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Sonipat News: श्रीराम कथा से पहले कराया वेदी पूजन, लंका दहन का सुनाया प्रसंग
Sun, 01 Mar 2026 03:03 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 01 Mar 2026 03:03 PM IST
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फोटो : सोनीपत के हलवाई हट्टा स्थित चिटाने वाली माता मंदिर में राम कथा सुनाते स्वामी डॉ. दयानंद
सोनीपत। हलवाई हट्टा स्थित चिटाने वाली माता मंदिर सुनारों वाली गली में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को आठवें दिन कथाव्यास एवं श्रीराम कृष्ण साधना केंद्र मुरथल के संस्थापक डॉ. दयानंद सरस्वती यति महाराज ने हनुमान-सीता की मुलाकात व लंका दहन का प्रसंग सुनाया।
इससे पहले शनिवार सुबह वैदिक आचार्य पंडित दीपक ने वेदी पूजन की शुरुआत की। पं. अमित शौनक ने बताया कि वेदी पूजन को यज्ञ का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना जाता है जिससे पूरे अनुष्ठान की पवित्र शुरुआत होती है। श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।
कथावाचक ने बताया कि रावण की ओर से सीता हरण के बाद श्रीराम ने हनुमान जी को उनकी खोज में भेजा। हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचे। उन्होंने अशोक वाटिका में सीता माता को खोज निकाला। सीता माता को श्रीराम की अंगूठी दी। सीता माता ने भी चूड़ामणि देकर श्रीराम के लिए संदेश भेजा।
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हनुमान जी ने रावण के दरबार में जाकर उसे धर्म और मर्यादा का ज्ञान दिया। रावण ने अपमानित कर उनकी पूंछ में आग लगवा दी। हनुमान जी ने इसी आग से पूरी लंका को जला दिया। इससे राक्षसों में भगदड़ मच गई। इस दौरान प्रमोद गुप्ता, अमित शर्मा, गौरव गोयल, तरुण शर्मा, प्रवीण कुच्छल, वंश कुच्छल, गोलू शौनक, अक्षत गोयल भी मौजूद रहे।
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इससे पहले शनिवार सुबह वैदिक आचार्य पंडित दीपक ने वेदी पूजन की शुरुआत की। पं. अमित शौनक ने बताया कि वेदी पूजन को यज्ञ का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना जाता है जिससे पूरे अनुष्ठान की पवित्र शुरुआत होती है। श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।
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कथावाचक ने बताया कि रावण की ओर से सीता हरण के बाद श्रीराम ने हनुमान जी को उनकी खोज में भेजा। हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचे। उन्होंने अशोक वाटिका में सीता माता को खोज निकाला। सीता माता को श्रीराम की अंगूठी दी। सीता माता ने भी चूड़ामणि देकर श्रीराम के लिए संदेश भेजा।
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हनुमान जी ने रावण के दरबार में जाकर उसे धर्म और मर्यादा का ज्ञान दिया। रावण ने अपमानित कर उनकी पूंछ में आग लगवा दी। हनुमान जी ने इसी आग से पूरी लंका को जला दिया। इससे राक्षसों में भगदड़ मच गई। इस दौरान प्रमोद गुप्ता, अमित शर्मा, गौरव गोयल, तरुण शर्मा, प्रवीण कुच्छल, वंश कुच्छल, गोलू शौनक, अक्षत गोयल भी मौजूद रहे।