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Sonipat News: पदोन्नति न होने पर रोष, मुख्यमंत्री को बताई व्यथा
Mon, 10 Jun 2024 10:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 10 Jun 2024 10:40 PM IST
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल की शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक एसोसिएशन के सदस्य सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले। एसोसिएशन सदस्यों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कुलपति पर विश्वविद्यालय के हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। साथ ही पूर्व कुलपति को वापस बुलाने की गुहार लगाई।
शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ की पदोन्नति नहीं की जा रही जबकि प्रदेश सरकार की तरफ से बार बार पदोन्नति को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं। अकादमिक काउंसिल के मिनट्स को तोड़ मरोड़ कर जारी किया जा रहा है। पुरानी रिसर्च प्रमोशन पॉलिसी पर रोक लगा दी, जबकि नई अब तक जारी नहीं की गई। जिससे शोध को प्रोत्साहन की योजना बंद हो गई हैं। रिसर्च स्कॉलर की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विवि में नई शिक्षा नीति को लागू करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि अन्य विवि में यह लागू कर दी गई है। विवि प्रशासन वातानुकूलित सचिवालय में बैठे हैं, जबकि कर्मचारी बिना वेंटिलेशन के कमरों में बैठकर कार्य करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों व विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं हो रही। विवि में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है, टॉयलेट में सफाई का अभाव है, मकानों की मरम्मत नहीं है व लिफ्ट खराब है। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं किया जाता। यही नहीं करोड़ों रुपये की लागत से दो वर्ष पूर्व बने स्वीमिंग पुल को अभी तक चालू नहीं किया गया। प्रतिवर्ष होने वाले टेक्नोवा व स्पोर्ट्स मीट को रोक दिया गया है। शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि विवि को बचाने के लिए पूर्व कुलपति को वापस बुलाया जाए।
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शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ की पदोन्नति नहीं की जा रही जबकि प्रदेश सरकार की तरफ से बार बार पदोन्नति को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं। अकादमिक काउंसिल के मिनट्स को तोड़ मरोड़ कर जारी किया जा रहा है। पुरानी रिसर्च प्रमोशन पॉलिसी पर रोक लगा दी, जबकि नई अब तक जारी नहीं की गई। जिससे शोध को प्रोत्साहन की योजना बंद हो गई हैं। रिसर्च स्कॉलर की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विवि में नई शिक्षा नीति को लागू करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि अन्य विवि में यह लागू कर दी गई है। विवि प्रशासन वातानुकूलित सचिवालय में बैठे हैं, जबकि कर्मचारी बिना वेंटिलेशन के कमरों में बैठकर कार्य करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों व विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं हो रही। विवि में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है, टॉयलेट में सफाई का अभाव है, मकानों की मरम्मत नहीं है व लिफ्ट खराब है। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं किया जाता। यही नहीं करोड़ों रुपये की लागत से दो वर्ष पूर्व बने स्वीमिंग पुल को अभी तक चालू नहीं किया गया। प्रतिवर्ष होने वाले टेक्नोवा व स्पोर्ट्स मीट को रोक दिया गया है। शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि विवि को बचाने के लिए पूर्व कुलपति को वापस बुलाया जाए।
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