{"_id":"61f9849cfef1ac1a5b59b810","slug":"after-a-month-the-school-returned-to-the-school-50-of-the-students-reached-on-the-first-day-sonipat-news-rtk6372354117","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह बाद स्कूलों में फिर लौटी रौनक, पहले दिन पहुंचे 50 फीसदी विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह बाद स्कूलों में फिर लौटी रौनक, पहले दिन पहुंचे 50 फीसदी विद्यार्थी
विज्ञापन
जी थ्री स्कूल में कोरोना नियमों की पालना के साथ शिक्षा ग्रहण करते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Sonipat
प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद मंगलवार को खुले सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के पहुंचने से रौनक लौट आई। हालांकि प्रथम चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ही स्कूल आने की छूट दी गई है। एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल में प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों का वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। तत्पश्चात उनकी थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज करते हुए प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में भी सभी विद्यार्थियों को मास्क लगाए रखने और सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी गई। सुबह 10 से दोपहर बाद 2 बजे तक बिना लंच ब्रेक के कक्षाएं लगीं। लंबे समय के बाद स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
कोरोना की तीसरी लहर में बढ़ते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी को सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। बाद में 1 से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। 13 जनवरी से शिक्षकों को रोस्टर अनुसार स्कूल में आने के आदेश दिए गए। इसके बाद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई। स्कूल बंद होने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने 3 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में वैक्सीनेशन शिविर लगाए गए। जिसके बाद से अब तक जिले के राजकीय स्कूलों के करीब 78 फीसदी विद्यार्थियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। प्रभावित हो रही पढ़ाई और टीकाकरण की बेहतर स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को खोलने की छूट दी।
कक्षाओं में हाजिरी रही कम
एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के ही विद्यार्थियों को स्कूल आने की छूट दी गई। मंगलवार को पहले दिन राजकीय स्कूलों में जहां 50 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे, वहीं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 65 से 80 फीसदी तक रही। सभी स्कूलों में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया, जिन्होंने वैक्सीन की एक डोज लगवाई हुई थी। सभी कक्षाओं में एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति दी गई। कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान बच्चों ने अपने मास्क लगाए रखा। जिस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही, उन्हें दो कमरों में बैठाया गया। पहले दिन स्कूल पहुंचकर विद्यार्थी खुश नजर आए। साउथ प्वाइंट स्कूल के चेयरमैन दिलबाग सिंह खत्री ने बताया कि पहले दिन 80 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। शिवा शिक्षा सदन स्कूल में पहले दिन 83 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। स्कूल संचालक वीरेंद्र बंसल ने बताया कि स्कूल में कोराना नियमों का पालन किया गया। ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल भी विद्यार्थियों की चहलकदमी से गुलजार नजर आया। स्कूल प्राचार्य गीता चोपड़ा ने विद्यार्थियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया। स्कूल चेयरमैन सुधीर जैन, सीईओ संजय जैन व अंकित जैन ने बताया कि जिन विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास नहीं लग रहीं, उन्हें अभी भी ऑनलाइन क्लास के माध्यम से शिक्षित किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोल दिया गया है। पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।
- नवीन गुलिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर में बढ़ते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी को सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। बाद में 1 से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। 13 जनवरी से शिक्षकों को रोस्टर अनुसार स्कूल में आने के आदेश दिए गए। इसके बाद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई। स्कूल बंद होने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने 3 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में वैक्सीनेशन शिविर लगाए गए। जिसके बाद से अब तक जिले के राजकीय स्कूलों के करीब 78 फीसदी विद्यार्थियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। प्रभावित हो रही पढ़ाई और टीकाकरण की बेहतर स्थिति को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को खोलने की छूट दी।
विज्ञापन
कक्षाओं में हाजिरी रही कम
एक महीने बाद खुले स्कूलों में पहले चरण में केवल 10वीं से 12वीं कक्षा तक के ही विद्यार्थियों को स्कूल आने की छूट दी गई। मंगलवार को पहले दिन राजकीय स्कूलों में जहां 50 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे, वहीं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 65 से 80 फीसदी तक रही। सभी स्कूलों में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश दिया, जिन्होंने वैक्सीन की एक डोज लगवाई हुई थी। सभी कक्षाओं में एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति दी गई। कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान बच्चों ने अपने मास्क लगाए रखा। जिस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही, उन्हें दो कमरों में बैठाया गया। पहले दिन स्कूल पहुंचकर विद्यार्थी खुश नजर आए। साउथ प्वाइंट स्कूल के चेयरमैन दिलबाग सिंह खत्री ने बताया कि पहले दिन 80 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। शिवा शिक्षा सदन स्कूल में पहले दिन 83 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। स्कूल संचालक वीरेंद्र बंसल ने बताया कि स्कूल में कोराना नियमों का पालन किया गया। ज्ञान गंगा ग्लोबल स्कूल भी विद्यार्थियों की चहलकदमी से गुलजार नजर आया। स्कूल प्राचार्य गीता चोपड़ा ने विद्यार्थियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया। स्कूल चेयरमैन सुधीर जैन, सीईओ संजय जैन व अंकित जैन ने बताया कि जिन विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास नहीं लग रहीं, उन्हें अभी भी ऑनलाइन क्लास के माध्यम से शिक्षित किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार से 10वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोल दिया गया है। पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी।
- नवीन गुलिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत