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वायु की गुणवत्ता फिर हुई खराब, मास्क ही सहारा
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सोनीपत की कच्चे क्वार्टर मार्केट में गर्म कपड़ों की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Sonipat
जिले में वायु की गुणवत्ता एक बार फिर से खराब होने लगी है। हवा में मोटे और बारीक धूल कणों की मात्रा में बढ़ोतरी हो गई है। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक का मानक भी बढ़ गया है। धूल कणों के शरीर में जाने से फेफड़ों और सांस की नली में संक्रमण हो सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क लगाकर रखने की सलाह दी है।
एक सप्ताह से वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ था। हवा साफ होने के साथ ही धूल के कणों की संख्या कम हो गई थी। पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर नियंत्रित रहने से विशेषज्ञों ने मौसम बेहतर रहने की बात कही थी। हवा को सेहत के लिए लाभदायक बताते हुए लोगों को सुबह-शाम सैर करने की सलाह दी गई थी। तापमान कम होने के बावजूद हवा की शुद्धता बरकरार थी। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी कई तरह के प्रतिबंध खत्म कर दिए गए थे। अब फिर से प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया है।
औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक : 219
पीएम-10 : 301
पीएम-2.5 : 192
कार्बन ऑक्साइड : 51
धूल कण सांस के जरिये फेफड़ों में फैला सकते हैं संक्रमण
वायु में पीएम-10 और पीएम-2.5 के बढ़ने का मतलब यह है कि बारीक और मोटे धूल कण व धुआं के कणों की मात्रा मानक से करीब पांच गुना है। विशेषज्ञों ने घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी है। बिना मास्क के हवा में घुले धूल और धुएं के कण सांस के साथ पहुंचकर फेफड़ों में संक्रमण फैला सकते हैं।
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सर्दी से मिली हल्की राहत
दिल्ली के साथ ही एनसीआर में शीतलहर चल रही है। तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया था। हालांकि मंगलवार को लोगों को थोड़ी राहत मिली है। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। इससे शीतलहर से थोड़ी राहत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह तापमान में थोड़ा सुधार होने से दिन में धूप राहत देगी। हालांकि अभी सर्दी में ठंडक का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनकर सर्दी से बचाव करने की सलाह दी है।
वर्जन
प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगे तापमान में और बढ़ोतरी होगी, जिससे कड़ाके की सर्दी से कुछ राहत मिलेगी।
- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत
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एक सप्ताह से वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ था। हवा साफ होने के साथ ही धूल के कणों की संख्या कम हो गई थी। पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर नियंत्रित रहने से विशेषज्ञों ने मौसम बेहतर रहने की बात कही थी। हवा को सेहत के लिए लाभदायक बताते हुए लोगों को सुबह-शाम सैर करने की सलाह दी गई थी। तापमान कम होने के बावजूद हवा की शुद्धता बरकरार थी। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी कई तरह के प्रतिबंध खत्म कर दिए गए थे। अब फिर से प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया है।
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औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक : 219
पीएम-10 : 301
पीएम-2.5 : 192
कार्बन ऑक्साइड : 51
धूल कण सांस के जरिये फेफड़ों में फैला सकते हैं संक्रमण
वायु में पीएम-10 और पीएम-2.5 के बढ़ने का मतलब यह है कि बारीक और मोटे धूल कण व धुआं के कणों की मात्रा मानक से करीब पांच गुना है। विशेषज्ञों ने घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी है। बिना मास्क के हवा में घुले धूल और धुएं के कण सांस के साथ पहुंचकर फेफड़ों में संक्रमण फैला सकते हैं।
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सर्दी से मिली हल्की राहत
दिल्ली के साथ ही एनसीआर में शीतलहर चल रही है। तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया था। हालांकि मंगलवार को लोगों को थोड़ी राहत मिली है। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। इससे शीतलहर से थोड़ी राहत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस सप्ताह तापमान में थोड़ा सुधार होने से दिन में धूप राहत देगी। हालांकि अभी सर्दी में ठंडक का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनकर सर्दी से बचाव करने की सलाह दी है।
वर्जन
प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगे तापमान में और बढ़ोतरी होगी, जिससे कड़ाके की सर्दी से कुछ राहत मिलेगी।
- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत