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वायु गुणवत्ता खराब, एनजीटी ने लगाया निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध

Mon, 31 Oct 2022 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 01:21 AM IST
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Air quality poor, NGT bans construction works
खराब सामान व कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद - फोटो : Sonipat
दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू होती हवा को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जिसके तहत निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही क्रेशर, ईंट-भट्ठों व पीएनजी पर न चलने वाले उद्योगों पर रोक लगाई गई है। ताकि वायु की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। हालांकि जिले में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 288 दर्ज किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में शामिल होने के चलते सोनीपत में भी यह आदेेश लागू रहेंगे। ग्रेप-3 के प्रतिबंध लागू होने से उद्योगपतियों की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। नए नियमों के अनुसार बिजली कट लगने पर उन्हें अपने उद्योग बंद करने पड़ेंगे।
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू हवा व वायु गुणवत्ता सूचकांक के 400 पार पहुंचते ही नए आदेश जारी किए हैं। जिसमें निर्माण कार्यों व क्रेशर, परंपरागत तरीके से चलने वाले ईंट-भट्ठों व डीजल पर चलने वाले जनरेटरों पर रोक लगा दी है। जिन औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति नहीं है, वहां सप्ताह में पांच दिन काम करने की छूट दी गई है। जिले की औद्योगिक इकाइयों में डीजल जेनरेटरों को पीएनजी या बायोमास फ्यूल में बदलने के लिए पहले ही आदेश जारी किए गए थे। नए आदेशों के बाद उद्योगपति अब डीजल जनरेटर नहीं चला सकेंगे। उद्योगपतियों का कहना है कि अगर उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए तो उन्हें जनरेटर की आवश्यकता ही नहीं होगी। बिजली के लगने वाले अघोषित कटों के कारण ही उद्योग चलाने के लिए डीजल जेनरेटरों का सहारा लेना पड़ता है। इससे खपत भी तीन गुणा अधिक बढ़ जाती है।
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पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया धीमी
उद्योगपतियों का कहना है कि राई व कुंडली क्षेत्र के उद्योगपतियों ने कई माह पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। अब तक 5 से 7 फीसदी उद्योगों को ही पीएनजी कनेक्शन मिल सकें हैं, जबकि अन्य उद्योग जनरेटर के सहारे ही चलाए जा रहे थे। नए आदेश के बाद अब जनरेटर भी बंद हो जाएंगे।
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बोले उद्योगपति
राई औद्योगिक क्षेत्र में करीब 1500 फैक्टरियां हैं। इनमें से महज 5 से 7 फीसदी उद्योगों में ही पीएनजी कनेक्शन मिले हैं। हालांकि अधिकतर ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया हुआ है। इन्हें पीएनजी कनेक्शन कब मिलेंगे, कुछ पता नहीं। ग्रैप-3 के तहत जारी नए आदेशों के बाद अब जनरेटर नहीं चला सकेंगे।
राकेश देवगन, प्रधान, राई औद्योगिक एसोसिएशन
एनजीटी की तरफ से पहली बार जनरेटरों पर पाबंदी लगाने के बाद से ही वह केवल बिजली पर ही अपने उद्योग चला रहे हैं। बिजली कट लगने पर उद्योग बंद ही रहते हैं। पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। यही कारण कि कुछ फैक्टरियों को छोड़ दें तो अधिकतर को पीएनजी कनेक्शन नहीं मिल पाया है।
सुभाष गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं निदेशक, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
खुले में भवन निर्माण सामग्री रखी तो काटे जाएंगे चालान
गन्नौर। एनजीटी के आदेशानुसार अब निर्माण सामग्री, बालू रेत, डस्ट, रोड़ी, ईंट खुले में नही रखे जा सकेंगे। लोगों को इन्हें ढककर रखना होगा। भवन निर्माण कार्यों पर आगामी आदेशों तक रोक रहेगी। पालिका अभियंता राहुल मोर ने कहा कि एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने पर नगर पालिका की तरफ से चालान काटे जाएंगे। उन्होंने दुकानदारों व लोगों से आह्वान किया कि वह निर्माण सामग्री को तिरपाल से ढक कर रखें व कूड़ा न जलाएं। उन्होंने लोगों को चेताया कि यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो 5 हजार या इससे अधिक राशि के चालान काटे जा सकते हैं।
यहां सरेआम हो रही आदेशों की अवहेलना
राई। फैक्टरियों से निकलने वाले खराब सामान को औद्योगिक क्षेत्र स्थित खाली मैदान में डालकर उसमें आग लगाई जा रही है। जिससे प्रदूषण फैल रहा है। रबड़, पॉलिथीन व केमिकल से निकलने वाला धुआं लोगों के लिए आफत बन रहा है। एनजीटी के आदेशों की सरेआम अवहेलना की जा रही है, लेकिन इस तरफ अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। जिस कारण लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 400 के पार पहुंचने पर हवा दमघोंटू हो गई है। आंखों में जलन महसूस होने लगी है। जिसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 के तहत निर्माण कार्यों, क्रेशर, डीजल से चलने वाले जनरेटरों पर पाबंधी लगाई है।
नवीन गुलिया, क्षेत्रीय निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत
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