेमे का नेतृत्व
भाजपा खेमे का नेतृत्व राजीव जैन ने किया। उनके साथ धरनास्थल पर पूर्व मंत्री कविता जैन, जिला अध्यक्ष तीर्थ राणा, डॉ. ओमप्रकाश आत्रेय, सुरेंद्र मदान, सुनीता लोहचब, तरूण देवीदास, रविंद्र दिलावर, राकेश चोपड़ा, नवीन मंगला, अतुल जैन, नीरज आत्रेय, योगेशपाल अरोड़ा, आजाद नेहरा, कविता चौधरी, अंजू दहिया, युद्धविंद्र सिंह, प्रीतम खोखर, फूल खर्ब मौजूद रहे।

सीएम के पुतले की शवयात्रा को एक-दूसरे पर फेंकने के लिए भिड़ते भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : Sonipat