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Sonipat News: मसीहा बने राज्य अपराध शाखा के एएसआई राजेश, 11 साल बाद बिछड़ी बेटी को मिलवाया

Sun, 01 Dec 2024 02:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 01 Dec 2024 02:52 AM IST
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ASI Rajesh of State Crime Branch became the messiah, reunited his estranged daughter after 11 years
फोटो 09- सोनीपत के बालग्राम राई में 11 साल बाद मिलने पर भावुक हुई मां-बेटी। संवाद
सोनीपत। राज्य अपराध शाखा में तैनात एएसआई राजेश एक परिवार के लिए मसीहा बने हैं। उन्होंने 11 साल पहले लापता हुई लड़की को उनके परिवार से मिलवा दिया है। वर्षों बाद लाडो को पाकर परिजनों के आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने एएसआई राजेश का धन्यवाद किया।एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि वह गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए बालग्राम राई में बाल कल्याण अधिकारी से मिले थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में कुंडली बॉर्डर पर एक बालिका बेसहारा हालत में मिली थी, तब से वह हमारे पास रह रही है। उन्होंने बालिका से परिवार के बारे में पूछताछ की। वीडियो कॉल के माध्यम से काउंसिलिंग करवाई। पूछताछ में बालिका ने अपना, पिता व दादा का नाम बताया। जिसके बाद परिजनों को तलाश शुरू की। बालिका के आधार कार्ड के माध्यम से परिजनों को पता लगाने का प्रयास किया गया। आसपास के राज्यों से गुमशुदा बच्चों का रिकॉर्ड जांचा, जिसमें दिल्ली के नरेला थाना में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली। जिसके बाद नरेला पुलिस से जानकारी प्राप्त कर परिवार से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
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कड़ी से कड़ी जोड़ परिवार तक पहुंचे एएसआई
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए एएसआई राजेश नरेला पहुंचे, जहां पता लगा कि परिवार अपना घर बेचकर कहीं चला गया था। एक दुकानदार ने बताया कि परिवार गन्नौर के गांव गुमड़ का रहने वाला है। गुमड़ पहुंचे तो पता लगा कि यहां परिवार को कोई व्यक्ति नहीं रहता। लड़की की मौसी पंजाब के बरनाला में रहती है। वहां संपर्क करने पर पता लगा कि लड़की के पिता का देहांत हो गया था, मां दूसरी शादी कर करनाल में रहती है। जिसके बाद लड़की की मां से संपर्क कर लापता बेटी को परिवार से मिलवाया।
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-हम पंजाब में रहते थे और मेरी बेटी व बेटा नरेला में अपने दादा-दादी के पास रहते थे। वर्ष 2013 में दोनों गुम हो गए थे। पुलिस में शिकायत देने के साथ ही काफी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला था। लड़का करीब तीन साल बाद मिल गया था। पति का देहांत होने के बाद मैंने दूसरी शादी कर ली थी। आज बेटी भारती के मिलने की खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकती।
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रीना, लड़की की मां



-नरेला से लापता हुई सात वर्षीय भारती राई स्थित केंद्र में रह रही थी। परिवार का पता लगाकर वीडियो कॉल कराई तो मां, मौसी व नानी ने भारती को और भारती ने अपनी मां, मौसी व नानी को पहचान लिया था। कागजी कार्रवाई कर 11 वर्ष बाद लापता बेटी को परिवार से मिलवाने का सौभाग्य मिला है।
-राजेश कुमार, एएसआई, राज्य अपराध शाखा
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